# उत्तराखंड के पहाड़ों में नई उम्मीद, बागेश्वर के भुवन चौबे ने उगाई एवोकाडो की फसल

> उत्तराखंड के बागेश्वर में पर्वतारोही भुवन चौबे ने घर पर ही एवोकाडो की गुठली से पौधा तैयार किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में इस विदेशी फल की खेती किसानों के लिए भविष्य में आमदनी का नया जरिया बन सकती है।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-09-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/bageshwar-mountaineer-bhuvan-choubey-grows-avocado-from-seed-in-uttarakhand-hills-39893 · **Language:** Hindi
**Tags:** एवोकाडो खेती, उत्तराखंड कृषि, बागेश्वर, पहाड़ी खेती, भुवन चौबे, बागवानी

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि का स्वरूप अब धीरे-धीरे बदलता जा रहा है। किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ अब अन्य नई फसलों और फलों की पैदावार की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में बागेश्वर के मंडलसेरा के रहने वाले और पेशे से पर्वतारोही भुवन चौबे ने अपने घर के परिसर में एवोकाडो का पौधा तैयार करने में सफलता पाई है। उन्होंने इस पौधे को किसी हाई-टेक नर्सरी से लाने के बजाय एवोकाडो की गुठली से ही उगाया है, जिसे अब करीब तीन साल पूरे हो चुके हैं।

## चौथे साल में आ सकते हैं फल
भुवन चौबे का कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस पौधे में चौथे साल तक फल आने की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि गुठली से उगाए गए पौधों में फल लगने की सही अवधि और उसके स्वाद व गुणवत्ता के बारे में पहले से पक्का नहीं कहा जा सकता। उन्होंने बताया कि एवोकाडो के पौधे को घर के छोटे बगीचे या खेत में आसानी से लगाया जा सकता है, बशर्ते उसकी देखरेख सही तरीके से की जाए।

## मिट्टी और जल निकासी की खास जरूरत
इस पौधे के विकास के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि जमीन ऐसी होनी चाहिए जहां पानी अधिक समय तक रुक न सके। अगर लगातार पानी जड़ों के आस-पास जमा रहेगा तो पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं और पौधा खराब हो सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसी जगहों का चुनाव करना सबसे सही रहता है जहां से अतिरिक्त पानी का बहाव आसानी से बाहर निकल सके। इसके अलावा पौधे को पर्याप्त धूप, सही मात्रा में जैविक खाद और जरूरत के हिसाब से समय पर पानी देना बहुत आवश्यक है। जिन क्षेत्रों में बारिश बहुत अधिक होती है, वहां जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

## गुठली बनाम नर्सरी के ग्राफ्टेड पौधे
यदि कोई व्यक्ति अपने घर के लिए शौक के तौर पर पौधा तैयार करना चाहता है, तो एवोकाडो की गुठली से पौधा उगाना एक अच्छा विकल्प है। लेकिन जो किसान व्यावसायिक रूप से बड़े स्तर पर इसकी खेती करने की सोच रहे हैं, उनके लिए किसी विश्वसनीय नर्सरी से उच्च गुणवत्ता वाला ग्राफ्टेड पौधा खरीदना ही सबसे बेहतर रहता है। गुठली से तैयार किए गए पौधों में फल आने में काफी लंबा समय लग सकता है और इस बात की कोई गारंटी नहीं होती कि उससे मिलने वाला फल बिल्कुल मूल फल की तरह ही बेहतरीन गुणवत्ता का होगा।

## किसानों के लिए कमाई का नया विकल्प
एवोकाडो की खेती पहाड़ों में रहने वाले किसानों के लिए आय का एक मजबूत स्रोत बन सकती है, लेकिन इससे तुरंत और रातों-रात मुनाफा मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इससे होने वाली कुल कमाई पूरी तरह से पौधे की उम्र, उसकी किस्म, मौसमी दशाओं, खेती में आने वाले कुल खर्च, मौजूदा बाजार और उसकी सही बिक्री पर निर्भर करती है। बाजार में एवोकाडो के दाम सामान्य फलों के मुकाबले काफी ऊंचे नजर आते हैं। अगर उदाहरण के तौर पर देखें तो ऑनलाइन बाजारों में इसकी कीमत लगभग 249 रुपये से लेकर 338 रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है, जबकि छोटे पैक या सिंगल पीस के दाम अलग हो सकते हैं।

## एवोकाडो खाने के स्वास्थ्य लाभ
सेहत के लिहाज से एवोकाडो को बेहद फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इसमें गुड फैट, प्रचुर मात्रा में फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फोलेट और विटामिन सी तथा विटामिन के जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे आहार में शामिल करने से शरीर को आवश्यक वसा और फाइबर की प्राप्ति होती है। इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में काफी मददगार साबित होता है।

## आगे की रणनीति और विशेषज्ञों की सलाह
बागेश्वर जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों को चाहिए कि वे पहले एवोकाडो को घरेलू स्तर पर छोटे पैमाने पर लगाकर उसकी बढ़त को परखें। यदि पौधा स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुकूल अच्छी तरह विकसित होता है, तब भविष्य में बड़े पैमाने पर इसकी खेती की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, किसानों को व्यावसायिक रूप से बड़ी संख्या में पौधे लगाने से पहले अपने नजदीकी कृषि या उद्यान विभाग के विशेषज्ञों से मिलकर मिट्टी की जांच, मौसम की स्थिति और सही किस्म के चयन के बारे में पूरी जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

## इसका आप पर असर
पहाड़ी क्षेत्रों में एवोकाडो जैसी विदेशी फसलों की सफल पैदावार से किसानों को भविष्य में पारंपरिक खेती से हटकर उच्च मूल्य वाली फसलों की तरफ बढ़ने का एक नया व्यावहारिक विकल्प मिल रहा है।

- **उत्तराखंड में:** बागेश्वर और अन्य पर्वतीय जिलों के किसान कम लागत में नए फलों के परीक्षण के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में विचार कर सकते हैं।
- **फसल की लागत और समय:** गुठली से तैयार पौधों में फल आने में चार साल या उससे अधिक का समय लग सकता है, जिससे तत्काल वित्तीय लाभ नहीं मिलता है।
- **बाजार मूल्य:** ऑनलाइन बाजार में एवोकाडो की कीमत 249 से 338 रुपये प्रति किलो तक होने के कारण व्यावसायिक खेती में अच्छी कमाई की संभावना बनती है।
- **मिट्टी की तैयारी:** किसानों को जल जमाव से बचने के लिए उचित जल निकासी वाली भूमि का चयन करना होगा, अन्यथा पौधे नष्ट हो सकते हैं।
- **विशेषज्ञ सलाह:** बड़े पैमाने पर निवेश करने से पहले स्थानीय कृषि या उद्यान विभाग से मिट्टी और जलवायु की उपयुक्तता की जांच अवश्य करानी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि के बदलते तौर-तरीके और किसानों का नई फसलों की ओर रुझान इस बात का परिणाम है कि लोग अब अधिक मुनाफा देने वाले विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। पर्वतारोही भुवन चौबे द्वारा घर पर एवोकाडो उगाने का यह प्रयोग इस बात को रेखांकित करता है कि अनुकूल देखभाल मिलने पर पहाड़ी जलवायु में भी विदेशी फल उगाए जा सकते हैं।

- **जलवायु और अनुकूलता:** पहाड़ी इलाकों में तापमान और मिट्टी की स्थिति यदि सही देखभाल के साथ प्रबंधित की जाए, तो कई समशीतोष्ण और विदेशी फल पनप सकते हैं।
- **पारंपरिक खेती से बदलाव:** कम होती आय और पारंपरिक फसलों की सीमाओं के चलते किसान नए और उच्च मूल्य वाले फलों की खेती के प्रयोग कर रहे हैं।
- **बाजार की मांग:** देश में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के बीच एवोकाडो जैसे पोषक तत्वों से भरपूर फलों की मांग लगातार बढ़ रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. एवोकाडो का यह पौधा किसने और कहाँ तैयार किया है?
बागेश्वर के मंडलसेरा निवासी और पर्वतारोही भुवन चौबे ने अपने घर पर यह पौधा तैयार किया है।

### 2. इस पौधे को उगाने के लिए किस चीज का इस्तेमाल किया गया था?
भुवन चौबे ने एवोकाडो की गुठली से इस पौधे को उगाया है।

### 3. इस पौधे को उगाए हुए कितना समय हो चुका है?
इस पौधे को उगे हुए करीब तीन साल हो चुके हैं।

### 4. इस पौधे में फल आने की उम्मीद कब तक की जा रही है?
चौथे साल तक इस पौधे में फल आने की उम्मीद जताई गई है।

### 5. एवोकाडो के पौधे के लिए मिट्टी कैसी होनी चाहिए?
मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जहां पानी ज्यादा देर तक जमा न रहे ताकि जड़ें खराब न हों।

### 6. बाजार में एवोकाडो की कीमत आमतौर पर क्या है?
ऑनलाइन बाजार में एवोकाडो की कीमत करीब 249 से 338 रुपये प्रति किलो तक है।

### 7. एवोकाडो खाने से शरीर को कौन से पोषक तत्व मिलते हैं?
इसमें गुड फैट, फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फोलेट और विटामिन सी व के पाए जाते हैं।

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