# बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तारीख तय, जानिए इस बार कब होंगे दर्शन बंद और क्या है पूरी परंपरा

> उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट इस साल 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। विजयदशमी के अवसर पर मुख्य पुजारी द्वारा यह घोषणा की गई है, जिसके साथ ही इस सत्र की चारधाम यात्रा का समापन हो जाएगा।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-10-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/badrinath-dham-ke-kapat-band-hone-ki-tarikh-tay-jane-is-bar-kab-honge-darshan-band-aur-kya-hai-puri-parampara-49762 · **Language:** Hindi
**Tags:** बद्रीनाथ धाम, चारधाम यात्रा, उत्तराखंड यात्रा, चमोली, धार्मिक यात्रा

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित भगवान बद्री विशाल के कपाट बंद होने की आधिकारिक तिथि सामने आ चुकी है। विजयदशमी के पवित्र पर्व पर मंदिर के मुख्य पुजारी रावल जी ने इस बात का ऐलान किया कि इस बार कपाट 16 नवंबर की रात 9 बजकर 37 मिनट पर कर्क लग्न में शीतकाल के वास्ते बंद किए जाएंगे। इस धार्मिक अनुष्ठान के संपन्न होने के बाद राज्य में चल रही चारों धाम की ग्रीष्मकालीन यात्रा का भी समापन हो जाएगा।

 

## परंपरागत तरीके से हुई घोषणा और पगड़ी रस्म
 हर साल की तरह इस बार भी विजयदशमी के खास मौके पर ही कपाट बंद होने की तिथि तय करने की परंपरा निभाई गई। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में एक भव्य उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां बामणी गांव के निवासी अपनी पारंपरिक वेशभूषा पहनकर पहुंचे थे। इस दौरान एक बेहद खास रस्म निभाई जाती है, जिसमें आगामी वर्ष की यात्रा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले लोगों का चयन किया जाता है। पांडुकेश्वर और बामणी गांव के भंडारी थोक, मेहता थोक और भट्ट थोक से कुल चार लोगों को चुना जाता है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा इन सभी को विधि-विधान के साथ पगड़ी बांधी जाती है और मंदिर परिसर की पूरी व्यवस्थाओं का जिम्मा सौंपा जाता है, और जब यह घोषणा की जा रही थी तब सभा मंडप में तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।

 

## कपाट बंद होने से पहले के जरूरी धार्मिक अनुष्ठान
 शीतकाल के लिए कपाट बंद होने की प्रक्रिया कई दिन पहले से ही चरणबद्ध तरीके से शुरू हो जाती है। सबसे पहले 12 नवंबर को भगवान श्री गणेश जी के कपाट बंद किए जाएंगे। इसके अगले दिन यानी 13 नवंबर को आदि केदारेश्वर जी के कपाट बंद होंगे। इसके बाद 14 नवंबर को खड्ग-पुस्तक का वाचन और वेदों का पाठ बंद कर दिया जाएगा। अनुष्ठान की कड़ी में 15 नवंबर को माता लक्ष्मी जी को गर्भगृह में पुनः विराजमान होने के लिए निमंत्रण दिया जाएगा और अंत में 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर मुख्य कपाट शीतकाल के लिए पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।

 

## इस साल टूटे सारे पुराने तीर्थाटन रिकॉर्ड
 इस बार की बद्रीनाथ यात्रा ने श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अब तक लगभग 21 लाख भक्त भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर चुके हैं, जो कि अपने आप में एक ऐतिहासिक और अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अभी भी कपाट बंद होने में लगभग 27 से 28 दिन का समय बाकी बचा हुआ है, जिसे देखते हुए अधिकारियों और समिति का अनुमान है कि दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की यह कुल संख्या और भी अधिक बढ़ सकती है।

## इसका आप पर असर
बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तारीख तय होने से यात्रा की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए समय सीमा स्पष्ट हो गई है।

- **भारत भर में:** देश भर से चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को 16 नवंबर से पहले अपनी यात्रा पूरी करनी होगी। इसके बाद सर्दियों के मौसम में धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

- **उत्तराखंड में:** स्थानीय होटल कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और यात्रा प्रबंधन से जुड़े लोगों के लिए यह सीजन अब अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है। 16 नवंबर के बाद राज्य में ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा का यह सत्र आधिकारिक तौर पर समाप्त हो जाएगा।

## ऐसा क्यों हुआ
बद्रीनाथ धाम के कपाट हर साल सर्दियों के मौसम में भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण बंद किए जाते हैं। इस प्राचीन परंपरा के तहत हर साल विजयदशमी के दिन मंदिर के पुजारी और समितियां मिलकर शीतकालीन प्रवास के लिए तिथियां तय करते हैं।

- **मौसम की स्थिति:** सर्दियों के महीनों में हिमालयी क्षेत्रों में तापमान अत्यधिक गिर जाता है और भारी बर्फबारी के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं। इन कठिन मौसम परिस्थितियों के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कपाट बंद करने का निर्णय लिया जाता है।

- **धार्मिक परंपरा:** सनातन परंपराओं के अनुसार भगवान की मूर्तियों को सर्दियों के दौरान मंदिर से नीचे स्थित शीतकालीन गद्दीस्थलों पर ले जाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत तिथियों का निर्धारण विजयदशमी के पावन पर्व पर तय किया जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. बद्रीनाथ धाम के कपाट इस साल कब बंद होंगे?
बद्रीनाथ धाम के कपाट इस साल 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर बंद होंगे।

### 2. कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा किसने की?
इस तिथि की घोषणा विजयदशमी के पावन पर्व पर बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल जी ने की।

### 3. इस साल बद्रीनाथ यात्रा में अब तक कितने श्रद्धालु पहुंचे हैं?
इस साल अब तक लगभग 21 लाख श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर चुके हैं।

### 4. भगवान श्री गणेश जी के कपाट कब बंद किए जाएंगे?
भगवान श्री गणेश जी के कपाट 12 नवंबर को बंद किए जाएंगे।

### 5. माता लक्ष्मी जी को गर्भग్రహ में विराजमान होने का न्योता कब दिया जाएगा?
माता लक्ष्मी जी को 15 नवंबर को गर्भगृह में विराजमान होने के लिए निमंत्रण दिया जाएगा।

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