# उत्तरकाशी में भारी बर्फबारी के बीच 136 ट्रैकर्स फंसे, प्रशासन ने शुरू किया बचाव अभियान

> उत्तरकाशी के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद कई ट्रैकिंग रूट्स पर 136 लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने हेलीकॉप्टर और राहत टीमों को मैदान में उतार दिया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-09-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/136-trackers-stranded-amid-heavy-snowfall-in-uttarkashi-as-rescue-operations-begin-39744 · **Language:** Hindi
**Tags:** उत्तरकाशी, बर्फबारी, रेस्क्यू ऑपरेशन, केदारनाथ, प्रशांत आर्य

उत्तरकाशी के बर्फीले और ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के बाद वहां फंसे ट्रैकर्स तथा पोर्टरों की सलामती को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गौमुख, तपोवन, कालिंदी पास और ऑडिन कोल बेस कैंप के विभिन्न ट्रैकिंग मार्गों पर इस समय कुल 136 पर्वतारोही, ट्रैकर और सहायक कर्मचारी फंसे हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की और सभी टीमों को सुरक्षित नीचे घाटी में वापस लाने के कड़े निर्देश दिए हैं। मौसम के मिजाज को देखते हुए आज हवाई सर्वेक्षण कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत एयर रेस्क्यू ऑपरेशन भी शुरू किया जाएगा।

## राहत और बचाव कार्यों के लिए व्यापक इंतजाम
इस बड़े अभियान के लिए राज्य आपदा मोचन बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, पुलिस विभाग, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान और वन विभाग की टुकड़ियों को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है। मैदान से लेकर पहाड़ों तक फंसे लोगों के लिए पर्याप्त राशन, पैक्ड खाद्य सामग्री, शुद्ध पेयजल और जीवन रक्षक दवाओं का पुख्ता बंदोबस्त किया गया है। इसके अलावा मेडिकल टीमों और एंबुलेंस वाहनों को भी हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। जिला आपदा नियंत्रण केंद्र से सैटेलाइट कम्यूनिकेशन के माध्यम से अभियानों के गाइडों से लगातार बातचीत की जा रही है और ऊपरी इलाकों में रुके हुए लोगों की पल-पल की खबर ली जा रही है। मौके पर तमाम व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र को विशेष रूप से हर्षिल भेजा गया है, ताकि रेस्क्यू कार्य में कोई ढिलाई न हो।

## विभिन्न कैंपों में फंसे लोगों का पूरा विवरण
प्रशासन द्वारा दी गई ताजा जानकारी के अनुसार भोजवासा और चिरबासा क्षेत्र में अटके हुए अधिकांश पर्यटकों और सैलानियों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जिसमें गंगोत्री नेशनल पार्क के कर्मचारियों ने भी सराहनीय सहयोग दिया। वर्तमान में जिले के अति ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में 136 पर्वतारोही, ट्रेकर और सपोर्ट स्टाफ मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें से 89 लोग उच्च हिमालयी अभियानों पर निकले हुए थे, जबकि 18 लोग कालिंदी पास बेस कैंप तथा 29 लोग ऑडेंस कोल पास बेस कैंप में डेरा डाले हुए हैं। इन सभी को सकुशल नीचे लाने के लिए राहत दल लगातार चुस्ती के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।

## केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी चलाया गया बड़ा अभियान
दूसरी ओर केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा इलाके में बीते रविवार की देर रात भारी मात्रा में मलबा और बड़े पत्थर गिरने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था। इस अप्रत्याशित घटना के बाद श्रद्धालुओं की जान की हिफाजत को ध्यान में रखते हुए मौके पर तैनात सुरक्षा बलों और बचाव दलों ने तुरंत मोर्चा संभाला और लोगों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने का काम शुरू कर दिया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने मीडिया को बताया कि राहत टीमों ने अब तक करीब 1100 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए यह पूरा अभियान पूरी सतर्कता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतरीन तालमेल के साथ चलाया जा रहा है। प्रभावित हिस्से पर लगातार नजर रखी जा रही है और बाकी बचे यात्रियों को भी सुरक्षित निकालने के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं। प्रशासन ने सभी यात्रियों से संयम बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करने का आग्रह किया है।

## इसका आप पर असर
उत्तरकाशी और केदारनाथ मार्गों पर फंसे लोगों और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक कदम उठाए हैं, जिससे पर्वतीय यात्रा करने वाले अन्य पर्यटकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।

- **भारत में:** पहाड़ी राज्यों में सर्दियों या बेमौसम बर्फबारी के दौरान यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए प्रशासन द्वारा अब पहले से अधिक कड़े सुरक्षा और निगरानी मानक लागू किए जा रहे हैं।
- **उत्तरकाशी में:** स्थानीय निवासियों, पर्यटन कारोबारियों और तीर्थयात्रियों को खराब मौसम के दौरान जारी होने वाली प्रशासनिक चेतावनियों का सख्ती से पालन करना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
उत्तरकाशी और केदारनाथ क्षेत्रों में यह संकट अचानक बदले मौसम और भारी बर्फबारी के साथ-साथ पहाड़ी से मलबा खिसकने के कारण पैदा हुआ है।

- **मौसम में बदलाव:** उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी और अचानक तापमान गिरने के कारण ट्रैकिंग रूट अवरुद्ध हो गए हैं।
- **भूस्खलन की घटना:** केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास रात के समय अचानक भारी मलबा और पत्थर गिरने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था।
- **प्रशासनिक तत्परता:** जीवन रक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने तुरंत संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

## सवाल-जवाब

### 1. उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कुल कितने ट्रैकर फंसे हुए हैं?
उत्तरकाशी के विभिन्न ट्रैकिंग रूट्स और बेस कैंप्स पर कुल 136 पर्वतारोही, ट्रैकर और सपोर्ट स्टाफ फंसे हुए हैं।

### 2. फंसे हुए ट्रैकर्स को निकालने के लिए कौन-कौन सी टीमें तैनात हैं?
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, एनआईएम और वन विभाग की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

### 3. केदारनाथ पैदल मार्ग पर कितने यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया है?
केदारनाथ मार्ग के चीरबासा क्षेत्र में भूस्खलन के बाद रेस्क्यू टीमों ने अब तक करीब 1100 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला है।

### 4. खराब मौसम में फंसे लोगों से संपर्क कैसे किया जा रहा है?
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से सैटेलाइट संचार के माध्यम से एक्सपीडिशन गाइडों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है।

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