हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 की तैयारियां तेज़, फसाड पॉलिसी से बदलेगा धर्मनगरी का रूप और दीवारों पर दिखेगी संस्कृति साल 2027 के हरिद्वार अर्धकुंभ को भव्य बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण शहर के सौंदर्यीकरण और फसाड नीति पर तेज़ी से काम कर रहा है। वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले हरिद्वार अर्धकुंभ के मद्देनजर सरकारी महकमों ने विकास कार्यों की गति बेहद तेज कर दी है। मेला प्रशासन और अन्य संबंधित विभाग आयोजन को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के वास्ते दिन-रात सक्रियता से जुटे हुए हैं। इस प्रतिष्ठित धार्मिक पर्व के अवसर पर देश के तमाम राज्यों के अलावा विदेशों से भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के यहां पहुंचने की पुरजोर संभावना जताई जा रही है। भव्य अनुभव देने की पुख्ता तैयारी आस्था के इस महापर्व में शामिल होने वाले हर एक आगंतुक को शहर में कदम रखते ही एक अनूठा और दिव्य अहसास हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। तीर्थनगरी की सुदंरता और आकर्षण को बढ़ाने का मुख्य दायित्व हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण यानी एचआरडीए ने संभाला है, जो पूरे क्षेत्र को एक नए रंग-रूप में ढाल रहा है। दीवारों पर उकेरी जा रही सनातन संस्कृति अर्धकुंभ के दौरान जैसे ही लोग शहर की सीमाओं में प्रवेश करेंगे, उन्हें राजमार्गों के दोनों किनारों पर बनी मनमोहक पेंटिंग आकर्षित करेंगी। शहर की दीवारों पर सनातन संस्कृति और विभिन्न पौराणिक प्रसंगों से जुड़े सुंदर चित्र बनाए जा रहे हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को एक सकारात्मक और आध्यात्मिक माहौल मिल सके। युद्धस्तर पर चल रहा सौंदर्यीकरण अभियान मेले से जुड़े विकास कार्यों को त्वरित गति देने के वास्ते प्रमुख मार्गों, प्रमुख चौराहों और घाटों के आस-पास विशेष रूप से सौंदर्यीकरण अभियान चलाया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि जब भक्त सड़कों से गुजरें तो उन्हें हर तरफ एकरूपता और भव्यता दिखाई दे, जिसके लिए प्राधिकरण की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। फसाड पॉलिसी के जरिए एकरूपता इस पूरे कायाकल्प को लेकर एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह का कहना है कि आगामी अर्धकुंभ को ध्यान में रखते हुए फसाड पॉलिसी के अंतर्गत यह तमाम कार्य अंजाम दिए जा रहे हैं। उनका उद्देश्य बाहर से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को इस आयोजन की ऐतिहासिक भव्यता और उसका वास्तविक धार्मिक स्वरूप दिखाना है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शहर में आने वाले लोगों को अद्भुत सुंदरता देखने को मिलनी चाहिए। अर्धकुंभ के दौरान शाही स्नान के मार्गों और प्रमुख रास्तों को फसाड पॉलिसी के दायरे में लाकर एक समान रंग-रूप दिया जा रहा है, जिससे दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बोर्डों में भी एकरूपता आ रही है। चौराहों और सड़कों का आधुनिकीकरण दीवारों को रंगने के अलावा शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़े कई अन्य अहम प्रोजेक्ट भी प्राधिकरण द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। इन सभी कार्यों की रूपरेखा तैयार कर विधिवत टेंडर जारी किए गए थे, और अब सड़कों तथा मुख्य चौराहों को आधुनिक रूप देने का काम युद्धस्तर पर जारी है। शंकराचार्य चौक और डिवाइडरों का विकास एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह के मुताबिक शहर के प्रसिद्ध शंकराचार्य चौक का विशेष रूप से सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। इसके साथ ही मुख्य मार्गों के बीच बने डिवाइडरों को भी नया और सुंदर स्वरूप देने का कार्य तेजी से चल रहा है, ताकि तय समय से पहले शहर पूरी तरह सजकर तैयार हो सके। इसका आप पर असर अर्धकुंभ की तैयारियों से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जिनका सीधा असर आम नागरिकों और आने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। • उत्तराखंड में: राज्य आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर और सुंदर बुनियादी ढांचे का लाभ मिलेगा। शहर के सौंदर्यीकरण से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद है। • हरिद्वार में: स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को फसाड पॉलिसी के तहत अपने प्रतिष्ठानों के बोर्डों और सजावट में एकरूपता लानी होगी। चौराहों और सड़कों के सुधरने से यातायात व्यवस्था भी सुचारू होने की संभावना है। • यातायात और मार्ग: प्रमुख मार्गों और डिवाइडरों के सौंदर्यीकरण से आवागमन करने वाले लोगों को अधिक सुगम रास्ते मिलेंगे। हालांकि निर्माण कार्य के दौरान कुछ समय के लिए स्थानीय स्तर पर यातायात डायवर्जन का सामना करना पड़ सकता है। • व्यापारिक गतिविधियां: शहर के कायाकल्प और साफ-सुथरे माहौल से स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के कारोबार में सकारात्मक वृद्धि हो सकती है। आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के कारण स्थानीय आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ हरिद्वार में चल रहे इन बड़े पैमाने पर सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के पीछे आगामी धार्मिक आयोजन की विशाल तैयारियां मुख्य कारण हैं। • महाकुंभ और अर्धकुंभ का आयोजन: वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेले में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को प्रबंधित करने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। • प्रशासनिक दिशा-निर्देश: मुख्यमंत्री की ओर से स्पष्ट आदेश दिए गए थे कि तीर्थनगरी में आने वाले हर श्रद्धालु को अद्वितीय सुंदरता और व्यवस्थित माहौल देखने को मिलना चाहिए। • फसाड पॉलिसी की भूमिका: शहर की भव्यता को एक जैसी पहचान देने और अव्यवस्था को दूर करने के लिए विशेष रूप से फसाड नीति लागू की गई है। • बुनियादी ढांचे का उन्नयन: शहर के प्रमुख चौराहों, दीवारों और मार्गों को आधुनिक रूप देने के लिए हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण ने विस्तृत योजना तैयार कर काम शुरू किया है। सवाल-जवाब 1. हरिद्वार में अर्धकुंभ का आयोजन किस वर्ष होने वाला है? हरिद्वार में अर्धकुंभ का आयोजन वर्ष 2027 में तय किया गया है। 2. शहर के सौंदर्यीकरण और विकास का मुख्य जिम्मा किसे सौंपा गया है? शहर को संवारने और चमकाने का मुख्य जिम्मा हरिद्वार रुड़की विकास यानी एचआरडीए को दिया गया है। 3. फसाड पॉलिसी के तहत शहर में क्या बदलाव किए जा रहे हैं? फसाड पॉलिसी के तहत दुकानों के बोर्डों में एकरूपता लाई जा रही है और शाही स्नान के मार्गों को एक समान रूप दिया जा रहा है। 4. दीवारों पर किस प्रकार की पेंटिंग बनाई जा रही हैं? राजमार्गों और शहर की दीवारों पर हिंदू संस्कृति और धार्मिक प्रसंगों से जुड़ी आकर्षक चित्रकारी उकेरी जा रही है। 5. शंकराचार्य चौक को लेकर प्रशासन द्वारा क्या काम किया जा रहा है? शहर के प्रमुख शंकराचार्य चौक का विशेष ब्यूटीफिकेशन कराया जा रहा है। 6. इस सौंदर्यीकरण अभियान की जानकारी किसने साझा की है? इन सभी विकास कार्यों की जानकारी एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह द्वारा दी गई है। https://trendkia.com/uttarakhand/haridwar-ardh-kumbh-2027-preparations-pick-up-pace-as-facade-policy-aims-to-transform-the-city-landscape-57163 TrendKia — Har trend, sabse pehle.