हनुमान अंश फिल्म के प्रदर्शन के बाद कैंची धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, नैनीताल और भीमताल के पर्यटन उद्योग को लगा पंख 'हनुमान अंश' फिल्म की रिलीज के बाद बाबा नीम करौली महाराज के कैंची धाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे नैनीताल और आसपास के इलाकों में होटल, टैक्सी और स्थानीय व्यापार को भारी लाभ हो रहा है। उत्तराखंड की हसीन वादियों में बसा कैंची धाम और बाबा नीम करौली महाराज की महिमा हमेशा से ही देश और दुनिया भर में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही है। लेकिन हाल के दिनों में एक नई फिल्म के प्रदर्शन के बाद इस आध्यात्मिक स्थल पर पर्यटकों और भक्तों की आमद में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी जा रही है। फिल्म 'हनुमान अंश' के सिनेमाघरों में आने के बाद से ही बाबा नीम करौली के जीवन, उनकी शिक्षाओं और उनसे जुड़ी दिव्य लोककथाओं को जानने के प्रति लोगों की उत्सुकता कई गुना बढ़ गई है। इसका सीधा और सकारात्मक असर नैनीताल, भीमताल और उनके आसपास के पूरे पर्यटन उद्योग पर देखने को मिल रहा है। दूर-दराज के क्षेत्रों से आ रहे पर्यटक केवल कैंची धाम तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और अन्य ऐतिहासिक मंदिरों का भी आनंद ले रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार को एक नई संजीवनी मिली है। फिल्म 'हनुमान अंश' के बाद बढ़ी जानने की उत्सुकता बाबा नीम करौली महाराज की ख्याति और उनके प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा किसी से छिपी नहीं है, लेकिन समय-समय पर जब भी उनके जीवन को कला या सिनेमा के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है, तो आस्था का एक नया ज्वार उमड़ पड़ता है। 'हनुमान अंश' फिल्म ने दर्शकों के दिलों पर एक गहरी छाप छोड़ी है। फिल्म में बाबा नीम करौली से जुड़े चमत्कारों, उनके सरल स्वभाव और उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को बहुत ही मार्मिक और सुंदर तरीके से फिल्माया गया है। यही कारण है कि फिल्म देखने के बाद दर्शकों के मन में बाबा के दर्शन करने और उनके तपोस्थल की ऊर्जा को स्वयं महसूस करने की तीव्र लालसा जागृत हो रही है। इस लालसा के वशीभूत होकर देश के विभिन्न कोनों से लोग उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं। वे मंदिर परिसर में पहुंचकर न केवल बाबा के चरणों में शीश नवा रहे हैं, बल्कि वहां के स्थानीय लोगों से बाबा की लीलाओं और कहानियों के बारे में विस्तार से चर्चा भी कर रहे हैं। ग्वालियर से पहुंचे पर्यटकों ने साझा किए अपने अनुभव मध्य प्रदेश के ग्वालियर से नैनीताल और कैंची धाम की यात्रा पर आए पर्यटकों में इस फिल्म को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। ग्वालियर के रहने वाले एक पर्यटक आर्यन ने बताया कि उन्होंने लगभग एक हफ्ता पहले अपने शहर में 'हनुमान अंश' फिल्म देखी थी। फिल्म देखने के तुरंत बाद उनके भीतर एक गहरा आध्यात्मिक खिंचाव महसूस हुआ और उन्होंने तुरंत ही कैंची धाम जाने का फैसला कर लिया। आर्यन के अनुसार, फिल्म देखते समय ऐसा लग रहा था मानो बाबा के दिव्य प्रसंग बेहद सजीव हो उठे हों और उन्हें खुद वहां उपस्थित होकर इस अलौकिक शांति का अनुभव करना चाहिए। मंदिर की व्यवस्थाओं की तारीफ करते हुए आर्यन ने यह भी इच्छा जताई कि इस फिल्म का अगला भाग भी बनना चाहिए, ताकि बाबा के जीवन के अन्य चमत्कारों और प्रसंगों के बारे में दुनिया को और अधिक जानने का मौका मिल सके। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने भीमताल की सुंदरता को निहारा और नैनीताल स्थित प्रसिद्ध मां नयना देवी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की. ग्वालियर से ही आए एक अन्य पर्यटक प्रवीण ने अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मन में काफी समय से कैंची धाम जाने की इच्छा थी, लेकिन इस यात्रा को पूरा करने का अंतिम संबल उन्हें इस फिल्म को देखने के बाद ही मिला। फिल्म ने उनके संकोच को दूर किया और उन्हें बाबा के दरबार में खींच लाया। प्रवीण ने कैंची धाम के दर्शन करने के साथ-साथ प्रसिद्ध गोलू देवता मंदिर और मां नयना देवी मंदिर के भी दर्शन किए। उन्होंने साझा किया कि देवभूमि उत्तराखंड के इन पवित्र स्थलों पर पहुंचकर उन्हें एक असीम और अनूठी मानसिक शांति का अनुभव हो रहा है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। नैनीताल के स्थानीय व्यवसायों में नई चमक कैंची धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की इस भारी भीड़ का नैनीताल के स्थानीय पर्यटन व्यवसाय पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। आमतौर पर ऑफ-सीजन माने जाने वाले समय में भी पर्यटकों की इस हलचल से स्थानीय व्यापारी बेहद उत्साहित हैं। नैनीताल की विश्व प्रसिद्ध नैनी झील, जीवंत माल रोड और आसपास के सभी दर्शनीय स्थलों पर पर्यटकों की रौनक साफ देखी जा सकती है। इससे होटल उद्योग, रेस्टोरेंट, टैक्सी चालक, नाव चलाने वाले और छोटे-छोटे स्थानीय दुकानदारों के व्यापार में भारी सुधार होने की उम्मीद जग गई है। नैनी झील में नाव चलाने वाले वीरेंद्र पवार ने बताया कि जब से फिल्म 'हनुमान अंश' आई है, तब से पर्यटकों के बीच बाबा नीम करौली महाराज को लेकर श्रद्धा और जिज्ञासा बहुत बढ़ गई है। उन्होंने देखा कि कैंची धाम के दर्शन करने के बाद बड़ी संख्या में लोग नैनीताल आ रहे हैं और यहां नैनी झील में नौका विहार का आनंद ले रहे हैं। वीरेंद्र के अनुसार, फिल्म ने बाबा के प्रति लोगों की आस्था को नई दिशा दी है, जिसका सीधा लाभ उनके जैसे रोज कमाने वाले स्थानीय लोगों को मिल रहा है। होटल एसोसिएशन ने की फिल्मों को टैक्स फ्री करने की मांग पर्यटन के इस नए उभार को देखते हुए नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने भी खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि 'हनुमान अंश' फिल्म के सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद से क्षेत्रीय पर्यटन को एक अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। दूर-दराज के राज्यों से बाबा के भक्त बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं, जिससे होटल और होमस्टे व्यवसायियों को बहुत सहारा मिला है। इस गति को बनाए रखने के लिए उन्होंने सरकार के समक्ष कुछ महत्वपूर्ण मांगें भी रखी हैं। दिग्विजय सिंह बिष्ट ने मांग की है कि सरकार को धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर बनने वाली उत्कृष्ट फिल्मों को टैक्स फ्री यानी कर-मुक्त करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका मानना है कि टैक्स फ्री होने से ऐसी फिल्में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकेंगी, जिससे हमारी युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति को जानने का अवसर मिलेगा और धार्मिक पर्यटन को भी गति मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि उत्तराखंड सरकार को राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों, उनकी पौराणिक मान्यताओं और ऐतिहासिक महत्व पर केंद्रित उच्च गुणवत्ता वाली डॉक्यूमेंट्री फिल्में बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नैनीताल के प्रसिद्ध मां नयना देवी मंदिर पर भी एक व्यापक डॉक्यूमेंट्री बनाई जानी चाहिए, जिससे देश और दुनिया के लोग उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भली-भांति परिचित हो सकें। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए कदमों की वकालत दिग्विजय सिंह बिष्ट का दृढ़ विश्वास है कि यदि हमारे पवित्र स्थलों की कहानियों, उनके चमत्कारों और उनकी पौराणिक मान्यताओं को आधुनिक संचार माध्यमों और वृत्तचित्रों के जरिए प्रभावी ढंग से दुनिया के सामने पेश किया जाए, तो इससे राज्य में धार्मिक पर्यटन का एक नया अध्याय शुरू हो सकता है। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा, उन्होंने आगामी शीतकालीन सत्र में पर्यटन गतिविधियों को गति देने के लिए पिछले वर्ष की तर्ज पर इस वर्ष भी दिसंबर महीने में नैनीताल विंटर कार्निवल को आधिकारिक पर्यटन कैलेंडर में प्रमुखता से शामिल करने की वकालत की। उनका कहना है कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों, धार्मिक प्रचार-प्रसार और फिल्मों के माध्यम से जब नैनीताल और कैंची धाम की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर होगी, तो इससे स्थानीय आर्थिकी को एक मजबूत और दीर्घकालिक आधार मिलेगा। इसका आप पर असर फिल्म के बाद पर्यटकों की बढ़ती संख्या से यात्रियों और उत्तराखंड के स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों दोनों पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। • श्रद्धालुओं के लिए: यदि आप आने वाले दिनों में कैंची धाम के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा से पहले होटल और परिवहन की बुकिंग पहले से ही करा लें। भीड़ बढ़ने के कारण दर्शन की कतारें लंबी हो सकती हैं, इसलिए यात्रा की योजना में अतिरिक्त समय लेकर चलना बेहतर होगा। • उत्तराखंड के स्थानीय व्यवसायियों के लिए: नैनीताल, भीमताल और कैंची धाम के होटल मालिकों, टैक्सी चालकों और दुकानदारों के लिए यह कमाई बढ़ाने का एक शानदार अवसर है। पर्यटकों की आमद बढ़ने से स्थानीय सेवाओं की मांग में भारी इजाफा होगा, जिसके लिए पहले से तैयारी रखना आवश्यक है। ऐसा क्यों हुआ कैंची धाम में पर्यटकों की अचानक बढ़ी इस भीड़ के पीछे सिनेमा का बहुत बड़ा प्रभाव है, जिसने लोगों की आध्यात्मिक भावनाओं को जागृत किया है। • सिनेमा का प्रभाव: हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'हनुमान अंश' में बाबा नीम करौली महाराज के जीवन और उनके चमत्कारों को बेहद प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है। इस फिल्म को देखने के बाद दर्शकों के मन में बाबा की तपोभूमि को प्रत्यक्ष रूप से देखने की गहरी इच्छा पैदा हुई है। • कनेक्टिविटी और जिज्ञासा: फिल्म के माध्यम से लोगों को बाबा के दिव्य प्रसंगों को करीब से समझने का मौका मिला, जिससे उनकी जिज्ञासा बढ़ गई। इसके साथ ही, कैंची धाम के साथ-साथ नैनीताल के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों जैसे नैना देवी और गोलू देवता मंदिर के प्रति भी पर्यटकों का आकर्षण बढ़ा है। सवाल-जवाब 1. किस फिल्म के रिलीज होने के बाद कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी है? 'हनुमान अंश' फिल्म के सिनेमाघरों में आने के बाद बाबा नीम करौली महाराज के कैंची धाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आमद में भारी बढ़ोतरी हुई है। 2. ग्वालियर से आए पर्यटक आर्यन ने यात्रा के दौरान किन अन्य स्थानों के दर्शन किए? आर्यन ने कैंची धाम में दर्शन करने के अलावा भीमताल की यात्रा की और नैनीताल में स्थित प्रसिद्ध मां नयना देवी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। 3. होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने सरकार से क्या मांग की है? उन्होंने धार्मिक विषयों पर बनने वाली फिल्मों को टैक्स फ्री करने और उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों व नैना देवी मंदिर पर डॉक्यूमेंट्री बनाने की मांग की है। 4. पर्यटकों के आगमन से नैनीताल के किन स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिल रहा है? इससे होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, नाव और स्थानीय दुकानदारों के कारोबार को बड़ा आर्थिक लाभ मिल रहा है। 5. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दिसंबर महीने के लिए क्या सुझाव दिया गया है? दंबर में पर्यटन कारोबार को गति देने के लिए पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी नैनीताल विंटर कार्निवल को पर्यटन कैलेंडर में शामिल करने की मांग की गई है। https://trendkia.com/uttarakhand/hanuman-ansh-philma-ke-pradarshana-ke-bada-kainchi-dham-men-umari-shraddhaluon-ki-bhari-bhira-nainital-aura-bhimtal-ke-paryatana-u-38901 TrendKia — Har trend, sabse pehle.