वाराणसी में लोलार्क छठ की तैयारी, दो किलोमीटर लंबी बैरिकेडिंग और चार सौ पुलिसकर्मी संभालेंगे कमान वाराणसी में लोलार्क छठ के महापर्व को लेकर प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। अस्सी स्थित लोलार्क कुंड पर पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए सुरक्षा और छांव के विशेष प्रबंध किए गए हैं। वाराणसी में त्योहारों के इस खास मौके पर लोलार्क छठ महापर्व की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। शिव नगरी काशी में इस धार्मिक अवसर पर देश के कोने-कोने से विवाहित जोड़े संतान प्राप्ति की मंगल कामना लेकर पहुंचते हैं और अस्सी इलाके में स्थित प्रसिद्ध लोलार्क कुंड में आस्था की डुबकी लगाते हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। इस बार भारी भीड़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए दो किलोमीटर से अधिक लंबी बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। भदैनी से पांडेय हवेली तक डबल बैरिकेडिंग और छांव के प्रबंध भदैनी स्थित लोलार्क कुंड से लेकर पांडेय हवेली तक इस बार दोहरी बैरिकेडिंग यानी डबल बैरिकेडिंग की गई है ताकि आवाजाही सुचारू बनी रहे। इसके अलावा मौजूदा मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं को कड़ी धूप से बचाने के लिए बैरिकेडिंग के ऊपर कपड़े की टेंटनुमा छांव की व्यवस्था भी की गई है। भीड़ को नियंत्रित रखने और धक्का-मुक्की से बचने के लिए प्रवेश और निकासी द्वार पूरी तरह अलग-अलग बनाए गए हैं ताकि एक ही स्थान पर अत्यधिक भीड़ जमा न हो सके। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और चार सौ जवानों की तैनाती प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सबसे ऊपर रखते हुए इलाके में कुल 400 जवानों को तैनात करने का निर्णय लिया है। इस सुरक्षा बल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। एडीसीपी वैभव बांगर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस बल के अतिरिक्त पीएसी और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां भी मौके पर मुस्तैद रहेंगी। इस पर्व में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल होती हैं, इसे ध्यान में रखते हुए हर प्रमुख पॉइंट पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती पक्की की गई है। ये सभी सुरक्षाकर्मी 16 सितंबर की शाम से ही अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हो जाएंगे। पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान मध्य रात्रि से स्नान की प्रक्रिया आरंभ होगी जो 17 सितंबर को पूरे दिन अनवरत जारी रहेगी। अनुमान जताया जा रहा है कि इस बार लोलार्क छठ पर पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु लोलार्क कुंड में पवित्र स्नान के लिए पहुंचेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए कुंड परिसर में एनडीआरएफ और जल पुलिस को भी तैनात किया गया है। इसके साथ ही अस्सी, शिवाला और सोनारपुरा मार्ग पर वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इन मार्गों के अलावा आसपास के सभी संपर्क मार्गों पर भी पुलिस की कड़ी नजर बनी रहेगी। ड्रोन कैमरों और कमांड सेंटर से होगी चप्पे-चप्पे की निगरानी कुंड के आसपास के इलाकों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के लिहाज से ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही स्थापित कमांड सेंटर के जरिए जवान हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर अपनी नजर बनाए रखेंगे ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। प्रशासन की इन तैयारियों का मकसद आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम माहौल प्रदान करना है ताकि पर्व का आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हो सके। इसका आप पर असर लोलार्क छठ के दौरान वाराणसी में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को यातायात डायवर्जन और भारी भीड़ का सामना करना पड़ेगा। • भारत में: देश के विभिन्न राज्यों से संतान प्राप्ति की मन्नत लेकर वाराणसी आने वाले दंपतियों को इस बार विशेष सुरक्षा घेरे और व्यवस्थित प्रवेश मार्गों का लाभ मिलेगा। • वाराणसी में: अस्सी, शिवाला और सोनारपुरा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना होगा। • यातायात व्यवस्था: अस्सी और आसपास के इलाकों में दो किलोमीटर लंबी बैरिकेडिंग और ड्रोन कैमरों से निगरानी के कारण आवागमन धीमा रह सकता है। • स्वास्थ्य और सुविधा: धूप से बचाव के लिए बैरिकेडिंग पर छांव की व्यवस्था की गई है, जिससे पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं को तेज धूप से राहत मिलेगी। • सुरक्षा प्रबंध: चार सौ पुलिसकर्मियों, एनडीआरएफ और जल पुलिस की तैनाती से कुंड परिसर और आसपास के घाटों पर सुरक्षा कड़ी रहेगी। ऐसा क्यों हुआ प्रशासन द्वारा लोलार्क छठ पर भारी सुरक्षा और व्यापक इंतजाम करने के पीछे विशाल जनसमूह और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं हैं। • संभावित भारी भीड़: हर साल इस महापर्व पर देश भर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिसे देखते हुए इस बार पांच लाख से अधिक लोगों के जुटने का अनुमान लगाया गया है। • सुरक्षा और सुगमता: कुंड परिसर में पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार की भगदड़ या आपात स्थिति को रोकने के लिए पुख्ता योजना बनाई गई है। • मौसम का प्रभाव: सितंबर महीने में धूप और गर्मी की तीव्रता को देखते हुए श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए बैरिकेडिंग पर छांव की व्यवस्था की गई है। सवाल-जवाब 1. लोलार्क छठ का स्नान कहाँ आयोजित होता है? लोलार्क छठ का स्नान वाराणसी के अस्सी स्थित लोलार्क कुंड में आयोजित किया जाता है। 2. इस वर्ष कितने श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है? इस वर्ष लोलार्क छठ के अवसर पर पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया है। 3. स्नान की प्रक्रिया कब से शुरू होगी? स्नान मध्य रात्रि में शुरू होगा और 17 सितंबर को पूरे दिन चलेगा। 4. सुरक्षा के लिए कितने पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है? सुरक्षा और व्यवस्था के लिए प्रशासन ने 400 जवानों को तैनात किया है। 5. कौन-कौन से मार्ग वाहनों के लिए बंद रहेंगे? अस्सी, शिवाला और सोनारपुरा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। https://trendkia.com/uttar-pradesh/varanasi-men-lolark-chhat-ki-taiyari-do-kilomitara-lnbi-bairikedinga-aura-chara-sau-pulisakarmi-snbhalenge-kamana-32372 TrendKia — Har trend, sabse pehle.