{
  "type": "article",
  "title": "एम्स ऋषिकेश के बाहर रजवाड़ी पोहे की धूम, राजस्थानी नमकीन और घरेलू मसालों का अनोखा मेल",
  "summary": "ऋषिकेश में एम्स के सामने लगने वाले एक ठेले पर परोसा जा रहा राजस्थानी स्वाद वाला चटपटा पोहा सुबह के नाश्ते में लोगों की पहली पसंद बन गया है।",
  "content": "उत्तराखंड के ऋषिकेश में सुबह की शुरुआत अगर जायकेदार और हल्के नाश्ते के साथ करनी हो, तो एम्स के ठीक बाहर लगने वाला एक छोटा सा फूड कार्ट इन दिनों स्थानीय निवासियों और राहगीरों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस ठेले पर पारंपरिक पोहे को बेहद खास राजस्थानी अंदाज में तैयार किया जाता है, जिसके चलते भोर होते ही यहां नाश्ता करने वालों का तांता लग जाता है। दुकान का संचालन करने वाले विष्णु शर्मा पिछले करीब साढ़े तीन साल से इसी जगह पर अपने खास स्वाद का जादू बिखेर रहे हैं। इस नाश्ते की लोकप्रियता का मुख्य कारण इसमें इस्तेमाल होने वाले घर के पिसे मसाले और सीधे राजस्थान से मंगाई जाने वाली नमकीन का लाजवाब मेल है।\n\nभोर में तीन बजे से शुरू होती है नाश्ता बनाने की तैयारी\nविष्णु शर्मा के इस ठेले पर सुबह 6 बजे से ग्राहकों को गर्म और ताजा पोहा परोसना शुरू कर दिया जाता है, जो दोपहर 11:30 बजे तक लगातार बिकता है। इस बिक्री के पीछे कई घंटों की कड़ी मेहनत छिपी होती है। विष्णु हर रोज तड़के 3 बजे उठ जाते हैं और पोहा पकाने तथा सभी सामग्रियों को ताजा तैयार करने में जुट जाते हैं, ताकि ठीक 6 बजे दुकान पर पहला ग्राहक पहुंचते ही सब कुछ तैयार मिले। सुबह की सैर पर निकलने वाले लोगों के अलावा अस्पताल परिसर में आने-जाने वाले तीमारदार और कामकाज के लिए जल्दी निकलने वाले कर्मचारी सबसे पहले यहां नाश्ते के लिए पहुंचते हैं।\n\nराजस्थानी नमकीन और घर के खास मसाले बनाते हैं इसे अलग\nइस रजवाड़ी पोहे को खास बनाने वाली सामग्री के बारे में बताते हुए संचालक ने कहा कि इसमें सबसे अहम भूमिका घर पर तैयार किए गए गुप्त मसाले की होती है। इसके अलावा स्वाद को प्रामाणिक बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली खास नमकीन भी सीधे राजस्थान से मंगवाई जाती है। जब पोहा तैयार कर प्लेट में सजाया जाता है, तब उसमें बारीक कटे प्याज, भुनी हुई मूंगफली, ताजे टमाटर, राजस्थानी नमकीन और खास घरेलू मसाला मिलाया जाता है। इन सभी सामग्रियों का संतुलन पोहे को हल्का, कुरकुरा और चटपटा स्वाद देता है, जो बाजार में मिलने वाले सामान्य पोहे से बिल्कुल अलग अनुभव कराता है।\n\nकिफायती दाम में दो तरह की प्लेट उपलब्ध\nविष्णु शर्मा के यहां ग्राहकों की भूख और पसंद के अनुसार पोहे के दो विकल्प रखे गए हैं। छोटी प्लेट की कीमत 30 रुपये रखी गई है, जबकि बड़ी प्लेट 50 रुपये में उपलब्ध कराई जाती है। किफायती दाम और पेट भरने वाली मात्रा की वजह से रोजमर्रा की भागदौड़ में यह नाश्ता लोगों की जेब पर भी भारी नहीं पड़ता। तीखापन, खट्टा-मीठा स्वाद और कुरकुरी नमकीन का मेल इसे हर उम्र के व्यक्ति के लिए मुफीद नाश्ता बनाता है।\n\nनियमित ग्राहकों की दिनचर्या में शामिल हुआ यह स्वाद\nइस ठेले पर नियमित रूप से आने वाले ग्राहकों में शामिल रवि गोदारा बताते हैं कि वह पिछले लगभग डेढ़ साल से रोज सुबह यहीं नाश्ता करते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने शहर में कई जगहों पर पोहा चखा है, लेकिन यहां मिलने वाला स्वाद अनोखा है। रवि के अनुसार, पोहे में मिलाई जाने वाली खास नमकीन के साथ अनार के दानों की ताजगी इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है। इसी तरह राजस्थान से आई एक ग्राहक मोली देवी ने भी इस पोहे की जमकर तारीफ की। मोली देवी का कहना था कि वह खुद राजस्थान की रहने वाली हैं, लेकिन जिस तरह का रजवाड़ी स्वाद और संतुलन यहां के पोहे में मिला है, वैसा स्वादिष्ट पोहा उन्हें राजस्थान में भी आसानी से चखने को नहीं मिलता।\n\nइसका आप पर असर\nएम्स ऋषिकेश के आसपास आने-जाने वाले लोगों और नाश्ते के शौकीनों के लिए यह सुबह का एक किफायती और सुलभ विकल्प प्रदान करता है।\n\n• स्थानिक लोगों के लिए: एम्स अस्पताल में आने वाले तीमारदारों और कामकाजी लोगों को सुबह 6 बजे से ही ताजा नाश्ता मिल जाता है। इससे तड़के समय पौष्टिक और सस्ता भोजन तलाश रहे लोगों को काफी सुविधा होती है।\n• किफायती विकल्प: 30 रुपये और 50 रुपये की प्लेट बजट में होने के कारण रोजाना नाश्ता करने वालों के खर्च को नियंत्रित रखती है। छात्र और दैनिक कामगार बिना जेब पर अतिरिक्त बोझ डाले पेट भर सकते हैं।\n• स्वाद प्रेमियों के लिए: उत्तराखंड में रहते हुए भी लोगों को प्रामाणिक राजस्थानी नमकीन और मसालों का स्वाद मिलता है। नए स्वादों की तलाश करने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक अच्छा पड़ाव है।\n• समय की पाबंदी: यह ठेला सुबह 6 बजे से 11:30 बजे तक ही संचालित होता है। इसका आनंद लेने के लिए ग्राहकों को दोपहर होने से पहले ही वहां पहुंचना होता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nएम्स ऋषिकेश के बाहर इस पोहे की लोकप्रियता खास मसालों और समय की निरंतरता की वजह से बढ़ी है।\n\n• स्वाद का अनूठा मेल: साधारण पोहे की जगह इसमें सीधे राजस्थान से मंगाई गई नमकीन और घर पर पीसे गए मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। इस मेल ने इसे पारंपरिक स्थानीय नाश्ते की तुलना में कहीं अधिक चटपटा और अलग बना दिया।\n• कड़ी मेहनत और तैयारी: दुकानदार तड़के 3 बजे से उठकर तैयारी करते हैं ताकि सुबह 6 बजे समय पर ताजा नाश्ता परोसा जा सके। समय की इसी पाबंदी ने सुबह के कामकाजी वर्ग को नियमित ग्राहक बना दिया।\n• अस्पताल के बाहर अनुकूल स्थान: एम्स जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान के सामने सुबह-सुबह बड़ी संख्या में तीमारदार और कर्मचारी पहुंचते हैं। सुबह के वक्त जल्दी और सुलभ नाश्ते की मांग ने इस ठेले को एक मजबूत ग्राहक आधार दिया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह पोहे का ठेला ऋषिकेश में कहां लगता है?\nयह ठेला उत्तराखंड के ऋषिकेश में एम्स अस्पताल के ठीक बाहर लगाया जाता है।\n\n2. इस पोहे की दुकान के संचालक कौन हैं और वे इसे कितने समय से चला रहे हैं?\nइस दुकान को विष्णु शर्मा चलाते हैं और वे पिछले करीब साढ़े तीन साल से यहां पोहा बेच रहे हैं।\n\n3. दुकान के खुलने और बंद होने का समय क्या है?\nदुकान सुबह 6 बजे से शुरू होकर दोपहर 11:30 बजे तक खुली रहती है।\n\n4. इस पोहे में कौन-कौन सी सामग्रियां डाली जाती हैं?\nइसमें प्याज, टमाटर, मूंगफली, अनार के दाने, राजस्थान से मंगाई गई नमकीन और घर का बना खास मसाला डाला जाता है।\n\n5. यहां पोहे की एक प्लेट की कीमत कितनी है?\nयहां छोटी प्लेट 30 रुपये और बड़ी प्लेट 50 रुपये में उपलब्ध है।\n\nप्रेरणा और सबक\nविष्णु शर्मा के छोटे से नाश्ते के ठेले की कहानी मेहनत, गुणवत्ता और समर्पण की मिसाल पेश करती है।\n\n• कड़ी मेहनत और समय की पाबंदी: तड़के 3 बजे उठकर तैयारी में जुटना दिखाता है कि नियमितता ही किसी छोटे उद्यम को सफल बनाती है। समय पर दुकान खोलना ग्राहकों में अटूट भरोसा पैदा करता है।\n• गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: खास मसालों को घर पर तैयार करना और दूर राजस्थान से प्रामाणिक नमकीन मंगवाना स्वाद के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रामाणिक सामग्री ही किसी साधारण उत्पाद को खास पहचान दिलाती है।\n• किफायती दाम में बेहतरीन सेवा: 30 और 50 रुपये में गुणवत्तापूर्ण नाश्ता देकर उन्होंने साबित किया कि कम बजट में भी ग्राहकों का दिल जीता जा सकता है। ग्राहकों की संतुष्टि ही किसी भी व्यवसाय का सबसे बड़ा प्रचार होती है।",
  "url": "https://trendkia.com/uttarakhand/aiims-rishikesh-ke-bahara-rajavari-pohe-ki-dhuma-rajasthani-namakina-aura-gharelu-masalon-ka-anokha-mela-43218",
  "category": "उत्तराखंड",
  "publishedAt": "2026-10-05",
  "tags": [
    "ऋषिकेश",
    "एम्स ऋषिकेश",
    "राजस्थानी पोहा",
    "विष्णु शर्मा",
    "उत्तराखंड खानपान",
    "स्ट्रीट फूड"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}