घर की शोभा बढ़ाने वाला स्नेक प्लांट, रात में भी देता है ऑक्सीजन और क्या इससे आते हैं सांप? कम देखभाल में आसानी से उगने वाला स्नेक प्लांट घरों में बहुत पसंद किया जाता है। इसके फायदों, रात में ऑक्सीजन छोड़ने की खूबी और इससे जुड़े मिथकों के बारे में यहाँ विस्तार से जानिए। घरों को हरा-भरा और सुंदर बनाए रखने के लिए आजकल लोग विभिन्न प्रकार के इनडोर पौधे लगाना पसंद करते हैं। इनमें स्नेक प्लांट एक बेहद लोकप्रिय विकल्प है, जिसे बहुत कम देखभाल की आवश्यकता होती है और यह आसानी से घर के अंदर पनप जाता है। इसकी लंबी, सीधी और तलवार के आकार जैसी पत्तियां इसे अन्य पौधों से काफी अलग और आकर्षक बनाती हैं। इन पत्तियों पर हरे और पीले रंग की बेहद खूबसूरत धारियां होती हैं जो देखने में बहुत भली लगती हैं। उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी दोनों ही क्षेत्रों में लोग इसे अपने घरों, बालकनी, बरामदों और कार्यालयों में करीने से लगाते हैं। बागेश्वर की रहने वाली गार्डनिंग प्रेमी रिचा जोशी के अनुसार स्नेक प्लांट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह रात के समय भी ऑक्सीजन छोड़ता है। स्नेक प्लांट की अनूठी कार्यप्रणाली और विशेषताएँ सामान्य तौर पर अधिकांश पौधे दिन के समय प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं, लेकिन स्नेक प्लांट में सीएएम नाम की एक खास और अनोखी प्रक्रिया पाई जाती है। इस विशेष प्रक्रिया के तहत यह रात के वक्त भी कार्बन डाइऑक्साइड सोखने का काम करता है। वहीं, जब इसे पर्याप्त रोशनी मिलती है तो यह दिन के उजाले में प्रकाश के माध्यम से ऑक्सीजन का संचार करता है। यही मुख्य वजह है कि इसे बेडरूम के लिए सबसे अच्छे और लोकप्रिय इनडोर पौधों में से एक माना जाता है। इसकी पत्तियाँ घर के किसी भी सूने कोने की सुंदरता को आसानी से बढ़ा देती हैं। इसे छोटे गमलों से लेकर बड़े सजावटी गमलों में भी बेहद आसानी से लगाया जा सकता है। इसके अलावा, यह पौधा कम रोशनी वाली जगहों पर भी लंबे समय तक जीवित रहने की क्षमता रखता है, हालांकि बेहतर विकास के लिए इसे पर्याप्त रोशनी की आवश्यकता होती है। देखभाल के तरीके और हवा को शुद्ध करने का दावा स्नेक प्लांट को उगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे बार-बार पानी देने या विशेष देखरेख की कोई जरूरत नहीं पड़ती है। यह कम पानी की स्थिति में भी लंबे समय तक हरा-भरा और स्वस्थ बना रह सकता है। रिचा जोशी का कहना है कि बहुत से लोग इसे एक बेहतरीन एयर प्यूरीफायर यानी हवा साफ करने वाला पौधा भी मानते हैं। कुछ प्रयोगशाला अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि स्नेक प्लांट में कुछ खास वायु प्रदूषकों को कम करने की क्षमता होती है, हालाँकि सामान्य घरों के वातावरण में हवा को शुद्ध करने के मामले में पौधों का वास्तविक प्रभाव काफी सीमित हो सकता है। इस पौधे को लगाते समय हमेशा ऐसी मिट्टी का इस्तेमाल करना चाहिए जिसमें पानी रुकता न हो और जल निकासी की बेहतरीन व्यवस्था हो। गमले के निचले हिस्से में पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद होना बेहद जरूरी है। पानी देने के नियम और पौधों की सफाई इस पौधे को ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहाँ हल्की प्राकृतिक रोशनी आसानी से मिल सके। स्नेक प्लांट को बहुत अधिक पानी देना घातक साबित हो सकता है क्योंकि इससे इसकी जड़ें सड़ने लगती हैं। इसलिए हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि जब गमले की मिट्टी पूरी तरह सूख जाए, तभी दोबारा पानी दिया जाए। सर्दियों के मौसम में इस पौधे को पानी की आवश्यकता और भी कम हो जाती है। रिचा जोशी यह भी सलाह देती हैं कि स्नेक प्लांट की पत्तियों को समय-समय पर एक साफ कपड़े से अच्छी तरह पोंछते रहना चाहिए ताकि उन पर धूल-मिट्टी न जम पाए। जैसे-जैसे पौधे का विकास होता है, इसकी जड़ों के पास से छोटे-छोटे नए पौधे निकलने लगते हैं जिन्हें अलग करके नए गमलों में आसानी से लगाया जा सकता है। नाम का रहस्य और सुरक्षा से जुड़ी सावधानियाँ इस पौधे के नाम को लेकर अक्सर आम लोगों के मन में यह भ्रम रहता है कि इसे घर के अंदर लगाने से सांप आकर्षित होकर चले आते हैं, लेकिन इस बात का कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है। असल में इस पौधे का नाम इसकी पत्तियों पर बनी सांप जैसी धारियों और विशिष्ट बनावट के आधार पर रखा गया है। हालाँकि, यह बात जरूर ध्यान रखने योग्य है कि यह पौधा पालतू जानवरों के लिए हल्का विषैला साबित हो सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए इसे छोटे बच्चों और घर के पालतू पशुओं की पहुँच से हमेशा दूर रखना ही समझदारी है। इसका आप पर असर घर में स्नेक प्लांट लगाने से मिलने वाले व्यावहारिक लाभ और सावधानियाँ इस प्रकार हैं: • हवा की शुद्धता: यह पौधा घर के अंदर के वातावरण में कुछ हद तक वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करता है। हालांकि, सामान्य घरों में यह पूरे कमरे की हवा को पूरी तरह से शुद्ध नहीं कर सकता है। • ऑक्सीजन का स्तर: रात के समय भी ऑक्सीजन छोड़ने की खूबी के कारण इसे बेडरूम में रखना फायदेमंद माना जाता है। इससे रात में कमरे की हवा ताजी बनी रहती है। • देखभाल की आसानी: कम पानी और कम रोशनी में भी जीवित रहने के कारण व्यस्त लोग इसे आसानी से घर में रख सकते हैं। बार-बार पानी देने या खाद डालने की झंझट नहीं रहती है। • बच्चों और पालतू जानवरों की सुरक्षा: यह पौधा पालतू जानवरों और छोटे बच्चों के लिए हल्का विषैला हो सकता है। इसलिए इसे हमेशा ऊंचे स्थान पर या उनकी पहुंच से दूर रखना जरूरी है। • जल निकासी की जरूरत: पौधे को लगाते समय गमले में पानी के निकास का उचित प्रबंध होना चाहिए। अधिक पानी मिलने से जड़ें सड़ सकती हैं और पौधा खराब हो सकता है। ऐसा क्यों हुआ स्नेक प्लांट की अनूठी विशेषताओं और उससे जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों के पीछे कई कारण छिपे हैं: • सीएएम प्रक्रिया: इस पौधे में क्रैसुलियन एसिड मेटाबॉलिज्म नामक विशेष प्रक्रिया पाई जाती है। इसी जैविक प्रणाली के कारण यह रात के समय कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करता है। • नाम का आधार: पौधे की लंबी पत्तियों पर बनी धारियों और सांप जैसी बनावट के कारण इसका प्रचलित नाम स्नेक प्लांट पड़ा है। इसका वास्तविक जीवों से कोई संबंध नहीं है। • कम पानी की आवश्यकता: इसके मूल प्राकृतिक आवास और शारीरिक बनावट के कारण यह पत्तियों में नमी संचित कर सकता है। यही खूबी इसे सूखे और कम पानी वाले वातावरण में भी जीवित रखती है। • विषैले तत्व: इस पौधे के भीतर कुछ ऐसे प्राकृतिक रसायन या यौगिक होते हैं जो पालतू जानवरों के पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। यही कारण है कि यह पालतू जीवों के लिए विषैला माना जाता है। सवाल-जवाब 1. स्नेक प्लांट रात में क्या छोड़ता है? स्नेक प्लांट रात के समय ऑक्सीजन छोड़ता है क्योंकि इसमें सीएएम नामक विशेष प्रक्रिया पाई जाती है। 2. क्या स्नेक प्लांट को घर में रखने से सांप आते हैं? नहीं, इसे घर में रखने से सांप आने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसका नाम इसकी पत्तियों की धारियों के कारण पड़ा है। 3. क्या इस पौधे को अधिक पानी की जरूरत होती है? नहीं, स्नेक प्लांट को बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है। अधिक पानी देने से इसकी जड़ें सड़ सकती हैं। 4. क्या यह पौधा पालतू जानवरों के लिए सेफ है? यह पौधा पालतू जानवरों के लिए हल्का विषैला हो सकता है, इसलिए इसे उनकी पहुंच से दूर रखना चाहिए। 5. स्नेक प्लांट को लगाने के लिए कैसी मिट्टी चाहिए? इस पौधे को उगाने के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का उपयोग करना चाहिए जिसमें पानी न रुके। https://trendkia.com/uttarakhand/ghar-ki-shobha-badhane-vala-snake-plant-rat-mein-bhi-deta-hai-oxygen-57603 TrendKia — Har trend, sabse pehle.