# उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा का कांग्रेस को बड़ा झटका, 150 के बदले केवल 55 सीटों का मिला प्रस्ताव

> उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्षी गठबंधन में सीट शेयरिंग पर तकरार बढ़ती दिख रही है, जहां कांग्रेस 150 सीटें मांग रही है वहीं समाजवादी पार्टी उसे केवल 53 से 55 सीटें देने पर विचार कर रही है।

**Type:** article · **Category:** उत्तर प्रदेश · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttar-pradesh/uttar-pradesh-vidhanasabha-chunava-men-sp-ka-congress-ko-bara-jhataka-150-ke-badale-kevala-55-siton-ka-mila-prastava-41766 · **Language:** Hindi
**Tags:** उत्तर प्रदेश चुनाव, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, अखिलेश यादव, इमरान मसूद, सीट बंटवारा, इंडिया गठबंधन, राजेंद्र पाल गौतम

उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए विपक्षी दलों के खेमे में सियासी हलचल तेज हो गई है। इंडिया गठबंधन के दोनों प्रमुख घटक दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच चुनावी सीटों के तालमेल को लेकर खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। एक तरफ जहां कांग्रेस प्रदेश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा ठोक रही है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी उसे 100 सीटें तक देने के पक्ष में नहीं दिख रही है। सपा का पूरा जोर केवल 53 से 55 सीटें कांग्रेस की झोली में डालने और बाकी बची करीब 350 सीटों पर खुद अपने प्रत्याशी मैदान में उतारने पर है।

## सीटों के बंटवारे पर समाजवादी पार्टी का जीत वाला फार्मूला
समाजवादी पार्टी की रणनीति पूरी तरह से पिछले चुनावी प्रदर्शन और जीत की संभावनाओं पर आधारित फार्मूले पर टिकी है। पार्टी का स्पष्ट रुख है कि गठबंधन में सीटों का आवंटन महज मांग के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक चुनावी ताकत और जमीनी मजबूती के आधार पर तय होना चाहिए। सपा उन सभी विधानसभा क्षेत्रों पर अपने प्रत्याशी उतारने की पूरी तैयारी कर रही है जहां उसका संगठन मजबूत है। इसी रणनीति के तहत सपा नेतृत्व खुद 350 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना पर काम कर रहा है और कांग्रेस के लिए केवल 53 से 55 सीटों की गुंजाइश छोड़ रहा है।

## साल 2024 के लोकसभा नतीजों से तय हो रहा गणित
सीटों के इस प्रस्तावित बंटवारे के पीछे साल 2024 के लोकसभा चुनाव के आंकड़े मुख्य आधार बने हुए हैं। आम चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 6 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसके दायरे में 30 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इसके अलावा 11 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस द्वारा लड़ी गई सीटों पर विधानसभा वार मिली बढ़त और जीत के आधार पर ही सपा उसे 53 से 55 सीटों की पेशकश कर रही है। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने 2024 के चुनाव में 37 लोकसभा सीटों पर शानदार जीत दर्ज की थी। अपनी जीती हुई सीटों और हारी हुई सीटों में मिले विधानसभा वार बढ़त के पूरे आंकड़े को जोड़कर सपा ने अपने लिए 350 सीटों पर दावेदारी तैयार की है।

## कांग्रेस की तरफ से 150 सीटों की मांग और दबाव की राजनीति
सपा के इस कड़े रुख के विपरीत कांग्रेस नेता लगातार ज्यादा सीटों की मांग पर अड़े हुए हैं। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद कई मौकों पर सार्वजनिक तौर पर यह बात दोहरा चुके हैं कि पार्टी कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। कांग्रेस के नेता सीट बंटवारे को लेकर सपा नेतृत्व पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश में जुटे हैं। हालांकि, समाजवादी पार्टी किसी भी तरह के दबाव में आकर ज्यादा सीटें छोड़ने के मूड में कतई नजर नहीं आ रही है।

## इमरान मसूद की दो टूक चेतावनी और गठबंधन पर फैसला
सीट बंटवारे में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस के भीतर भी बेचैनी साफ नजर आ रही है। हाल ही में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी से 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन पर तुरंत और ठोस फैसला लेने की खुली अपील की थी। उन्होंने साफ शब्दों में जोर देकर कहा कि अगर दोनों दलों को मिलकर चुनाव लड़ना है तो गठबंधन को बिना किसी देरी के अंतिम रूप दिया जाना चाहिए, अन्यथा कांग्रेस अपनी सभी चुनावी तैयारियां खुद शुरू कर देगी। मसूद के इस कड़े बयान से साफ है कि सीटों का यह विवाद आने वाले दिनों में गठबंधन के भीतर और गहरा सकता है।

## इसका आप पर असर
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में सीटों की यह खींचतान गठबंधन के उम्मीदवारों और मतदाताओं दोनों के विकल्पों को सीधे तौर पर प्रभावित करेगी।

- **उत्तर प्रदेश में:** गठबंधन के तहत सीटों का फैसला होने से स्थानीय कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी की स्पष्ट दिशा मिलेगी। जिन सीटों पर कांग्रेस को टिकट नहीं मिलेगा, वहां के दावेदारों को अपने राजनीतिक भविष्य के लिए नए रास्ते तलाशने पड़ सकते हैं।
- **मतदाताओं पर प्रभाव:** विपक्षी गठबंधन की स्पष्ट स्थिति सामने आने से मतदाताओं के सामने सीधे मुकाबले की तस्वीर साफ होगी। अगर दोनों दल अलग चुनाव लड़ते हैं, तो कई क्षेत्रों में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।
- **टिकट के दावेदारों पर:** कांग्रेस के 150 सीटों के दावे के मुकाबले 55 सीटें मिलने से पार्टी के कई स्थानीय नेताओं के चुनाव लड़ने की उम्मीदों को झटका लग सकता है। इससे नाराज स्थानीय नेताओं के दल बदलने या बागी होकर चुनाव लड़ने की संभावना बढ़ सकती है।
- **राष्ट्रीय राजनीति पर:** उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे का रुख राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन के आपसी तालमेल की मजबूती को प्रभावित करेगा। इसका सीधा असर अन्य चुनावी राज्यों में सहयोगी दलों के बीच सीट समझौते पर भी पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के बीच सीटों का यह विवाद हालिया चुनावी प्रदर्शन और दोनों दलों की जमीनी ताकत के अलग-अलग आकलनों की वजह से पैदा हुआ है।

- **सीधा कारण:** कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए कम से कम 150 सीटों की मांग कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी उसे केवल 53 से 55 सीटें देने पर अड़ी है। इस विशाल अंतर के चलते दोनों दलों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है।
- **चुनावी आधार:** सपा 2024 के लोकसभा चुनाव में 37 सीटें जीतकर राज्य में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी थी, जिससे उसका मनोबल ऊंचा है। वहीं कांग्रेस 6 लोकसभा सीटों और 30 विधानसभा क्षेत्रों में मिली जीत के दम पर अपनी दावेदारी मजबूत बता रही है।
- **सपा की रणनीति:** समाजवादी पार्टी का मानना है कि जहां उसका संगठन मजबूत है, वहां केवल उसी के प्रत्याशी उतारे जाएं ताकि विपक्षी वोट बर्बाद न हों। इसी वजह से वह करीब 350 सीटों पर खुद लड़कर सरकार बनाने की स्थिति में पहुंचना चाहती है।
- **समय का दबाव:** कांग्रेस नेताओं का मानना है कि चुनाव की तैयारी के लिए जल्द सीटों का बंटवारा जरूरी है, इसलिए वे सपा पर जल्द फैसला लेने का खुला दबाव बना रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. समाजवादी पार्टी कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में कितनी सीटें देना चाहती है?
समाजवादी पार्टी गठबंधन के तहत कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में 53 से 55 विधानसभा सीटें देने का प्रस्ताव कर रही है।

### 2. कांग्रेस उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कितनी सीटों की मांग कर रही है?
कांग्रेस के नेता सार्वजनिक तौर पर कम से कम 150 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग कर रहे हैं।

### 3. समाजवादी पार्टी खुद कितनी सीटों पर प्रत्याशी उतारने की योजना बना रही है?
समाजवादी पार्टी राज्य की कुल विधानसभा सीटों में से करीब 350 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है।

### 4. सीट बंटवारे के लिए सपा ने क्या चुनावी फार्मूला बनाया है?
सपा 2024 के लोकसभा चुनाव में जीती और हारी हुई सीटों पर विधानसभा वार मिली बढ़त को आधार बनाकर सीटें तय कर रही है।

### 5. 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा को यूपी में कितनी सीटें मिली थीं?
साल 2024 के आम चुनाव में समाजवादी पार्टी को 37 सीटों पर और कांग्रेस को 6 सीटों पर जीत मिली थी।

### 6. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने गठबंधन को लेकर क्या कहा है?
इमरान मसूद ने सपा से गठबंधन पर जल्द फैसला लेने की अपील की है और कहा कि फैसला नहीं हुआ तो वे अपनी तैयारी खुद शुरू करेंगे।

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