# घरेलू तनाव और नकारात्मक ऊर्जा से हैं परेशान? नवरात्रि में अपनाएं ये सरल वास्तु और पूजा नियम

> पारिवारिक कलह दूर करने और घर में सुख शांति लाने के लिए नवरात्रि के दौरान मुख्य द्वार की सजावट से लेकर खास पूजा विधियों तक ये आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-10-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/gharelu-tanava-aura-nakaratmaka-urja-se-hain-pareshana-navratri-men-apanaen-ye-sarala-vastu-aura-puja-niyama-45885 · **Language:** Hindi
**Tags:** नवरात्रि, वास्तु उपाय, मां दुर्गा पूजा, गृह क्लेश, ज्योतिष टिप्स, सकारात्मक ऊर्जा

नवरात्रि के नौ दिनों का समय मां दुर्गा की उपासना और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दौरान लोग अपने घरों की विशेष सफाई करते हैं और पूजा अर्चना की तैयारियों में जुट जाते हैं। पर्व शुरू होने से पूर्व ही पूजा स्थल और प्रवेश द्वार को व्यवस्थित करने की परंपरा रही है। ज्योतिषी अखिलेश पांडेय के अनुसार धार्मिक मान्यताओं में घर का स्वच्छ वातावरण और मानसिक शांति समृद्धि का आधार बनते हैं। यदि परिवार में अक्सर छोटी बातों पर विवाद होता है या अशांति का माहौल बना रहता है, तो इन नौ दिनों में अपनी दैनिक आदतों में कुछ सरल बदलाव करके सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया जा सकता है।

## मुख्य प्रवेश द्वार की स्वच्छता और तोरण का महत्व
घर में ऊर्जा के प्रवाह का सबसे बड़ा केंद्र मुख्य द्वार होता है। अच्छी या बुरी ऊर्जा का प्रवेश इसी स्थान से माना जाता है, इसलिए इसकी स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ज्योतिषी अखिलेश पांडेय का सुझाव है कि मुख्य द्वार को पूरी तरह साफ रखने के बाद वहां अशोक या आम के ताजे पत्तों से बना तोरण लगाना चाहिए। ऐसी व्यवस्था करने से नकारात्मक तरंगे घर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाती हैं। इसके अलावा पूजा के समय देवी दुर्गा की आराधना के साथ मुख्य द्वार पर भी दीपक प्रज्वलित करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है।

## कपूर आरती और गंगाजल के प्रयोग से वातावरण की शुद्धि
दैनिक पूजा में कुछ खास सामग्रियों का उपयोग घर के वातावरण को शांत और पवित्र बनाता है। नवरात्रि के पूजन के दौरान कपूर जलाकर मां दुर्गा की आरती संपन्न करनी चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का विस्तार होता है। इसके साथ ही पूरे पूजा विधान में और घर के विभिन्न कोनों में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। गंगाजल के इस्तेमाल से वातावरण की अशुद्धियां दूर होती हैं और नकारात्मकता समाप्त होती है।

## लाल पुष्प और नमक के पानी से वास्तु सुधार
धार्मिक मान्यताओं में लाल रंग मां दुर्गा को अत्यंत प्रिय माना गया है। इसी कारण पूजा के समय देवी को लाल गुड़हल या लाल गुलाब के ताजे फूल अर्पित करने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही सुबह के समय नियमित सफाई में फर्श पर पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा नमक मिलाना चाहिए। नमक मिले पानी से पोछा लगाने पर नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है और घर के कई तरह के वास्तु दोष भी शांत होते हैं।

## इसका आप पर असर
नवरात्रि के दौरान घर की सफाई और पूजा में छोटे बदलाव करके परिवार में शांति और सकारात्मक माहौल बनाया जा सकता है।

- **दैनिक दिनचर्या में बदलाव:** सुबह के समय पोछे के पानी में थोड़ा नमक मिलाकर फर्श साफ करें। इससे बिना किसी अतिरिक्त खर्च के घर की नकारात्मक ऊर्जा कम करने में मदद मिलती है।
- **मुख्य द्वार की सजावट:** प्रवेश द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं और शाम को दीपक जलाएं। यह साधारण उपाय घर के वातावरण को शांत और सुखद बनाने में सहायक होता है।
- **पूजा सामग्री का चयन:** देवी पूजन में लाल गुलाब या गुड़हल के फूल और आरती में कपूर का नियमित उपयोग करें। इससे घर के भीतर मानसिक तनाव कम करने और आध्यात्मिक शांति बढ़ाने में मदद मिलती है।
- **पारिवारिक संवाद:** इन नौ दिनों में घर में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचने का संकल्प लें। सकारात्मक वातावरण बनने से आपसी रिश्तों में सुधार महसूस किया जा सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
धार्मिक और वास्तु परंपराओं के अनुसार घर की अव्यवस्था और पूजा विधियों की अनदेखी से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है।

- **मुख्य द्वार की अनदेखी:** प्रवेश द्वार पर गंदगी या अव्यवस्था रहने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचय माना जाता है। इसी कारण द्वार को साफ रखकर वहां तोरण और दीपक लगाने का विधान बनाया गया है।
- **वास्तु दोष और ऊर्जा असंतुलन:** घर के भीतर ऊर्जा का सही प्रवाह न होने से सदस्यों के बीच तनाव और अशांति पनपती है। नमक के पानी से सफाई और गंगाजल का छिड़काव इस असंतुलन को ठीक करने के लिए पारंपरिक उपाय माने गए हैं।
- **पूजा में उपयुक्त सामग्री का महत्व:** मान्यता है कि देवी पूजन में कपूर की आरती और प्रिय लाल रंग के पुष्प अर्पित करने से सकारात्मक तरंगे उत्पन्न होती हैं। यह आध्यात्मिक वातावरण मन को शांत रखने में मदद करता है।

## सवाल-जवाब

### 1. नवरात्रि में मुख्य द्वार पर किन पत्तों का तोरण लगाना शुभ होता है?
मुख्य द्वार पर अशोक या आम के पत्तों का तोरण लगाना शुभ माना जाता है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रुकता है।

### 2. घर से वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए पोछे में क्या मिलाएं?
सुबह फर्श की सफाई करते समय पानी में थोड़ा सा नमक मिलाकर पोछा लगाने से नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष दूर होते हैं।

### 3. मां दुर्गा की पूजा में किन रंगों के फूल चढ़ाने चाहिए?
मां दुर्गा को लाल रंग प्रिय होने के कारण पूजा में लाल गुड़हल या लाल गुलाब के फूल चढ़ाना विशेष रूप से शुभ माना गया है।

### 4. पूजा के दौरान घर की शुद्धि के लिए क्या उपाय बताया गया है?
पूजा में कपूर जलाकर मां दुर्गा की आरती करनी चाहिए और घर की शुद्धि तथा नकारात्मकता दूर करने के लिए गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।

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