# हल्द्वानी में सरकारी जमीन पर फिर गरजा बुलडोजर, FCI गोदाम परिसर से हटाई गई अवैध मजार

> उत्तराखंड के हल्द्वानी में प्रशासन ने भारतीय खाद्य निगम के गोदाम परिसर में बनी अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया है। राज्य में इस तरह की कार्रवाई के तहत अब तक कुल 604 अवैध मजारों को हटाया जा चुका है।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-11-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/haldwani-men-sarakari-jamina-para-phira-garaja-buladojara-fci-godama-parisara-se-hatai-gai-avaidha-majara-57386 · **Language:** Hindi
**Tags:** हल्द्वानी न्यूज, उत्तराखंड अतिक्रमण, बुलडोजर कार्रवाई, पुष्कर सिंह धामी, FCI गोदाम हल्द्वानी

उत्तराखंड के भीतर सरकारी जमीनों से अवैध कब्जों को हटाने का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में शनिवार की सुबह हल्द्वानी के राजपुरा इलाके में स्थित भारतीय खाद्य निगम यानी FCI के गोदाम परिसर के भीतर बनी एक अवैध मजार पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उसे पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।

 

## अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी और नगर आयुक्त परितोष वर्मा अपनी प्रशासनिक टीम के साथ तय समय पर मौके पर पहुंचे थे। प्रशासन की ओर से इस अवैध निर्माण को हटाने के लिए लगभग दो सप्ताह पहले ही विधिवत नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिए गए थे, लेकिन तय सीमा के भीतर इसे खुद नहीं हटाया गया। जानकारी सामने आई है कि इस मजार के वहां बने होने की वजह से सरकारी गोदाम की भंडारण क्षमता पर भी काफी असर पड़ रहा था और कामकाज प्रभावित हो रहा था।

 

## राज्य में अब तक 604 अवैध मजारें ध्वस्त

पुष्कर सिंह धामी सरकार से जुड़े प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान के अंतर्गत यह 604वीं अवैध मजार है जिसे जमींदोज किया गया है। उल्लेखनीय है कि देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी राज्य सरकार के इस सख्त अतिक्रमण विरोधी अभियान की सराहना कर चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही अपनी नीति स्पष्ट करते हुए यह चेतावनी दे चुके हैं कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

## पहले भी नरीमन चौराहे के पास हो चुकी है बड़ी कार्रवाई

इस ताजा एक्शन से पहले भी प्रशासन इस इलाके में बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई कर चुका है। बीते जनवरी के महीने में प्रशासनिक अमला करीब एक साल के अंतराल के बाद दोबारा नरीमन चौराहे के पास अतिक्रमण हटाने जा पहुंचा था। जैसे ही वहां पुराने और नए बने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू हुई, तो कई लोग खुद ही अपने हाथों में हथौड़े लेकर अपने भवनों को गिराने में जुट गए थे। उस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट जीएस चौहान और एसडीएम राहुल साह दिन के वक्त नरीमन चौराहे पर डटे रहे थे।

 

## प्रशासन की चेतावनी के बाद लोगों ने खुद हटाया सामान

हल्द्वानी के नरीमन चौराहे से लेकर काठगोदाम पुल तक की कुल दूरी करीब 400 मीटर है। इस पूरे मार्ग पर कई ऐसी दुकानें और मकान मौजूद हैं जिन्हें प्रशासन की तरफ से पहले ही खाली करने का नोटिस थमाया जा चुका है, हालांकि कुछ भवन अभी भी वहां खड़े हुए हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि अधिकांश दुकानदारों और मकान मालिकों ने अपने प्रतिष्ठानों से कीमती सामान पहले ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। जिन लोगों ने इसके बावजूद अपने अवैध निर्माण को खुद नहीं तोड़ा, उन्हें प्रशासन के कड़े निर्देशों के बाद बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया गया।

## इसका आप पर असर
हल्द्वानी और उत्तराखंड के अन्य हिस्सों में चल रहे इस बड़े अतिक्रमण विरोधी अभियान का सीधा असर स्थानीय दुकानदारों, निवासियों और सरकारी संपत्तियों के उपयोग पर पड़ रहा है।

- **भारत में:** सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हटाने की यह नीति देश भर के कई अन्य राज्यों में भी प्रशासनिक सख्ती का एक नया मानक तय कर रही है। इससे सार्वजनिक परियोजनाओं और गोदामों जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में आ रही बाधाएं दूर हो रही हैं।
- **हल्द्वानी में:** स्थानीय स्तर पर व्यापारिक और रिहायशी इलाकों में नोटिस मिलने के बाद लोगों में हड़कंप मचा हुआ है और कई लोग खुद ही अपना सामान समेट रहे हैं। प्रशासन की इस सख्ती से मुख्य सड़कों और सरकारी परिसरों के आसपास अतिक्रमण करने वालों पर कड़ा कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।

## ऐसा क्यों हुआ
सरकारी जमीनों और परिसरों से अवैध निर्माण हटाने का यह अभियान राज्य सरकार की सख्त प्रशासनिक नीतियों और भूमि सुधार एजेंडे के तहत चलाया जा रहा है।

- **भंडारण क्षमता प्रभावित होना:** भारतीय खाद्य निगम के गोदाम परिसर के भीतर मजार बने होने के कारण अनाज और अन्य जरूरी सामान रखने की क्षमता सीमित हो रही थी, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया।
- **प्रशासनिक नोटिस की अवहेलना:** प्रशासन की तरफ से लगभग दो सप्ताह पहले ही अवैध निर्माण हटाने के लिए स्पष्ट निर्देश और नोटिस दिए गए थे, जिनका पालन तय समय सीमा में नहीं किया गया।
- **शीर्ष नेतृत्व के निर्देश:** मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने राज्य भर में सरकारी जमीनों पर हुए सभी प्रकार के अवैध कब्जों को शून्य टॉलरेंस नीति के तहत हटाने का कड़ा संकल्प लिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. हल्द्वानी में ताजा कार्रवाई कहां की गई?
ताजा कार्रवाई हल्द्वानी के राजपुरा इलाके में स्थित भारतीय खाद्य निगम यानी FCI के गोदाम परिसर में की गई।

### 2. उत्तराखंड में अब तक कुल कितनी अवैध मजारें हटाई जा चुकी हैं?
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत अब तक कुल 604 अवैध मजारों को हटाया जा चुका है।

### 3. इस कार्रवाई के दौरान कौन-कौन से अधिकारी मौके पर मौजूद थे?
इस पूरी कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी और नगर आयुक्त परितोष वर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे।

### 4. नरीमन चौराहे के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कब हुई थी?
नरीमन चौराहे के पास जनवरी के महीने में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी।

### 5. नरीमन चौराहे से काठगोदाम पुल तक की दूरी कितनी है?
नरीमन चौराहे से काठगोदाम पुल तक की कुल दूरी करीब 400 मीटर है।

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