हल्द्वानी कार्यसमिति में नितिन नवीन का तीखा हमला, कांग्रेस पर उत्तराखंड को जातिगत आधार पर बांटने का लगाया आरोप हल्द्वानी में आयोजित उत्तराखंड बीजेपी की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल देवभूमि की जनता को जाति के नाम पर बांटने की साजिश रच रहा है। उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में भारतीय जनता पार्टी की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्य और देश के राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने हाल ही में सामने आए हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की नीतियों और बयानों की कड़े शब्दों में आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि की पवित्र पहचान को राजनीतिक स्वार्थ के लिए सामाजिक या जातिगत विभाजन का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा। जातीय राजनीति और कार्यकर्ताओं के अपमान का आरोप अपने संबोधन में नितिन नवीन ने सीधे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व असत्य दावों का सहारा लेकर देश और उत्तराखंड के नागरिकों को जाति के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि उत्तराखंड एक ऐसी पवित्र भूमि है, जहाँ जनमानस हर शिला और कंकड़ में भगवान शंकर का वास मानता है। ऐसी आध्यात्मिक भूमि पर जातिवाद का जहर घोलने के प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। इसके अलावा, उन्होंने कांग्रेस के भीतर सांगठनिक स्तर पर उपेक्षा का मुद्दा भी उठाया। नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि कर्नाटक और राजस्थान जैसे राज्यों में कांग्रेस के प्रांतीय संगठनों के अंदर अनुसूचित जाति से आने वाले कार्यकर्ताओं के साथ लगातार भेदभाव और अपमान की घटनाएं सामने आती रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल अपने ही कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं दे सकता, उससे देश और समाज को एकजुट रखने की उम्मीद नहीं की जा सकती। बीजेपी की कार्यशैली पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के सिद्धांत पर काम करती है, जहाँ समाज के हर वर्ग की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है। राज्य का विकास, सीमा सुरक्षा और 2027 का लक्ष्य नितिन नवीन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और उनकी कार्यशैली की खुले तौर पर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनकल्याण और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में विकास के नए मानक स्थापित किए हैं। केंद्र सरकार की प्राथमिक योजनाओं और नीतियों को राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में मुख्यमंत्री धामी की सरकार ने अत्यंत प्रभावकारी भूमिका निभाई है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के नाते उत्तराखंड की भौगोलिक सुरक्षा सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता रही है, और आज देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने भारतीय सेना के जवानों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार के लिए सैनिक और उनका परिवार सर्वोच्च प्रतिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पहले जिन्हें दूरस्थ या अंतिम गांव कहा जाता था, वर्तमान सरकार उन्हें देश के 'पहले गांव' की संज्ञा देकर प्राथमिकता के साथ विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे संगठन की जड़ों को और मजबूत करें तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाएं, ताकि राज्य में एक बार फिर डबल इंजन की सरकार का गठन हो सके। आध्यात्मिक विरासत, वंदे मातरम् और संसाधनों का अधिकार अपने वक्तव्य के अंतिम हिस्से में नितिन नवीन ने उत्तराखंड के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने क्षेत्र के प्रसिद्ध संत बाबा नीब करौरी का विशेष रूप से स्मरण करते हुए कहा कि यह धरती महान तपस्वियों की तपोभूमि है। उन्होंने बाबा नीब करौरी के जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' का उल्लेख किया और कहा कि वे स्वयं इस चलचित्र को देखने के इच्छुक हैं। इसके साथ ही उन्होंने वंदे मातरम् और राष्ट्रीय संसाधनों के वितरण जैसे ज्वलंत विषयों पर भी कांग्रेस नेताओं को घेरा। राहुल गांधी और सोनिया गांधी का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व वंदे मातरम् के ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व को समझने में असमर्थ रहा है। उन्होंने दोनों दलों की विचारधारात्मक भिन्नता को स्पष्ट करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के दौरान देश के संसाधनों पर एक विशेष वर्ग का पहला अधिकार बताया जाता था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने यह स्पष्ट नीति बनाई है कि देश के संसाधनों पर पहला हक भारत के गरीब नागरिकों का है। इसका आप पर असर यह राजनीतिक घटनाक्रम उत्तराखंड की भावी प्रशासनिक नीतियों और मतदाता प्राथमिकताओं पर सीधा असर डालता है। • भारत में: देश भर के नागरिकों के लिए केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और गरीब-उन्मुख संसाधन वितरण की गति बनी रहेगी। सीमावर्ती बुनियादी ढाँचे के विकास से राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है। • उत्तराखंड में: राज्य के निवासियों को 2027 के चुनाव तक विकास योजनाओं और सीमावर्ती प्रथम ग्राम अभियानों का त्वरित लाभ मिलेगा। हालांकि, राजनीतिक दलों के बीच तेज होते विवादों से स्थानीय स्तर पर सामाजिक और जातीय ध्रुवीकरण देखने को मिल सकता है। ऐसा क्यों हुआ हल्द्वानी में आयोजित बीजेपी कार्यसमिति की यह बैठक 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने और विपक्षी दावों का जवाब देने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। • शुद्धिकरण विवाद का प्रभाव: हल्द्वानी में हाल ही में हुए घटनाक्रम के बाद कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में बीजेपी ने अपना आक्रामक रुख स्पष्ट किया। • जातिगत ध्रुवीकरण का मुकाबला: विपक्षी दलों द्वारा जातिगत गणना और मुद्दों को आगे बढ़ाए जाने के बीच सत्तारूढ़ दल ने 'सबका विकास' और धार्मिक एकजुटता का कार्ड खेला है। • सांगठनिक मजबूती: चुनाव से पूर्व अपने कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने और राज्य व केंद्र सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुँचाने के लिए यह मंच तैयार किया गया। सवाल-जवाब 1. हल्द्वानी में बीजेपी की किस बैठक का आयोजन किया गया था? हल्द्वानी में उत्तराखंड बीजेपी की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई थी। 2. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने किस विवाद को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला? उन्होंने हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण विवाद और कांग्रेस द्वारा जाति के नाम पर समाज को बांटने के आरोपों को लेकर तीखा हमला किया। 3. नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बारे में क्या कहा? उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए कहा कि वे राज्य में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं और केंद्र की योजनाओं को जमीन पर उतार रहे हैं। 4. भाषण में बाबा नीब करौरी से जुड़ी किस फिल्म का जिक्र किया गया? नितिन नवीन ने संत बाबा नीब करौरी के जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' का उल्लेख किया। 5. उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव किस वर्ष प्रस्तावित हैं? उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 में होने प्रस्तावित हैं। https://trendkia.com/uttarakhand/haldwani-karyasamiti-men-nitin-nabin-ka-tikha-hamala-congress-para-uttarakhand-ko-jatigata-adhara-para-bantane-ka-lagaya-aropa-30394 TrendKia — Har trend, sabse pehle.