{
  "type": "article",
  "title": "भारी बारिश के चलते उत्तराखंड के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट",
  "summary": "उत्तराखंड में अगले 24 से 48 घंटे बेहद भारी बारिश वाले हैं, मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और सुरक्षा के मद्देनजर देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़ और चंपावत समेत कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।",
  "content": "उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है और मौसम विभाग ने 10 जुलाई को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले 24 से 48 घंटे पहाड़ी राज्य के लिए बेहद संवेदनशील साबित हो सकते हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य के कई जिलों में जिलाधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी है।\n\nआखिर बारिश का कहर इतना क्यों बढ़ा\nदरअसल उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बन गया है और इसके साथ ही वहां एक चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इन दोनों मौसमी सिस्टम के आपस में जुड़ने से देवभूमि में मानसून पूरी तरह से उग्र हो गया है। यही वजह है कि पूरे राज्य में बादल बरसने की रफ्तार अचानक तेज हो गई है और मौसम विभाग को कई जिलों के लिए सबसे ऊंचे स्तर का अलर्ट जारी करना पड़ा है।\n\nरेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिले\nमौसम विभाग ने पौड़ी, नैनीताल, उधमसिंह नगर, चम्पावत और बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश और अत्यंत तीव्र दौर की आशंका जताते हुए इन जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में भी भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका के मद्देनजर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुल मिलाकर राज्य के लगभग सभी प्रमुख जिले किसी न किसी स्तर के अलर्ट की जद में आ गए हैं।\n\nदेहरादून में जलभराव और भूस्खलन से बिगड़े हालात\nराजधानी देहरादून में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जनजीवन प्रभावित होने लगा है। शहर के कार्लीगढ़, सहस्रधारा और सपेरा बस्ती समेत कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थिति देखने को मिली। हालात का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी आशीष चौहान खुद प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। इसी बीच भारी बारिश के कारण सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग दोनों ओर से पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे आवाजाही में दिक्कत आ रही है।\n\nपहाड़ी जिलों में स्कूलों पर लगा ताला\nभारतीय मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए टिहरी जिले में रेड अलर्ट जारी किया, जिसके बाद वहां का प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया। जिलाधिकारी ने एहतियात के तौर पर जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक का अवकाश घोषित कर दिया है। ऊधम सिंह नगर में भी मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है और प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। चंपावत में लगातार खराब मौसम और भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है, साथ ही लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। चमोली के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश जारी है, इसलिए वहां भी प्रशासन ने सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है।\n\nप्रशासन हाई अलर्ट पर, लोगों से घर में रहने की अपील\nप्रदेश में कई जिलों के लिए जारी रेड अलर्ट के बीच पूरा प्रशासन हाई अलर्ट पर है। लोगों से मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की गई है।\n\nमौसम वैज्ञानिकों ने बताई इस बारिश की बड़ी वजह\nमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार समुद्र तल से 9.6 किलोमीटर ऊपर तक विस्तृत चक्रवाती परिसंचरण ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। इसके उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के बाद उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से 10 जुलाई को उत्तराखंड में बारिश के साथ-साथ बर्फबारी और ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। लगातार हो रही इस बारिश के कारण उत्तराखंड के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों के तापमान में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम में अचानक ठंडक आ गई है। कुमाऊं मंडल के अधिकांश स्थानों पर और गढ़वाल मंडल के अनेक क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने के तीव्र दौर की चेतावनी दी गई है। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।\n\nदेहरादून, हरिद्वार और नैनीताल समेत इन जिलों में भी स्कूल बंद\nमौसम विभाग के भारी बारिश और रेड अलर्ट के पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर 10 जुलाई यानी शुक्रवार को राज्य के कई बड़े जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। राजधानी देहरादून में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी सरकारी, गैर-सरकारी, प्राइवेट स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही हरिद्वार और नैनीताल जिले में भी भारी बारिश की गंभीर चेतावनी के चलते सभी शिक्षण संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे। पहाड़ी जिलों की बात करें तो चमोली में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में भी खराब मौसम और भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए जिलाधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से 10 जुलाई को स्कूलों की छुट्टी के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासन ने अभिभावकों और बच्चों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान घरों में ही सुरक्षित रहें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।\n\nदेहरादून, पंतनगर और टिहरी समेत प्रमुख शहरों में तापमान का हाल\nलगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण उत्तराखंड के प्रमुख शहरों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ों में अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी देहरादून में लगातार हो रही बारिश से अधिकतम तापमान गिरकर 23.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पंतनगर यानी उधमसिंह नगर में अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो कि मैदानी क्षेत्रों में सबसे अधिक रहा। पर्वतीय क्षेत्र टिहरी में न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वहां अधिकतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह चेतावनी बताती है कि मानसून का दौर अभी और तेज होने वाला है, इसलिए पहाड़ी राज्यों की यात्रा या ट्रैकिंग की योजना बनाने वाले लोग मौसम विभाग के ताजा अलर्ट जरूर देखें।\n• उत्तराखंड में: देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़, चंपावत, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जैसे जिलों में रहने वाले परिवारों के बच्चों के स्कूल 10 जुलाई को बंद रहेंगे, इसलिए अभिभावक बच्चों को घर पर ही रखें और नदी-नालों व भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. उत्तराखंड में कब तक भारी बारिश की चेतावनी है?\nमौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील हैं और 10 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो सकती है।\n\n2. किन जिलों में रेड अलर्ट जारी हुआ है?\nपौड़ी, नैनीताल, उधमसिंह नगर, चम्पावत और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश के चलते रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।\n\n3. इतनी तेज बारिश की वजह क्या है?\nउत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण मानसून को उग्र बना रहा है।\n\n4. 10 जुलाई को किन जिलों में स्कूल बंद हैं?\nदेहरादून, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़, चंपावत, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखे गए हैं।\n\n5. देहरादून में बारिश से कहां-कहां नुकसान हुआ?\nदेहरादून के कार्लीगढ़, सहस्रधारा और सपेरा बस्ती इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थिति देखी गई, और सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग दोनों ओर से बंद हो गया।\n\n6. बारिश के कारण तापमान में कितनी गिरावट आई है?\nउत्तराखंड के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों के तापमान में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम में अचानक ठंडक आ गई है।\n\n7. देहरादून और पंतनगर का अधिकतम तापमान क्या रहा?\nदेहरादून में अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि पंतनगर में यह 28.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मैदानी इलाकों में सबसे ज्यादा है।",
  "url": "https://trendkia.com/uttarakhand/bhari-barisha-ke-chalate-uttarakhand-ke-kai-jilon-men-skulon-ki-chhutti-mausama-vibhaga-ne-jari-kiya-reda-alarta-6403",
  "category": "उत्तराखंड",
  "publishedAt": "2026-07-10",
  "tags": [
    "उत्तराखंड बारिश",
    "मौसम विभाग रेड अलर्ट",
    "देहरादून बारिश",
    "स्कूल बंद",
    "उत्तराखंड मानसून",
    "भूस्खलन"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}