वाराणसी: स्टे के बावजूद दालमंडी में गरजा बुलडोजर, 14 जर्जर भवन ढहे, जून के आखिर तक चौड़ी होगी सड़क वाराणसी के दालमंडी में चौड़ीकरण के लिए VDA, PWD और नगर निगम की संयुक्त टीम ने 14 अवैध व जर्जर भवनों पर कार्रवाई की, जबकि हाई कोर्ट से स्टे पाए 20 मकानों को छुआ तक नहीं गया। वाराणसी के व्यस्ततम और ऐतिहासिक बाजारों में से एक दालमंडी इन दिनों चौड़ीकरण और सुंदरीकरण की बड़ी कवायद से गुजर रहा है। इसी मुहिम के तहत वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA), लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगर निगम की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर उतरी और एक बड़े ध्वस्तीकरण अभियान को अंजाम दिया। इस दौरान प्रशासन ने 14 नए भवनों को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिन्हें पहले ही अवैध और जर्जर घोषित किया जा चुका था। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हलचल मच गई। कोर्ट के स्टे का पूरा सम्मान, 20 मकान छोड़े गए दालमंडी के कुछ निवासी इस अभियान के विरोध में हाईकोर्ट पहुंचे थे। उनकी याचिका पर अदालत ने क्षेत्र के 20 चिन्हित मकानों पर किसी भी तरह की दंडात्मक या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक यानी स्टे लगा दिया था। प्रशासन ने अदालत के इस आदेश का पूरी तरह पालन करते हुए उन 20 मकानों को बिल्कुल अछूता रखा। कार्रवाई सिर्फ उन्हीं 14 भवनों तक सीमित रही, जिन्हें VDA और नगर निगम पहले ही 'अवैध और जर्जर' बताते हुए खाली करने का कानूनी नोटिस थमा चुके थे। संकरी गलियों में कटर और हथौड़े बने हथियार TrendKia को ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार, दालमंडी की तंग गलियों और घनी बसावट को देखते हुए ध्वस्तीकरण के लिए मजदूरों की कई अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं। जिन जगहों तक बड़ी मशीनें नहीं पहुंच पा रहीं, वहां कटर मशीनों और हथौड़ों की मदद से खतरनाक हो चुके निर्माणों को गिराया जा रहा है। बुलडोजर और हथौड़ों की गूंज के बीच पूरा बाजार सहमा रहा। एसीपी अतुल अंजान ने संभाली कमान इस संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी विरोध या कानून-व्यवस्था की गड़बड़ी को रोकने के लिए पुलिस ने खुद कमान संभाली। मौके पर सुरक्षा का जायजा लेने पहुंचे एसीपी अतुल अंजान ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांतिपूर्ण ढंग से सिर्फ चिन्हित जर्जर व अवैध हिस्सों को हटाया जा रहा है। जून के आखिरी हफ्ते तक पूरा करने का लक्ष्य VDA और नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, दालमंडी रोड चौड़ीकरण के इस अभियान में ध्वस्तीकरण का काम हर हाल में जून के आखिरी सप्ताह तक खत्म करने का सख्त लक्ष्य तय किया गया है। इसी समय-सीमा को देखते हुए काम की रफ्तार चार गुनी कर दी गई है, ताकि तय समय में मलबा हटाकर सड़क चौड़ीकरण को गति दी जा सके। आने वाले दिनों में बचे हुए जर्जर हिस्सों पर भी कार्रवाई और तेज होगी, जिससे काशी के इस पुराने बाजार को नया, सुव्यवस्थित और सुरक्षित स्वरूप दिया जा सके। https://trendkia.com/uttar-pradesh/varanasi-ste-ke-bavajuda-dalamndi-men-garaja-buladojara-14-jarjara-bhavana-dhahe-811 TrendKia — Har trend, sabse pehle.