विंध्याचल स्टेशन से मंदिर तक 38 करोड़ रुपये में बन रही 40 फीट चौड़ी सड़क, नवरात्रि से पहले मिलेगी राहत उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में विंध्याचल स्टेशन से मां विंध्यवासिनी धाम के बीच 38 करोड़ रुपये की लागत से 40 फीट चौड़ा मार्ग तैयार किया जा रहा है। डेढ़ किलोमीटर लंबे इस रास्ते का काम अंतिम चरण में है और इसे आगामी नवरात्रि से पहले पूरा करने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित मां विंध्यवासिनी धाम आने वाले श्रद्धालुओं के सफर को सुगम बनाने के लिए बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। विंध्याचल रेलवे स्टेशन से मंदिर परिसर तक पहुंचने वाले मार्ग को अब 40 फीट चौड़ा बनाया जा रहा है, जिससे यहां पहुंचने वाले लाखों भक्तों को संकरे रास्तों और जाम के झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिल सकेगी। इस निर्माण परियोजना का काम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जिससे मंदिर और स्टेशन के बीच की यात्रा पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। 70 भवनों की खरीद के बाद शुरू हुआ डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग का काम विंध्याचल रेलवे स्टेशन से मां विंध्यवासिनी धाम तक का यह संपर्क मार्ग लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबा है। इस पूरे रास्ते को चौड़ा करने के लिए प्रशासन ने पहले 70 भवनों की खरीद की, जिसके बाद चौड़ीकरण की जमीन तैयार हो सकी। 38 करोड़ रुपये के कुल बजट से तैयार हो रही इस सड़क पर निर्माण कार्य बेहद तेज गति से चलाया जा रहा है। निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं कि आगामी नवरात्रि मेले की शुरुआत से पहले सारा काम मुकम्मल कर लिया जाए, ताकि उस दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को कोई असुविधा न झेलनी पड़े। जल निकासी के लिए दोनों किनारों पर नालियों का निर्माण सड़क को 40 फीट चौड़ा आकार देने के साथ-साथ भविष्य में जलभराव की समस्या न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा गया है। इसके तहत मार्ग के दोनों तरफ पक्की नालियां बनाई जा रही हैं, जिससे बरसात के दिनों में पानी आसानी से निकल सके और श्रद्धालुओं को कीचड़ या गंदे पानी से होकर न गुजरना पड़े। रास्ता चौड़ा होने से यहां वाहनों और पैदल चलने वाले दर्शनार्थियों के बीच जाम लगने की स्थिति भी पैदा नहीं होगी। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने जताई संतुष्टि धाम में हो रहे विकास कार्यों को लेकर स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि केवल मां विंध्यवासिनी धाम ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि वे कलयुग में भगवान विश्वकर्मा की तरह सभी देव स्थलों का नवसृजन कर रहे हैं, जो गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले अब धाम की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है और ऐसे विकास कार्य आगे भी जारी रहने चाहिए। रेलवे स्टेशन से आवागमन में मिलेगी बड़ी सहूलियत परिसर में मौजूद राधेश्याम सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अतीत में यहां ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी जिसकी प्रशंसा की जा सके, लेकिन वर्तमान में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में धाम का परिदृश्य ही बदल गया है। पहले जब यात्री या श्रद्धालु रेलवे स्टेशन से आते थे, तो बेहतर रास्तों और प्रबंधों का अभाव रहता था। अब सड़क का निर्माण हो जाने से आने वाले दिनों में हर भक्त को सीधी राहत मिलेगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस तरह के विकास मॉडल को अन्य धार्मिक स्थलों पर भी अपनाया जाना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं की दिक्कतें हमेशा के लिए खत्म हो सकें। इसका आप पर असर इस चौड़ीकरण परियोजना के पूरा होने से विंध्याचल स्टेशन और मंदिर के बीच आवाजाही करने वाले लाखों तीर्थयात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। • भारत में: देश भर से मां विंध्यवासिनी धाम के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को स्टेशन पर उतरते ही सुगम और चौड़ा रास्ता मिलेगा। इससे नवरात्रि और अन्य प्रमुख अवसरों पर भारी भीड़ के बावजूद पैदल और वाहन यात्रियों को घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। • मिर्जापुर में: स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को संकरे रास्तों और जलभराव की रोजमर्रा की परेशानी से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। दोनों तरफ पक्की नालियां बनने से बारिश के मौसम में गंदा पानी सड़कों पर नहीं फैलेगा और इलाके में स्वच्छता बनी रहेगी। • यात्रा समय: स्टेशन से धाम के बीच की डेढ़ किलोमीटर की दूरी अब चंद मिनटों में तय की जा सकेगी। इससे बुजुर्गों और बच्चों के साथ आने वाले परिवारों को यात्रा के दौरान अत्यधिक थकान और धक्का-मुक्की का सामना नहीं करना पड़ेगा। • स्थानीय कारोबार: बेहतर सड़क और सुव्यवस्थित आवागमन से मंदिर क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। त्योहारों के समय भीड़ प्रबंधन आसान होने से स्थानीय दुकानदारों और टैक्सी चालकों का कामकाज बिना किसी रुकावट के चलेगा। ऐसा क्यों हुआ मां विंध्यवासिनी धाम में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन और विंध्याचल स्टेशन से मंदिर तक पुराने संकरे रास्तों के कारण यह बुनियादी ढांचा परियोजना शुरू की गई है। • भीड़ और जाम का दबाव: धाम के विकास के बाद यहां दर्शनार्थियों की संख्या लाखों में पहुंच गई है, जिसके चलते डेढ़ किलोमीटर का पुराना संपर्क मार्ग यातायात का दबाव झेलने में असमर्थ साबित हो रहा था। इस संकरे रास्ते पर लगातार जाम लगने से तीर्थयात्रियों को स्टेशन से मंदिर तक पहुंचने में भारी कठिनाई होती थी। • भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया: सड़क को 40 फीट तक चौड़ा करने के लिए मार्ग में आ रहे 70 निजी और सार्वजनिक भवनों को अधिग्रहित किया गया। प्रशासन द्वारा इन भवनों की खरीद पूरी होने के बाद ही सड़क और दोनों ओर नालियां बनाने का रास्ता साफ हुआ। • नवरात्रि मेले की समयसीमा: आगामी नवरात्रि मेले में भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए 38 करोड़ रुपये की लागत से इस काम को युद्धस्तर पर पूरा कराया जा रहा है। इसका मकसद त्योहार शुरू होने से पहले जल निकासी और सुगम आवागमन की पुख्ता व्यवस्था तैयार करना है। सवाल-जवाब 1. विंध्याचल स्टेशन से मां विंध्यवासिनी धाम तक की सड़क कितनी चौड़ी की जा रही है? इस सड़क को 40 फीट चौड़ा किया जा रहा है। 2. इस सड़क निर्माण परियोजना की कुल लागत कितनी है? सड़क निर्माण पर कुल 38 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। 3. सड़क की कुल लंबाई कितनी है और इसके लिए कितने भवन खरीदे गए? यह मार्ग करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा है और इसे चौड़ा करने के लिए 70 भवनों की खरीद की गई है। 4. यह निर्माण कार्य कब तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है? इस पूरे काम को आगामी नवरात्रि से पहले पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 5. सड़क पर जलभराव रोकने के लिए क्या प्रबंध किए जा रहे हैं? सड़क के दोनों किनारों पर पक्की नालियों का निर्माण किया जा रहा है ताकि जल निकासी सुचारू रूप से हो सके। https://trendkia.com/uttar-pradesh/vindhyachal-steshana-se-mndira-taka-38-karora-rupaye-men-bana-rahi-40-phita-chauri-saraka-navratri-se-pahale-milegi-rahata-42972 TrendKia — Har trend, sabse pehle.