विशेष फव्वारे और अनूठे मिजाज के बल पर गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में छाया गंगा प्रसाद गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में 'माखना' नस्ल का युवा हाथी गंगा प्रसाद अपनी चंचल गतिविधियों, विशेष फव्वारे वाले बाड़े और अनूठे व्यवहार के कारण पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में कई प्रकार के वन्यजीव मौजूद हैं, परंतु वहां आने वाले लोगों के बीच एक विशेष जीव सबसे अधिक लोकप्रिय साबित हो रहा है। यह लोकप्रिय जीव 'गंगा प्रसाद' नाम का एक हाथी है, जो अपनी अनोखी आदतों, विशिष्ट चाल-ढाल और चंचल व्यवहार के कारण पूरे शहर में चर्चा का विषय बना रहता है। चिड़ियाघर भ्रमण पर आने वाले अधिकांश पर्यटक गंगा प्रसाद को देखे बिना अपनी यात्रा पूरी नहीं मानते। उसकी अनूठी शारीरिक बनावट और मनमोहक गतिविधियां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लेती हैं। माखना प्रजाति और शारीरिक विशेषता गंगा प्रसाद की शारीरिक संरचना अन्य सामान्य हाथियों से काफी अलग है। चिड़ियाघर के डॉक्टर योगेश के अनुसार, गंगा प्रसाद एक युवा वयस्क हाथी है और वह हाथियों की विशिष्ट 'माखना' प्रजाति से ताल्लुक रखता है। माखना प्रजाति के हाथियों की सबसे प्रमुख पहचान यह होती है कि इनके दांत अन्य हाथियों की तुलना में अपेक्षाकृत छोटे आकार के होते हैं। यही कारण है कि गंगा प्रसाद को देखते ही लोग उसे आसानी से पहचान लेते हैं और उसकी यह अलग छवि उसे प्राणी उद्यान के अन्य जीवों से भिन्न बनाती है। मिजाज और महावत से नाराजगी के पल अपने दोस्ताना अंदाज के साथ-साथ गंगा प्रसाद का एक अलग मिजाज भी देखने को मिलता है। डॉक्टर योगेश बताते हैं कि कई अवसरों पर गंगा प्रसाद अपने महावत पर गुस्सा हो जाता है। जब वह नाराजगी जताता है, तो गुस्से में अपने सिर को तेजी से घुमाने लगता है। उसकी इस नाटकीय और गुस्सैल हरकत को देखकर बाड़े के आसपास खड़े पर्यटकों का ध्यान तुरंत उसकी तरफ केंद्रित हो जाता है। उसकी यह नटखट और कभी-कभी आक्रामक लगने वाली अदा दर्शकों के लिए कौतुहल का विषय बन जाती है। 'मस्त' चक्र और चिड़ियाघर की विशेष निगरानी हाथियों के जीवन में एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया होती है जिसे 'मस्त' कहा जाता है। इस चरण के दौरान हाथियों के हार्मोनल बदलाव के कारण उनके स्वभाव में उग्रता और आक्रामकता में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। चूंकि गंगा प्रसाद अभी युवावस्था में है, इसलिए उसमें भी समय-समय पर मस्त की स्थिति देखने को मिलती है। इस दौरान चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से अत्यंत सावधानी बरती जाती है। गंगा प्रसाद की सुरक्षा और उसके व्यवहार पर नजर रखने के लिए प्राणी उद्यान में एक समर्पित टीम तैनात रहती है, जो लगातार उसकी गतिविधियों का अवलोकन करती है। विशेष फव्वारा सुविधा और संतुलित खान-पान गंगा प्रसाद की सुविधाओं का चिड़ियाघर में विशेष ख्याल रखा जाता है। वह शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान का एकमात्र ऐसा वन्यजीव है, जिसके बाड़े के भीतर एक विशेष फव्वारा प्रणाली स्थापित की गई है। भीषण गर्मी या मौसम में बदलाव के समय गंगा प्रसाद इस फव्वारे के नीचे नहाने और ठंडक का आनंद लेता है। इसके अतिरिक्त, उसकी सेहत बनाए रखने के लिए एक विशेष आहार चक्र निर्धारित किया गया है। उसे नियमित रूप से ताजे फल, विभिन्न प्रकार की हरी सब्जियां और पेड़ों की हरी डालियां खाने के लिए दी जाती हैं। उसकी सेहत और खान-पान का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है, जिससे वह पूरी तरह तंदुरुस्त रहे। इसका आप पर असर • भारत में: चिड़ियाघरों और प्राणी उद्यानों में हाथियों की प्रजातियों, जैसे 'माखना' हाथियों की प्राकृतिक शारीरिक संरचना और उनके 'मस्त' चरण के दौरान देखभाल के तौर-तरीकों को समझने का अवसर मिलता है। • गोरखपुर में: शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान आने वाले पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए गंगा प्रसाद मुख्य आकर्षण है, जिसके बाड़े में विशेष फव्वारा प्रणाली और संतुलित आहार की व्यवस्था की गई है। सवाल-जवाब 1. गंगा प्रसाद किस चिड़ियाघर में रहता है? गंगा प्रसाद उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में रहता है। 2. गंगा प्रसाद किस प्रजाति का हाथी है और उसकी शारीरिक विशेषता क्या है? वह 'माखना' प्रजाति का एक युवा वयस्क हाथी है। इस प्रजाति के हाथियों के दांत अन्य हाथियों की तुलना में अपेक्षाकृत छोटे होते हैं। 3. हाथियों में 'मस्त' की स्थिति क्या होती है? मस्त हाथियों में होने वाली एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है, जिसके दौरान उनके व्यवहार में उग्रता और आक्रामकता बढ़ सकती है। 4. गंगा प्रसाद के बाड़े में क्या विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है? वह चिड़ियाघर का इकलौता ऐसा जानवर है जिसके बाड़े में विशेष फव्वारा प्रणाली लगाई गई है, जिससे वह मौसम परिवर्तन और गर्मी में राहत पाता है। 5. गुस्सा होने पर गंगा प्रसाद कैसा व्यवहार करता है? चिड़ियाघर के डॉक्टर योगेश के अनुसार, महावत से नाराज होने पर गंगा प्रसाद गुस्से में अपना सिर घुमाने लगता है, जो पर्यटकों का ध्यान खींचता है। https://trendkia.com/uttar-pradesh/vishesha-phavvare-aura-anuthe-mijaja-ke-bala-para-gorakhpur-ke-shaheed-ashfaq-ullah-khan-zoological-park-men-chhaya-ganga-prasad-22121 TrendKia — Har trend, sabse pehle.