# अंकिता भंडारी केस: वायरल ऑडियो विवाद में पूर्व BJP विधायक सुरेश राठौड़ गिरफ्तार, हरिद्वार से देहरादून पुलिस ले गई

> अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो मामले में पूर्व BJP विधायक सुरेश राठौड़ को देहरादून पुलिस ने हरिद्वार के बुग्गावाला से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-06-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/ankita-bhndari-kesa-vayarala-diyo-vivada-men-purva-bjp-vidhayaka-suresha-rathaur-890 · **Language:** Hindi
**Tags:** अंकिता भंडारी हत्याकांड, सुरेश राठौड़, वायरल ऑडियो, उत्तराखंड हाईकोर्ट, देहरादून पुलिस, BJP पूर्व विधायक, हरिद्वार, ज्वालापुर विधानसभा

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की गूंज एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार कार्रवाई की जद में आए हैं BJP से निष्कासित नेता और पूर्व विधायक सुरेश राठौड़, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

## हरिद्वार से उठाकर ले गई देहरादून पुलिस
जानकारी के मुताबिक देहरादून पुलिस की टीम ने सुरेश राठौड़ को हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र से पकड़ा। यह गिरफ्तारी उस वायरल ऑडियो प्रकरण से जुड़ी बताई जा रही है, जिसका संबंध बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ा गया था। इसी मामले में देहरादून के डालनवाला थाने में पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका था।

## कौन हैं सुरेश राठौड़
सुरेश राठौड़ कोई नया नाम नहीं हैं। वे ज्वालापुर विधानसभा सीट से BJP के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। मौजूदा विवाद की शुरुआत तब हुई जब सहारनपुर की रहने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर कई ऑडियो सार्वजनिक किए। इन ऑडियो को कथित तौर पर अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा हुआ बताया गया, और यहीं से पूरा मामला तूल पकड़ता चला गया।

## चार FIR और हाईकोर्ट का रुख
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी आपत्तिजनक ऑडियो और वीडियो क्लिप को सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में सुरेश राठौड़ के खिलाफ कुल 4 एफआईआर दर्ज हुई थीं। हाल ही में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने इनमें से दो एफआईआर को रद्द कर दिया था। हालांकि अदालत ने बाकी बची दो एफआईआर के मामले में पुलिस को जांच आगे बढ़ाने की छूट दे दी, यानी इन पर शिकंजा बरकरार रहा।

## शिकायतकर्ताओं का आरोप, राठौड़ की दलील
इस मामले में शिकायतकर्ता दुष्यंत गौतम और आरती गौर का आरोप था कि प्रसारित की गई सामग्री सोच-समझकर इस मकसद से तैयार की गई थी ताकि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया जा सके। दूसरी ओर, सुरेश राठौड़ ने देहरादून और हरिद्वार जिलों में अपने खिलाफ दर्ज चारों अलग-अलग एफआईआर में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार करार देते हुए उन्हें अदालत में चुनौती दी थी। अब हुई इस गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

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