बागेश्वर का सरस मार्केट बना जैविक उत्पादों का केंद्र, हर इतवार जुटते हैं सीधे किसान उत्तराखंड के बागेश्वर में सरस मार्केट पारंपरिक पहाड़ी दालों, मसालों और 15 तरह के पहाड़ी नमक की बिक्री के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। हर रविवार को यहाँ लगने वाले विशेष ऑर्गेनिक बाजार से किसानों को बिचौलियों के बिना अपनी उपज बेचने का अवसर मिल रहा है। उत्तराखंड के बागेश्वर जिला मुख्यालय स्थित सरस मार्केट इन दिनों जैविक खेती और पारंपरिक पहाड़ी खान-पान के प्रेमियों के लिए एक मुख्य केंद्र के रूप में उभर रहा है। इस बाजार परिसर में राज्य की प्राचीन कृषि परंपरा और सेहतमंद आहार से जुड़े उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अलावा देवभूमि की यात्रा पर आने वाले पर्यटक भी इन शुद्ध और प्राकृतिक पहाड़ी सामग्रियों की खरीदारी में गहरा रुझान दिखा रहे हैं। पारंपरिक पहाड़ी दालों और विशिष्ट मसालों की उपलब्धता सरस मार्केट में दुकान लगाने वाली स्थानीय व्यापारी संतोषी देवी ने बताया कि यहाँ कई प्रकार की स्वास्थ्यवर्धक पहाड़ी दालों की मांग लगातार बनी रहती है। बिक्री के लिए उपलब्ध दालों में भट्ट, गहत, राजमा, लोबिया, मांस, सोयाबीन और मसूर मुख्य रूप से शामिल हैं। हिमालयी जलवायु और पारंपरिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से उगाई जाने वाली इन दालों को दैनिक आहार का एक अनिवार्य और पौष्टिक हिस्सा माना जाता है। स्थानीय स्तर पर उत्पादित होने के कारण लोग इनकी उच्च गुणवत्ता और ठेठ पहाड़ी स्वाद को अत्यधिक पसंद करते हैं। दालों की विविधता के अलावा, इस बाजार में पारंपरिक पहाड़ी नमक की लगभग 15 अलग-अलग किस्में ग्राहकों के लिए पेश की जाती हैं। उत्तराखंड के घरों में वर्षों से भोजन की तैयारी और स्वाद बढ़ाने के लिए इस विशेष नमक का प्रयोग होता आया है। इसके साथ ही तड़के में इस्तेमाल होने वाला जाखिया, विभिन्न औषधीय जड़ी-बूटियाँ और अन्य जैविक कृषि उत्पाद भी सरस मार्केट में उपलब्ध कराए गए हैं। इन उत्पादों की बिक्री से पहाड़ी खाद्य संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार को एक नई दिशा मिल रही है। रविवार का विशेष ऑर्गेनिक बाजार और किसानों को सीधा लाभ सरस मार्केट की एक अनूठी विशेषता यहाँ हर रविवार को आयोजित होने वाला विशेष ऑर्गेनिक बाजार है। प्रत्येक रविवार की सुबह आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से किसान और छोटे उत्पादक अपनी ताज़ा उपज लेकर सीधे बाजार प्रांगण में पहुँचते हैं। इस पहल के माध्यम से आम उपभोक्ताओं को जैविक और ताज़े उत्पाद खरीदने का सीधा अवसर मिलता है। दूसरी ओर, काश्तकारों को किसी मध्यस्थ या बिचौलिए पर निर्भर रहे बिना अपनी मेहनत की फसल का बेहतर और उचित मूल्य प्राप्त हो जाता है। स्थानीय उत्पादों को बाज़ार मिलने से पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों की आय में सुधार हो रहा है और पारंपरिक खेती को निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है। यदि इस तरह के विपणन मॉडल को निरंतर सहयोग मिले, तो दुर्गम पहाड़ी इलाकों के छोटे कृषि उत्पादकों की आर्थिक स्थिति में व्यापक बदलाव संभव है। सरस मार्केट न केवल बागेश्वर की स्थानीय पहचान को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नया बल प्रदान कर रहा है। इसका आप पर असर यह पहल बागेश्वर और आसपास के उपभोक्ताओं के साथ-साथ राज्य भर के खाद्य प्रेमियों को प्रभावित करती है। • उत्तराखंड में: बागेश्वर और आसपास के काश्तकारों को बिचौलियों के बिना अपनी जैविक उपज का उचित दाम मिल रहा है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक कृषि को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। • अन्य पाठकों के लिए: मिलावट-रहित और पौष्टिक पहाड़ी दालें, जड़ी-बूटियाँ तथा 15 किस्मों के पहाड़ी नमक सीधे खरीदने का अवसर मिलता है। इससे लोग अपने दैनिक आहार में शुद्ध एवं स्वास्थ्यवर्धक विकल्प शामिल कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ बागेश्वर में सरस मार्केट को बढ़ावा देने और रविवार का विशेष बाजार शुरू करने के पीछे मुख्य कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पारंपरिक कृषि को संबल देना है। • बिचौलियों को हटाना: पारंपरिक खेती करने वाले छोटे किसानों को अक्सर मंडियों में बिचौलियों के कारण उपज का सही मूल्य नहीं मिल पाता था। • पहाड़ी खान-पान की माँग: पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच शुद्ध ऑर्गेनिक तथा पहाड़ी उत्पादों जैसे भट्ट, गहत और जाखिया की मांग लगातार बढ़ रही थी। • संरक्षण का प्रयास: स्थानीय रूप से उगाई गई फसलों और 15 तरह के पहाड़ी नमक को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर पारंपरिक खाद्य संस्कृति को सहेजा जा रहा है। सवाल-जवाब 1. बागेश्वर का सरस मार्केट किस लिए प्रसिद्ध है? सरस मार्केट उत्तराखंड के पारंपरिक एवं जैविक पहाड़ी उत्पादों, जैसे विभिन्न दालों, जाखिया, जड़ी-बूटियों और पहाड़ी नमक के लिए प्रसिद्ध है। 2. सरस मार्केट में कौन-कौन सी पहाड़ी दालें मिलती हैं? यहाँ भट्ट, गहत, राजमा, लोबिया, मांस, सोयाबीन और मसूर जैसी पौष्टिक पहाड़ी दालें उपलब्ध हैं। 3. सरस मार्केट में रविवार को क्या विशेष आयोजन होता है? हर रविवार को विशेष ऑर्गेनिक बाजार सजता है, जहाँ स्थानीय किसान अपनी ताज़ा उपज बिना बिचौलियों के सीधे ग्राहकों को बेचते हैं। 4. क्या इस बाजार में पहाड़ी नमक भी उपलब्ध है? हाँ, सरस मार्केट में पारंपरिक पहाड़ी नमक की लगभग 15 अलग-अलग किस्मों की बिक्री की जाती है। https://trendkia.com/uttarakhand/bageshwar-ka-saras-market-bana-jaivik-utpadon-ka-kendra-har-itwar-jutte-hain-sidhe-kisan-32440 TrendKia — Har trend, sabse pehle.