# हरिद्वार में अर्धकुंभ 2027 के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार, नए घाट और पुल तैयार करने की समयसीमा तय

> हरिद्वार में 14 जनवरी 2027 से आयोजित होने वाले अर्धकुंभ मेले की तैयारी के तहत नए घाट, छह पुल और दूसरा मेला नियंत्रण भवन बनाया जा रहा है।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/haridwar-men-ardhakunbha-2027-ke-lie-buniyadi-dhanche-ka-vistara-nae-ghata-aura-pula-taiyara-karane-ki-samayasima-taya-54403 · **Language:** Hindi
**Tags:** हरिद्वार अर्धकुंभ 2027, हरकी पौड़ी, उत्तराखंड गंग नहर, दयानंद सरस्वती, आईआईटी रुड़की, हरिद्वार निर्माण कार्य

उत्तराखंड के पवित्र शहर हरिद्वार में आगामी 14 जनवरी 2027 से भव्य अर्धकुंभ मेले का आयोजन होना है, जिसकी प्रशासनिक तैयारियां अब पूरे जोर-शोर से आगे बढ़ रही हैं। आयोजन के दौरान लाखों की तादाद में जुटने वाले तीर्थयात्रियों की सुगमता को ध्यान में रखकर समूचे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। मुख्य मार्गों का चौड़ीकरण करने के साथ-साथ नदी किनारे नए पक्के घाटों और छह नए पुलों का निर्माण प्रगति पर है, ताकि मुख्य स्नान पर्वों के दौरान भारी भीड़ का सुचारू प्रबंधन संभव हो सके।

## उत्तराखंड गंग नहर पर अतिरिक्त स्नान घाटों का विकास
दशहरे की रात गंग नहर को गाद निकालने, सफाई अभियान चलाने और पुराने ढांचों के सुधार के उद्देश्य से अस्थायी तौर पर बंद किया गया था। इस बंदी अवधि का लाभ उठाते हुए शंकराचार्य चौक से आगे दोनों किनारों पर घाट निर्माण की रफ्तार बढ़ा दी गई है। नहर के दोनों तरफ कुल मिलाकर 1.75 किलोमीटर लंबे आधुनिक घाट तैयार किए जा रहे हैं। अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती के अनुसार, इन नए पक्के घाटों को 15 नवंबर तक हर हाल में पूरा करने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इन नए किनारों के तैयार होने से पर्व स्नान के दौरान गंगा तट पर आने वाले श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और डुबकी लगाने के लिए काफी खुली जगह मिल पाएगी। इससे पूर्व से स्थापित घाटों पर जमावड़ा घटेगा और भगदड़ जैसी अप्रिय स्थितियों के खतरे को टाला जा सकेगा।

## महत्वपूर्ण स्थलों पर छह नए पुल और निर्धारित समयसीमा
घाटों के विस्तार के समानांतर शहर के छह रणनीतिक स्थलों पर नए पुलों का ढांचा भी खड़ा किया जा रहा है। आवागमन को सुगम बनाने वाले इन पुलों को 20 दिसंबर तक तैयार करने की समयसीमा तय की गई है। इसके अतिरिक्त, अर्धकुंभ से संबंधित जितने भी स्थायी किस्म के बुनियादी निर्माण कार्य चल रहे हैं, उन्हें 10 से 15 दिसंबर के मध्य समेट लेने की पूरी योजना बनाई गई है। नहर का बहाव सामान्य होने से पूर्व जल क्षेत्र से जुड़े सभी मुख्य ढांचों को मुकम्मल कर लिया जाएगा।

## आईआईटी रुड़की द्वारा तकनीकी निगरानी और नियंत्रण केंद्र
समस्त निर्माण कार्यों की मजबूती तथा इंजीनियरिंग मानकों की समीक्षा के लिए विशेष तकनीकी निरीक्षण भी कराया जा रहा है। नए मेला नियंत्रण भवन-2 और निर्माणाधीन छह पुलों की मजबूती की तकनीकी जांच आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ दल से कराई जा रही है। अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने जानकारी दी कि तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक निर्माण स्थल की प्रगति पर कड़ी प्रशासनिक निगरानी रखी जा रही है।

## मौजूदा घाटों पर भीड़ का दबाव बांटने की रणनीति
तीर्थनगरी हरिद्वार में ब्रह्मकुंड घाट, हरकी पौड़ी, कुशावर्त घाट, मालवीय घाट और सुभाष घाट जैसे कई ऐतिहासिक स्नान स्थल पहले से संचालित हैं। इसके बावजूद अमृत स्नान के विशेष दिनों पर यहां पैर रखने की जगह नहीं बचती। इसी भारी जनदबाव को संतुलित करने के लिए प्रशासन ने नए स्नान क्षेत्रों का दायरा बढ़ाने का फैसला किया। दयानंद सरस्वती के अनुसार, अर्धकुंभ में आने वाले प्रत्येक भक्त को सुरक्षित माहौल में स्नान की सुविधा उपलब्ध कराना ही इस व्यापक निर्माण का मूल उद्देश्य है।

## इसका आप पर असर
हरिद्वार में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों से 2027 के अर्धकुंभ के दौरान आने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा।

- **भारत में:** देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं को 14 जनवरी 2027 से शुरू होने वाले अर्धकुंभ में स्नान के लिए अधिक सुरक्षित और चौड़े घाट उपलब्ध होंगे। मुख्य स्नान पर्वों के दौरान भारी भीड़ के बीच भी भक्तों को हरकी पौड़ी के अलावा 1.75 किलोमीटर के नए घाटों पर आसानी से डुबकी लगाने की जगह मिल सकेगी।
- **हरिद्वार में:** शहर में बन रहे छह नए पुल और चौड़ी सड़कें स्थानीय निवासियों को रोजाना के ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत दिलाएंगी। यह सभी निर्माण कार्य 15 से 20 दिसंबर तक पूरे होने से स्थानीय आवागमन सुगम और सुरक्षित बन जाएगा।
- **सुरक्षा और गुणवत्ता:** नए पुलों और मेला नियंत्रण भवन-2 की तकनीकी जांच आईआईटी रुड़की से कराई जा रही है। इससे संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित होगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक नियंत्रण केंद्र उपलब्ध रहेगा।
- **समयसीमा का पालन:** गंग नहर बंदी के दौरान 15 नवंबर तक घाटों का काम पूरा किया जाना तय है। तय समय पर काम पूरा होने से स्थानीय बाजारों और जल आपूर्ति पर लंबे समय तक असर नहीं पड़ेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
हरिद्वार में अर्धकुंभ के दौरान जुटने वाली बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने और पुराने घाटों पर दबाव कम करने के लिए प्रशासन ने इस बुनियादी विस्तार को अंजाम दिया है।

- **सीधा कारण:** मुख्य स्नान तिथियों पर हरकी पौड़ी, मालवीय घाट और सुभाष घाट जैसे पारंपरिक स्थानों पर अत्यधिक जनदबाव बन जाता है। इस केंद्रित भीड़ को चारों तरफ बांटने के लिए उत्तराखंड गंग नहर पर 1.75 किलोमीटर के नए घाट और छह नए संपर्क पुल बनाए जा रहे हैं।
- **सहायक परिस्थितियां:** दशहरे की रात सफाई और गाद निकालने के लिए गंग नहर का जल प्रवाह बंद किया गया था। इस बंदी ने प्रशासन को जलमग्न रहने वाले किनारों पर तेजी से पक्का निर्माण पूरा करने का आदर्श अवसर प्रदान किया।
- **तकनीकी जांच और निगरानी:** पूर्व में बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और ढांचागत मजबूती की जो चुनौतियां सामने आती रही हैं, उनसे निपटने के लिए आईआईटी रुड़की से पुलों और नियंत्रण केंद्र की तकनीकी जांच कराई जा रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. हरिद्वार में अर्धकुंभ मेले की शुरुआत किस तारीख से होगी?
हरिद्वार में अर्धकुंभ मेले का शुभारंभ 14 जनवरी 2027 से होगा।

### 2. उत्तराखंड गंग नहर के दोनों किनारों पर कितने लंबे नए घाट बनाए जा रहे हैं?
नहर के दोनों किनारों पर कुल मिलाकर 1.75 किलोमीटर लंबे नए पक्के घाट बनाए जा रहे हैं।

### 3. नए स्नान घाटों का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए क्या लक्ष्य तय किया गया है?
अपर मेलाधिकारी के अनुसार नए घाटों का निर्माण 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।

### 4. अर्धकुंभ की तैयारियों के तहत शहर में कितने नए पुल बनाए जा रहे हैं?
श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर छह नए पुल बनाए जा रहे हैं।

### 5. निर्माणाधीन पुलों और मेला नियंत्रण भवन-2 की तकनीकी जांच कौन सा संस्थान कर रहा है?
सभी नए पुलों और नियंत्रण भवन-2 की संरचनात्मक एवं तकनीकी जांच आईआईटी रुड़की द्वारा की जा रही है।

### 6. अर्धकुंभ के सभी स्थायी निर्माण कार्यों को कब तक पूरा करने की योजना है?
प्रशासन ने सभी स्थायी निर्माण कार्यों को 10 से 15 दिसंबर के बीच पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।

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