यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 मुसाफिरों की जिंदा जलने से गई जान ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर कार्गो एयरपोर्ट के पास चलती स्लीपर बस में अचानक भयंकर आग लग गई, जिसमें झुलसकर 9 यात्रियों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। नोएडा से करीब 34 किलोमीटर दूर जेवर कार्गो एयरपोर्ट के पास दौड़ रही एक टूरिस्ट स्लीपर बस अचानक आग की भीषण लपटों से घिर गई। इस अग्निकांड के दौरान बस में करीब 35 यात्री सवार थे। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और अब तक 9 यात्रियों की झुलसने से जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। अफरा-तफरी के बीच खिड़कियों से कूदकर बची कुछ जानें चलती गाड़ी में धुआं और लपटें उठते ही बस के भीतर चीख-पुकार और भगदड़ की स्थिति बन गई। जान बचाने की जद्दोजहद में कई सवारियों ने चलती और रुकती बस से नीचे छलांग लगा दी। देखते ही देखते आग ने समूचे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और पूरी बस जलकर ढांचे में तब्दील हो गई। हादसे के तुरंत बाद दमकल कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और भारी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और हादसों की चिंता इस मार्ग पर तेज रफ्तार और तकनीकी खराबी के चलते पहले भी घातक दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। हाल ही में अगस्त के महीने में इसी एक्सप्रेसवे पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर लांघने वाले एक भारी वाहन ने कार को टक्कर मार दी थी, जिसमें चार लोगों की जान चली गई थी। ताजा बस अग्निकांड ने लंबी दूरी की निजी स्लीपर बसों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास द्वारों की कार्यप्रणाली और नियमित तकनीकी जांच पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घायल मुसाफिरों को नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराकर राहत कार्य संचालित किया जा रहा है। इसका आप पर असर यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस भीषण बस हादसे ने लंबी दूरी का सफर तय करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। • भारत में: देश भर में निजी स्लीपर बसों से यात्रा करने वाले लोगों को आपातकालीन खिड़कियों और अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता की जांच स्वयं करने की आवश्यकता है। लंबी यात्राओं पर निकलने से पहले परिवहन नियमों के कड़े अनुपालन और वाहन फिटनेस की समीक्षा तेज हो सकती है। • ग्रेटर नोएडा में: यमुना एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले स्थानीय मुसाफिरों और जेवर क्षेत्र की ओर जाने वाले वाहनों को दुर्घटनास्थल पर राहत कार्य के चलते यातायात डायवर्जन का सामना करना पड़ सकता है। इस रूट पर सफर कर रहे लोग नियंत्रित गति बनाए रखें और एक्सप्रेसवे सुरक्षा गश्ती दल के निर्देशों का पालन करें। • यात्रियों के लिए: किसी भी सार्वजनिक या निजी बस में बैठते समय आपातकालीन निकास द्वारों की स्थिति पहले ही देख लें। धुएं या आग का अंदेशा होते ही तुरंत आपातकालीन हथौड़े का प्रयोग कर खिड़की के शीशे तोड़कर बाहर निकलने की सावधानी बरतें। • परिवहन संचालकों के लिए: लंबी दूरी की निजी टूरिस्ट बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र और आंतरिक वायरिंग की सघन जांच के निर्देश जारी हो सकते हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर परमिट निरस्त किए जाने की आशंका बढ़ गई है। ऐसा क्यों हुआ ग्रेटर नोएडा में जेवर एयरपोर्ट के नजदीक यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में अचानक आग भड़क उठी, जिसकी प्रारंभिक परिस्थितियों की तकनीकी पड़ताल की जा रही है। • आग लगने का प्राथमिक कारण: चलती टूरिस्ट बस में लपटें अचानक कैसे भड़कीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या इंजन की तकनीकी खराबी को इस तरह के हादसों की प्रमुख वजह माना जाता है। • तेजी से फैलती लपटें: स्लीपर कोच में मौजूद गद्दे, पर्दे और प्लास्टिक सामग्री ने आग को तेजी से भड़काने का काम किया, जिससे मुसाफिरों को निकलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल सका। तेज गति से चलती गाड़ी में हवा के प्रवाह ने लपटों को कुछ ही क्षणों में पूरी बस में फैला दिया। • एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं का सिलसिला: यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण पहले भी कई गंभीर हादसे घटित हो चुके हैं। अगस्त के अंत में भी इसी मार्ग पर एक अनियंत्रित भारी वाहन द्वारा डिवाइडर पार कर कार को टक्कर मारने की घटना में 4 लोगों की असमय मौत हुई थी। सवाल-जवाब 1. ग्रेटर नोएडा में बस हादसा कहां और कब हुआ? यह भीषण हादसा यमुना एक्सप्रेसवे पर नोएडा से लगभग 34 किलोमीटर आगे जेवर कार्गो एयरपोर्ट के पास चलती स्लीपर बस में हुआ। 2. हादसे के समय बस में कुल कितने लोग सवार थे? घटना के वक्त स्लीपर टूरिस्ट बस में करीब 35 मुसाफिर सवार थे। 3. इस अग्निकांड में कितने यात्रियों की जान गई है? आग में गंभीर रूप से झुलसने की वजह से अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। 4. आग लगने के बाद यात्रियों ने जान कैसे बचाई? बस में आग भड़कते ही मची भगदड़ के बीच कई मुसाफिरों ने खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई। https://trendkia.com/uttar-pradesh/yamuna-expressway-para-chalati-slipara-basa-bani-aga-ka-gola-9-musaphiron-ki-jinda-jalane-se-gai-jana-37496 TrendKia — Har trend, sabse pehle.