फिरोजाबाद में कैंची धाम की तरह विकसित होगा नीम करौली बाबा का जन्मस्थान, यूपी सरकार ने बनाई भव्य कॉरिडोर योजना फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने फिरोजाबाद में नीम करौली बाबा के जन्मस्थान अकबरपुर को कैंची धाम की तर्ज पर एक भव्य धार्मिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। इस परियोजना के लिए साढ़े 87 बीघा जमीन चिन्हित की गई है और फर्रूखाबाद तथा वृंदावन स्थित स्थलों को भी बेहतर सुविधाओं के साथ संवारा जाएगा। उत्तराखंड के कैंची धाम से पहचाने जाने वाले पूज्य संत नीम करौली बाबा के जन्मस्थान को उत्तर प्रदेश सरकार अब उसी तर्ज पर एक भव्य आध्यात्मिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने जा रही है। मात्र 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी फिल्म हनुमान अंश की अपार सफलता के बाद नीम करौली बाबा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था में भारी उछाल आया है। आमतौर पर लोग नीम करौली बाबा का संबंध उत्तराखंड के कैंची धाम से ही जोड़कर देखते हैं, लेकिन उनका जन्म, तपस्या और समाधि तीनों ही उत्तर प्रदेश की पवित्र भूमि पर हुए थे। फिरोजाबाद स्थित जन्मस्थली पर भव्य कॉरिडोर का खाका नीम करौली बाबा का जन्म वर्ष 1900 में फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में हुआ था। पर्यटन विभाग के अधिकारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि बाबा की जन्मस्थली पर एक भव्य कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए क्षेत्र में लगभग साढ़े 87 बीघा जमीन चिन्हित की गई है। भूमि अधिग्रहण को सुचारू बनाने के लिए इलाके का सर्किल रेट बढ़ाकर 69 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। सरकारी नियमों के तहत भू-स्वामियों को जमीन का 4 गुना मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इस अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर स्थानीय स्तर पर कोई विरोध नहीं है। नीम करौली बाबा के पोते-पोतियों और स्थानीय ग्रामीणों ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया गया है, जिसके मिलते ही जमीन खरीदने का काम पूरा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। आधुनिक सुविधाएं और श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं फिरोजाबाद में बनने वाले इस परिसर को कैंची धाम जैसी ही सुविधाओं से लैस किया जाएगा। परिसर में एक भव्य प्रवेश द्वार और बाबा के जीवन दर्शन को प्रदर्शित करता डिजिटल म्यूजियम बनाया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए विशाल सभा स्थल, मल्टीलेवल पार्किंग, भंडारा स्थल, फूड कोर्ट, इंटरप्रिटेशन सेंटर तथा ध्यान एवं वेलनेस सेंटर की स्थापना की जाएगी। फर्रूखाबाद के तपस्या स्थल नीब करौरी का कायाकल्प जन्मस्थली के साथ-साथ पर्यटन विभाग फर्रूखाबाद जिले के नीब करौरी गांव (संकिसा) में स्थित बाबा के तपस्या स्थल के विकास पर भी काम कर रहा है। बाबा ने इस स्थान पर लगभग 12 वर्षों तक कठिन तपस्या की थी, जिसके कारण उनका नाम नीम करौली बाबा पड़ा। इस गांव में नीब करौरी नाम से एक रेलवे स्टेशन भी स्थित है। फिल्म हनुमान अंश के प्रदर्शन के बाद से यहां प्रतिदिन 60 से 70 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पर्यटन विभाग इस तपस्या स्थल के आसपास 5 एकड़ क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेगा। योजना के तहत परिसर में एक विशाल जलकुंड का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा सड़कों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें चौड़ा बनाया जाएगा, सुव्यवस्थित पार्किंग स्थल तैयार होंगे और माताओं व बच्चों की सुविधा के लिए विशेष चाइल्ड केयर पॉइंट स्थापित किए जाएंगे। वृंदावन समाधि स्थल और लखनऊ से शुरू होने वाला सर्किट उत्तर प्रदेश सरकार वृंदावन में स्थित नीम करौली बाबा के समाधि स्थल को भी विकसित कर रही है। समाधि परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क मार्ग के विस्तार के साथ-साथ पर्यटकों के लिए आधुनिक नागरिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। दूसरी ओर, लखनऊ में गोमती नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर को 'नीम करौली बाबा सर्किट' के शुरुआती केंद्र के रूप में चुना गया है। नीम करौली बाबा महाराज की प्रेरणा से बने इस मंदिर से उत्तर प्रदेश स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPSTDC) की गाइडेड टूर सेवा शुरू होगी। मंदिर परिसर में भक्तों के बैठने की बेहतर व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल और कम्यूनिकेशन सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में इस मंदिर में नीम करौली बाबा की दो प्रतिमाएं और भगवान हनुमान जी का भव्य विग्रह स्थापित है। नीम करौली बाबा का जीवन परिचय और पारिवारिक पृष्ठभूमि नीम करौली बाबा का बचपन का नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। बचपन से ही उनका झुकाव हनुमान जी की भक्ति की ओर था। वे एक गृहस्थ संत थे, जिनके दो बेटे अनेक शर्मा व धर्म नारायण शर्मा और एक बेटी गिरिजा भटेले हैं। उनके दोनों बेटों का निधन हो चुका है, जबकि बेटी गिरिजा भटेले वर्तमान में वयोवृद्ध हैं। नीम करौली बाबा से जुड़ी तमाम संस्थाओं और व्यवस्थाओं का संचालन 'श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट' करता है, जिसकी प्रमुख उनकी बेटी गिरिजा भटेले ही हैं। इसका आप पर असर नीम करौली बाबा के जन्मस्थान और आध्यात्मिक स्थलों का व्यापक पुनर्विकास उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन, बुनियादी ढांचे और स्थानीय रोजगार को नई दिशा देगा। • पूरे भारत में: देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को नीम करौली बाबा के विभिन्न पावन स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं और सुलभ यात्रा व्यवस्था मिलेगी। उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम द्वारा लखनऊ से शुरू की जाने वाली गाइडेड टूर सेवा से तीर्थयात्रियों के लिए सभी प्रमुख स्थलों के दर्शन करना बेहद आसान हो जाएगा। • फिरोजाबाद में: अकबरपुर गांव के भू-स्वामियों को सर्किल रेट बढ़ने से चार गुना मुआवजा राशि प्राप्त होगी। इसके अलावा भव्य कॉरिडोर में बनने वाले फूड कोर्ट, पार्किंग और कमर्शियल क्षेत्रों से स्थानीय युवाओं को नए रोजगार और व्यापार के अवसर मिलेंगे। • फर्रूखाबाद में: नीब करौरी गांव के आसपास सड़कों के चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटने से आवागमन आसान होगा। रोजाना पहुंचने वाले 60 से 70 हजार श्रद्धालुओं के लिए नए जलकुंड, सुव्यवस्थित पार्किंग और चाइल्ड केयर पॉइंट से यात्रा सुगम बनेगी। • वृंदावन और लखनऊ में: वृंदावन समाधि स्थल और लखनऊ के हनुमान सेतु मंदिर में आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिलेगा। बेहतर सीटिंग एरिया, विश्राम गृह और आधुनिक शौचालयों से दूर-दराज से आने वाले यात्रियों का समय और श्रम बचेगा। ऐसा क्यों हुआ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नीम करौली बाबा के जन्मस्थान पर भव्य कॉरिडोर बनाने का निर्णय एक हालिया फिल्म के प्रदर्शन के बाद श्रद्धालुओं की अचानक बढ़ी संख्या के कारण लिया गया है। राज्य सरकार ने बाबा से जुड़े पौराणिक व ऐतिहासिक स्थलों की महत्ता को देखते हुए इस महत्वाकांक्षी योजना को अंतिम रूप दिया है। • फिल्म हनुमान अंश का प्रभाव: मात्र 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म हनुमान अंश के रिलीज होने के बाद बाबा नीम करौली के जीवन के प्रति लोगों में भारी उत्सुकता जागी। इस फिल्म ने जनमानस के बीच बाबा से जुड़े उत्तर प्रदेश के स्थलों की जानकारी को व्यापक रूप से पहुंचाया। • जन्मस्थान की पहचान: अब तक अधिकांश लोग नीम करौली बाबा को केवल उत्तराखंड के कैंची धाम से जोड़कर देखते थे। पर्यटन विभाग ने इस जनधारणा को स्पष्ट करते हुए फिरोजाबाद स्थित उनकी जन्मस्थली अकबरपुर को धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की पहल की। • श्रद्धालुओं की भारी भीड़: फिल्म आने के बाद फर्रूखाबाद के नीब करौरी गांव में रोजाना 60 से 70 हजार भक्त पहुंचने लगे। इतने बड़े पैमाने पर उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और सुविधाएं देने के लिए सरकार ने तत्काल बुनियादी ढांचा विकसित करने का फैसला किया। • स्थानीय स्तर पर पूर्ण सहमति: बाबा के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बिना किसी आपत्ति के अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे देने से परियोजना को गति मिली। जमीन मालिकों की सहमति मिलने के बाद पर्यटन विभाग ने कॉरिडोर प्रस्ताव को अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेज दिया। सवाल-जवाब 1. नीम करौली बाबा का भव्य कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में कहाँ बनाया जाएगा? यह भव्य कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले स्थित नीम करौली बाबा के जन्मस्थान अकबरपुर गांव में बनाया जाएगा। 2. यूपी सरकार ने यह कॉरिडोर बनाने का फैसला क्यों लिया? मात्र 2 करोड़ रुपये में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' के आने के बाद बाबा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था में भारी बढ़ोतरी हुई, जिससे सरकार ने यह कदम उठाया। 3. फिरोजाबाद में कॉरिडोर के लिए कितनी जमीन ली जा रही है और मुआवजा दर क्या है? कॉरिडोर के लिए लगभग साढ़े 87 बीघा जमीन चिन्हित की गई है, जिसका सर्किल रेट 69 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तय किया गया है और नियमानुसार 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा। 4. नीम करौली बाबा ने 12 वर्षों तक तपस्या कहाँ की थी? बाबा ने फर्रूखाबाद जिले के नीब करौरी गांव (संकिसा) में 12 वर्षों तक कठिन तपस्या की थी, जिसके आधार पर उनका नाम नीम करौली बाबा पड़ा। 5. 'नीम करौली बाबा सर्किट' की शुरुआत किस मंदिर से होगी? इस सर्किट की शुरुआत लखनऊ में गोमती नदी तट पर स्थित प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर से होगी, जहां से UPSTDC गाइडेड टूर संचालित करेगा। 6. नीम करौली बाबा से जुड़ी संस्थाओं का संचालन कौन करता है? बाबा से जुड़े सभी संस्थानों का प्रबंधन 'श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट' द्वारा किया जाता है, जिसकी प्रमुख उनकी बेटी गिरिजा भटेले हैं। https://trendkia.com/uttarakhand/firozabad-men-kainchi-dham-ki-taraha-vikasita-hoga-neem-karoli-baba-ka-janmasthana-up-government-ne-banai-bhavya-koridora-yojana-32913 TrendKia — Har trend, sabse pehle.