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  "type": "article",
  "title": "वाराणसी में चेतावनी स्तर के पार पहुंची गंगा, 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी; NDRF तैनात और राहत शिविर सक्रिय",
  "summary": "वाराणसी के राजघाट गेज स्थल पर गंगा का जलस्तर 70.54 मीटर तक पहुंच गया है, जो 70.262 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर है। नदी का जलस्तर हर घंटे 2 सेंटीमीटर बढ़ रहा है, जिसके बाद प्रशासन ने तटीय इलाकों में चौकसी बढ़ाते हुए राहत कार्य शुरू कर दिए हैं।",
  "content": "धर्मनगरी वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से चढ़ने के कारण तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी परिस्थितियां पैदा हो गई हैं। गुरुवार सुबह 6 बजे राजघाट गेज स्थल पर गंगा का जलस्तर 70.54 मीटर दर्ज किया गया, जो 70.262 मीटर के चेतावनी स्तर को पार कर चुका है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, नदी का पानी वर्तमान में करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से लगातार बढ़ रहा है। राजघाट पर खतरे का निशान 71.262 मीटर पर स्थित है, जबकि इस स्थान पर अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 73.901 मीटर दर्ज किया गया है। गंगा नदी के इस उफान का प्रभाव व्यापक क्षेत्र में देखा जा रहा है, जहां भागलपुर में 100 साल पुराना चैती मंदिर पहले ही नदी के तेज बहाव में समा चुका है।\n\nतटीय इलाकों में बाढ़ का संकट और प्रशासनिक दौरा\nगंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर ने वाराणसी के कई निचले क्षेत्रों में पानी भर दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों का जमीनी दौरा किया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने जलभराव से प्रभावित तथा विस्थापित हुए स्थानीय नागरिकों के लिए की गई प्रशासनिक व्यवस्थाओं का विस्तृत ब्योरा लिया और राहत कार्यों की समीक्षा की।\n\n \n\nNDRF की नाव से बस्तियों का जायजा\nनिरीक्षण के दौरान पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी नमो घाट से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की नौका पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित मोहल्लों की स्थिति देखने पहुंचे। उन्होंने सालारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया और सराय मोहाना का सघन दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने जलमग्न गलियों और बस्तियों में पहुंचकर प्रभावित नागरिकों से बातचीत की और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहने, प्रभावित बस्तियों की सतत निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर नागरिकों को तुरंत स्थानांतरित करने की तैयारी पूर्ण रखने के निर्देश दिए। साथ ही आपात स्थिति के लिए पर्याप्त संख्या में नौकाओं और बचाव उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।\n\nनिगरानी और पुलिस बल की सक्रियता\nपुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने पुलिस बल और NDRF के जवानों को प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात गश्त करने तथा निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया दी जानी चाहिए। प्रशासन की ओर से नदी के समीप रहने वाले परिवारों से विशेष सावधानी बरतने और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों की टीम ने सालारपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय और विद्या बिहार इंटर कॉलेज में बनाए गए बाढ़ राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया, जहां विस्थापित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली गई।\n\nराहत शिविरों में स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रबंध\nजिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी राहत शिविरों में गुणवत्तापूर्ण भोजन, शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली, रोशनी, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। शिविरों में बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए स्वास्थ्य टीमों को नियमित जांच करने और आवश्यक औषधियों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने को कहा गया है। इसके अलावा, नगर निगम को शिविरों में सफाई व्यवस्था सुदृढ़ रखने और पुलिस प्रशासन को सुरक्षा चिंताओं के समाधान हेतु राहत केंद्रों में CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nवाराणसी में गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटीय रिहाइशी बस्तियों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।\n\n• भारत में: पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के गंगा मैदानी इलाकों में मानसूनी नदियों के उफान से निचले क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है। तटीय क्षेत्रों में यात्रा या नौका संचालन करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।\n• वाराणसी में: सराय मोहाना, सालारपुर, सरैया, कोनिया, ढेलवरिया और पुल कोहना जैसी निचली बस्तियों के निवासियों के लिए जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो गया है। प्रभावित परिवारों के लिए प्राथमिक विद्यालय सालारपुर और विद्या बिहार इंटर कॉलेज में अस्थायी राहत शिविर चालू कर दिए गए हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. वाराणसी में गंगा नदी का वर्तमान जलस्तर कितना दर्ज किया गया है?\nगुरुवार सुबह 6 बजे राजघाट गेज स्थल पर गंगा नदी का जलस्तर 70.54 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है।\n\n2. राजघाट पर गंगा नदी का चेतावनी स्तर और खतरे का निशान कितना है?\nराजघाट पर चेतावनी स्तर 70.262 मीटर है और खतरे का निशान 71.262 मीटर निर्धारित है।\n\n3. गंगा नदी का पानी किस गति से बढ़ रहा है?\nकेंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर फिलहाल लगभग 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।\n\n4. प्रशासन ने निरीक्षण के लिए किन इलाकों का दौरा किया?\nअधिकारियों ने नमो घाट से NDRF की नाव द्वारा सालारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया और सराय मोहाना का निरीक्षण किया।\n\n5. बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कौन से राहत शिविर बनाए गए हैं?\nसालारपुर के प्राथमिक विद्यालय और विद्या बिहार इंटर कॉलेज में बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।",
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  "category": "उत्तर प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-09-03",
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