# चमोली में भालू के डर से भागते हुए सैकड़ों फीट नीचे गिरीं दो महिलाएं, एक की जान गई

> उत्तराखंड के चमोली में जंगल से चारा लाने गई दो महिलाओं पर भालू ने हमला कर दिया, जिससे बचने के दौरान दोनों पहाड़ी से नीचे गिर गईं। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल है।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-09-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/chamoli-men-bhalu-ke-dara-se-bhagate-hue-saikaron-phita-niche-girin-do-mahilaen-eka-ki-jana-gai-27978 · **Language:** Hindi
**Tags:** चमोली भालू हमला, उत्तराखंड समाचार, पोखरी तहसील, भालू का हमला, जंगली जानवर हमला, विमला देवी

उत्तराखंड के चमोली जिले में जंगल से चारा लाने गई दो महिलाओं की जिंदगी में शुक्रवार सुबह उस वक्त कोहराम मच गया जब उनके सामने अचानक एक भालू आ गया। जान बचाने के लिए भागते हुए दोनों महिलाएं पहाड़ी से सैकड़ों फीट नीचे जा गिरीं। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी गंभीर रूप से जख्मी है।

## सिदेली गांव के पास हुआ पूरा हादसा
यह घटना पोखरी तहसील के गांव सिदेली से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई। पहाड़ी गांवों में सुबह-सुबह मवेशियों के लिए जंगल से चारा लाना रोज की जरूरत होती है, और शुक्रवार सुबह भी दोनों महिलाएं इसी काम के लिए जंगल गई थीं। चारा काटते वक्त अचानक एक भालू उनके सामने आ गया और हमला कर दिया। भालू से जान बचाने के चक्कर में दोनों महिलाएं संभल नहीं पाईं और पहाड़ी ढलान से सैकड़ों फीट नीचे लुढ़क गईं। आसपास मौजूद ग्रामीणों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वे तुरंत मौके की तरफ दौड़े और किसी तरह दोनों घायल महिलाओं को नीचे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने 55 साल की विमला देवी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं 42 साल की लक्ष्मी देवी गिरने से बुरी तरह घायल हो गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें श्रीनगर गढ़वाल के बेस अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

## पति चंद्रशेखर बोले, भालू से बचने के दौरान गिरने से हुई मौत
मृतक विमला देवी के पति चंद्रशेखर ने बताया कि उनकी पत्नी की मौत सीधे भालू के हमले से नहीं, बल्कि उससे बचने की कोशिश में खाई में गिरने से हुई है। उनका यह बयान साफ करता है कि हादसे की असली वजह भालू का हमला नहीं बल्कि उससे बचने के दौरान संतुलन बिगड़ना बना।

## घायल महिला के लिए मंगाया गया हेलीकॉप्टर, मौसम ने रोका
पोखरी के तहसीलदार रामकिशोर ध्यानी ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत बेस अस्पताल पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई थी। लेकिन खराब मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। इसके बाद प्रशासन ने घायल लक्ष्मी देवी को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजने का फैसला किया। पहाड़ी रास्तों पर एंबुलेंस से सफर में ज्यादा वक्त जरूर लगा, लेकिन इससे उन्हें समय रहते इलाज मिल सका।

## पहले भी सामने आ चुकी हैं भालू के हमले की घटनाएं
चमोली जैसे पहाड़ी और जंगली इलाकों में भालू के हमले की घटनाएं नई नहीं हैं। इससे पहले महाराष्ट्र में भी जंगल में भालू के हमले का मामला सामने आया था, जिसमें आधी रात एक मेडिकल टीम मौके पर पहुंची थी और घायल व्यक्ति को करीब 18 किलोमीटर तक स्ट्रेचर पर ढोकर अस्पताल पहुंचाया गया था, जिससे उसकी जान बच सकी थी। इस तरह की घटनाएं बताती हैं कि जंगल से सटे गांवों में जंगली जानवरों का खतरा हमेशा बना रहता है।

## जंगल जाने वालों के लिए जरूरी सलाह
पहाड़ी और जंगली इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मवेशियों का चारा लाना रोजमर्रा की मजबूरी है, लेकिन ऐसे इलाकों में जंगली जानवरों का खतरा हमेशा बना रहता है। सलाह दी जाती है कि जंगल जाने वाले लोग हमेशा समूह में जाएं और अकेले चारा लेने या लकड़ी काटने जाने से बचें। साथ ही जानवरों से बचाव के लिए डंडा, सीटी या शोर मचाने वाला कोई साधन जरूर साथ रखना चाहिए। भालू और दूसरे जंगली जानवर अक्सर घात लगाकर हमला करते हैं, इसलिए जंगल में हर वक्त सतर्क रहना बेहद जरूरी है। जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, जैसा कि चमोली की इस घटना में देखने को मिला।

## इसका आप पर असर
यह हादसा उन सभी लोगों के लिए बड़ी चेतावनी है जो जंगल या पहाड़ी इलाकों में मवेशियों के लिए चारा लेने या लकड़ी काटने जाते हैं।

- **भारत में:** जंगल से सटे गांवों में रहने वालों को जंगली जानवरों से बचाव के आसान तरीके अपनाने चाहिए। समूह में जंगल जाना और अकेले न निकलना जान बचा सकता है।
- **उत्तराखंड के चमोली में:** पोखरी तहसील और आसपास के गांवों में प्रशासन को भालू जैसी घटनाओं पर निगरानी बढ़ानी होगी, ताकि चारा लेने वाली महिलाओं को समय रहते चेतावनी मिल सके।
- **आपातकालीन सेवाओं के लिए:** इस घटना से साफ है कि पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए एंबुलेंस से तुरंत पहुंचने की वैकल्पिक व्यवस्था हमेशा तैयार रखनी चाहिए।
- **घायलों के परिवारों के लिए:** गंभीर चोट लगने पर मरीज को जल्द से जल्द बड़े अस्पताल पहुंचाना जरूरी है, भले ही इसके लिए एंबुलेंस जैसे वैकल्पिक साधन का सहारा लेना पड़े।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना कहां हुई?
उत्तराखंड के चमोली जिले में पोखरी तहसील के गांव सिदेली से करीब 100 मीटर की दूरी पर।

### 2. घटना कब हुई?
शुक्रवार सुबह, जब दोनों महिलाएं मवेशियों के लिए जंगल में चारा लेने गई थीं।

### 3. हादसे में किसकी मौत हुई?
55 साल की विमला देवी की मौत हुई, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो चुका था।

### 4. दूसरी महिला की हालत कैसी है?
42 साल की लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें श्रीनगर गढ़वाल के बेस अस्पताल भेजा गया है।

### 5. घायल महिला को हेलीकॉप्टर से क्यों नहीं ले जाया गया?
जिला प्रशासन ने हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की थी लेकिन खराब मौसम की वजह से वह उड़ान नहीं भर सका, इसलिए एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।

### 6. मृतक महिला के परिवार ने क्या कहा?
पति चंद्रशेखर ने बताया कि उनकी पत्नी की मौत भालू के हमले से बचने के दौरान खाई में गिरने से हुई।

### 7. क्या इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं?
हां, इससे पहले महाराष्ट्र में भी भालू के हमले का मामला सामने आया था, जिसमें मेडिकल टीम ने घायल की जान बचाई थी।

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