# बिधौली में जाली एग्रीमेंट दिखाकर बंद पड़े हॉस्टल से चार दिन में समेटा 30 लाख का सामान

> देहरादून के बिधौली में शातिर चोरों ने खुद को खरीदार बताकर और जाली एग्रीमेंट दिखाकर बंद पड़े हॉस्टल से दरवाजे और खिड़कियों के चैनल समेत 30 लाख रुपये का सामान समेट लिया।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-10-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/bidholi-men-jali-egrimenta-dikhakara-bnda-pare-hostala-se-chara-dina-men-sameta-30-lakha-ka-samana-46407 · **Language:** Hindi
**Tags:** देहरादून, बिधौली, हॉस्टल चोरी, उत्तराखंड पुलिस, प्रेमनगर, रजत दुआ, शेखर सुयाल

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में एक बेहद हैरान करने वाली चोरी की वारदात सामने आई है। बिधौली इलाके में काफी समय से बंद पड़े एक बड़े हॉस्टल को अज्ञात चोरों के गिरोह ने निशाना बनाया। आरोपियों ने चोरी के पारंपरिक तरीके अपनाने के बजाय खुद को वैध खरीदार के रूप में पेश किया। दिनदहाड़े गाड़ियां लगाकर हॉस्टल से सामान ले जाया गया, जिससे किसी को भी शुरुआत में कोई शक नहीं हुआ। जब आसपास के लोगों ने उनसे पूछताछ की, तो आरोपियों ने दावा किया कि उन्होंने हॉस्टल मालिक से यह सारा सामान कानूनी रूप से खरीद लिया है।

स्थानीय लोगों को झांसा देने और अपने दावे को पुख्ता करने के लिए आरोपियों ने मौके पर एक जाली एग्रीमेंट भी दिखा दिया। इस झूठे दस्तावेज के आधार पर उन्होंने पड़ोसियों का भरोसा जीत लिया। इसके बाद लगातार चार दिनों तक गाड़ियां भरकर हॉस्टल की एक-एक चीज बाहर निकाली जाती रही। बेखौफ होकर की गई इस लूटपाट की भनक चार दिनों तक किसी को नहीं लगी। जब हॉस्टल के मालिक शनिवार को मौके पर पहुंचे, तब जाकर इस बड़े नुकसान का खुलासा हुआ।

## करीब 30 कमरों वाले परिसर से चार दिन तक चलता रहा सामान का खेल
यह पूरी घटना प्रेमनगर थाना अंतर्गत बिधौली की है, जहां लगभग 30 कमरों वाला एक हॉस्टल काफी समय से पूरी तरह बंद पड़ा था। इसी सन्नाटे और लावारिस स्थिति का फायदा उठाकर शातिर गिरोह ने यह योजना बनाई। गिरोह के सदस्य दिनदहाड़े मौके पर पहुंचे और वाहनों में सामान लादने लगे। आसपास के लोगों को जब लगातार लोडिंग होते दिखी, तो उन्होंने पूछताछ शुरू की। आरोपियों ने तुरंत खुद को संपत्ति और सामान का अधिकृत खरीदार बताया और कहा कि हॉस्टल संचालक ने पूरा फर्नीचर व उपकरण उन्हें बेच दिया है। मौके पर फर्जी एग्रीमेंट पेश किए जाने के कारण किसी ने पुलिस को सूचना नहीं दी और आरोपी आराम से चार दिन तक गाड़ियां भरते रहे।

## मालिक के पहुंचते ही खुली पोल, अंदर का नजारा देख उड़े होश
हॉस्टल के मालिक रजत दुआ जब शनिवार को किसी काम से अपनी संपत्ति का जायजा लेने पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गए। पूरा परिसर अंदर से वीरान हो चुका था और वहां रखा सारा कीमती सामान गायब था। रजत दुआ के अनुसार, परिसर में बहुत बड़े स्तर पर सामान साफ किया गया है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस पूरी शातिराना वारदात में लगभग 30 लाख रुपये की संपत्ति चोरी हो चुकी है। हॉस्टल मालिक ने तुरंत इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी।

## दरवाजे, खिड़कियों के चैनल से लेकर नल और शावर तक उखाड़े
चोरों ने हॉस्टल के किसी भी हिस्से को नहीं बख्शा। वे हॉस्टल के कमरों से लगभग 70 बेड, 32 गीजर, 35 अलमारियां, दो बड़े डीप फ्रीजर और छह गैस सिलेंडर वाहनों में लादकर ले गए। इसके अलावा आरोपियों ने इमारत के 20 दरवाजे और सभी खिड़कियों के लोहे के चैनल तक दीवार से उखाड़ लिए। बाथरूम में लगी फिटिंग्स भी नहीं छोड़ी गईं; वहां के सभी नल, टोंटियां और शावर तक गायब कर दिए गए। हॉस्टल में मौजूद अन्य उपयोगी उपकरणों और बाकी जरूरी चीजों को भी पूरी तरह समेट लिया गया, जिससे मालिक को करीब 30 लाख रुपये की चपत लगी है।

## पुलिस ने शुरू की तलाश, गिरोह की पहचान में जुटी टीम
इस अनूठी और सुनियोजित चोरी की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग सक्रिय हो गया है। एसपी सिटी देहरादून शेखर सुयाल के अनुसार, पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच और तलाश शुरू कर दी है। पुलिस की अलग-अलग टीमें इस वारदात में शामिल गिरोह की शिनाख्त करने में जुटी हैं ताकि चोरी गए शत-प्रतिशत सामान को बरामद किया जा सके। जिस तरह से फर्जी कागजात दिखाकर और खरीदार बनकर पूरे हॉस्टल को खाली किया गया, उसने सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस शातिर गिरोह को बेनकाब करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

## इसका आप पर असर
यह घटना दर्शाती है कि बंद पड़ी संपत्तियों की निगरानी और अजनबियों के दावों का सत्यापन करना कितना आवश्यक है।

- **भारत में:** यदि कोई संपत्ति लंबे समय तक बंद रहती है, तो वहां सीसीटीवी कैमरे लगाना और पड़ोसियों के संपर्क में रहना बेहद जरूरी है। अज्ञात व्यक्तियों द्वारा सामान ले जाने की स्थिति में केवल कागजात देखकर भरोसा करने के बजाय मूल मालिक से सीधे पुष्टि करनी चाहिए।
- **देहरादून में:** बिधौली और प्रेमनगर जैसे शिक्षण संस्थानों वाले इलाकों में हॉस्टल संचालक अपनी संपत्तियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। स्थानीय निवासियों को भी किसी भी संदिग्ध गतिविधि या भारी लोडिंग की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या मालिक को देनी चाहिए।
- **संपत्ति मालिकों के लिए:** खाली पड़े भवनों की सुरक्षा के लिए नियमित फिजिकल विजिट या विश्वसनीय चौकीदार की व्यवस्था की जानी चाहिए। इससे किसी भी अनाधिकृत गतिविधि की जानकारी समय रहते मिल सकेगी और नुकसान से बचा जा सकेगा।
- **पड़ोसियों की सतर्कता:** किसी भी लोडिंग या शिफ्टिंग के दौरान दिखाए जाने वाले कागजात के भरोसे रहने के बजाय संबंधित मकान मालिक से फोन पर पुष्टि करना सुरक्षित कदम है। इससे अपराधियों द्वारा रची गई साजिश का समय रहते पर्दाफाश हो सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह वारदात एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई, जिसमें चोरों ने बंद संपत्ति और सामाजिक भरोसे का फायदा उठाया।

- **लंबे समय से बंद परिसर:** बिधौली स्थित यह हॉस्टल काफी समय से पूरी तरह बंद था, जिससे आरोपियों को वहां रेकी करने और बिना किसी अंदरूनी दखल के योजना बनाने का अवसर मिला। परिसर में किसी गार्ड या मालिक की गैरमौजूदगी ने गिरोह का काम आसान कर दिया।
- **जाली कागजात का सहारा:** आरोपियों ने दिनदहाड़े गाड़ियां लगाकर काम किया और पूछताछ करने वाले स्थानीय लोगों को एक फर्जी बिक्री एग्रीमेंट थमा दिया। इस बनावटी कानूनी दस्तावेज की वजह से पड़ोसियों का संदेह दूर हो गया और उन्होंने पुलिस को सूचना नहीं दी।
- **चार दिनों तक निर्बाध गतिविधि:** किसी की ओर से हॉस्टल मालिक से संपर्क न किए जाने के कारण चोरों को लगातार चार दिनों तक सामान लोड करने का समय मिल गया। जब शनिवार को मालिक खुद पहुंचे, तब जाकर मामले का भंडाफोड़ हुआ।
- **पुलिस जांच की स्थिति:** पुलिस अब अज्ञात गिरोह की तलाश कर रही है और उपयोग किए गए वाहनों व फर्जी कागजात के आधार पर सुराग जुटाने में जुटी है। इस गिरोह की पहचान और गिरफ्तारी के बाद ही पूरी कार्यप्रणाली का आधिकारिक खुलासा होगा।

## सवाल-जवाब

### 1. देहरादून में हॉस्टल से चोरी की यह घटना किस इलाके में हुई?
यह वारदात देहरादून के थाना प्रेमनगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिधौली इलाके में हुई है।

### 2. चोरों ने स्थानीय लोगों के पूछने पर क्या बहाना बनाया था?
आरोपियों ने खुद को सामान का खरीदार बताया और दावा किया कि हॉस्टल मालिक ने सारा सामान उन्हें बेच दिया है, जिसके समर्थन में उन्होंने जाली एग्रीमेंट भी दिखाया।

### 3. हॉस्टल से कितने दिनों तक सामान निकाला जाता रहा?
आरोपी लगातार चार दिनों तक गाड़ियां भरकर हॉस्टल से सामान निकालते रहे।

### 4. इस चोरी में कुल कितने रुपये के नुकसान का अनुमान है?
हॉस्टल मालिक रजत दुआ के अनुसार, चोरी गए कुल सामान की कीमत लगभग 30 लाख रुपये आंकी गई है।

### 5. हॉस्टल से कौन-कौन सा मुख्य सामान चोरी हुआ है?
चोर करीब 70 बेड, 32 गीजर, 35 अलमारियां, दो डीप फ्रीजर, छह गैस सिलेंडर, 20 दरवाजे, खिड़कियों के लोहे के चैनल और बाथरूम की सभी फिटिंग्स उखाड़ ले गए।

### 6. मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया गया है?
एसपी सिटी शेखर सुयाल के अनुसार, पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरोह की तलाश और सामान बरामदगी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

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