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  "type": "article",
  "title": "हरिद्वार में तीन किमी के लिए 300 रुपये मांगना विक्रम चालक को पड़ा भारी, यात्री बनकर पहुंचे परिवहन अधिकारी ने मौके पर वाहन किया जब्त",
  "summary": "हरिद्वार में तीर्थयात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों पर एआरटीओ खुद आम यात्री बनकर उतरे, जहां 50 रुपये की जगह 300 रुपये मांगने पर विक्रम को तुरंत सीज कर दिया गया।",
  "content": "उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थल हरिद्वार में बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने वाले वाहन चालकों पर परिवहन विभाग ने कड़ा शिकंजा कसा है। अक्सर तीर्थस्थलों पर ऑटो, ई-रिक्शा और विक्रम चालक नियमों की अनदेखी कर मनमाने दाम वसूलते हैं, लेकिन हरिद्वार में एक चालक को यह हिमाकत बेहद भारी पड़ गई। चालक जिसे आम मुसाफिर समझकर तीन गुना से भी ज्यादा रकम मांग रहा था, वे असल में परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी थे। तय किराए से कई गुना अधिक रकम मांगने पर तुरंत मौके पर ही वाहन को जब्त कर लिया गया।\n\nतीर्थयात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों पर हुआ बड़ा एक्शन\nहरिद्वार में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से ऑटो, विक्रम और बैटरी रिक्शा चालकों द्वारा तय दर से कहीं अधिक किराया वसूलने की लगातार शिकायतें प्रशासन तक पहुंच रही थीं। इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सख्त जांच के निर्देश जारी किए। इन निर्देशों के अनुपालन में एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा और एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने शहर भर में किराए की औचक जांच का एक विशेष अभियान शुरू किया।\n\nआम मुसाफिर बनकर मैदान में उतरे एआरटीओ निखिल शर्मा\nसड़क पर वाहनों की वास्तविक स्थिति और अवैध वसूली का सच जानने के लिए अधिकारियों ने बेहद अनोखा तरीका अपनाया। एआरटीओ निखिल शर्मा ने किसी सरकारी लाव-लश्कर के बिना, एक साधारण मुसाफिर की तरह विभिन्न वाहनों में सफर करने का फैसला किया। वे आम नागरिक के रूप में रानीपुर मोड़ पहुंचे और रेलवे स्टेशन जाने के लिए एक विक्रम में सवार होने की बात की। रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग तीन किलोमीटर है, जिसके लिए निर्धारित सरकारी किराया मात्र 50 रुपये है।\n\nबहस करते ही फंसा चालक, मौके पर वाहन सीज\nउस तीन किलोमीटर के सफर के लिए विक्रम चालक ने सीधे 300 रुपये की मांग रख दी। जब साधारण वेशभूषा में खड़े अधिकारी ने पूछा कि मात्र तीन किलोमीटर की दूरी के लिए 300 रुपये बहुत ज्यादा नहीं हैं, तो चालक ने अकड़ दिखाते हुए कहा कि हां ज्यादा तो है। अधिकारी ने दोबारा सवाल किया कि क्या ज्यादा ही किराया लोगे, जिस पर चालक की मनमानी साफ जाहिर हो गई। इसके तुरंत बाद अधिकारी ने अपनी पहचान उजागर करते हुए त्वरित कार्रवाई की और मौके पर ही दो विक्रम वाहनों को जब्त कर लिया। इन वाहनों को विभागीय कार्यालय परिसर में खड़ा कराकर चालकों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।\n\nजांच अभियान में 105 वाहनों के चालान और 25 गाड़ियां जब्त\nपरिवहन विभाग की इस औचक कार्रवाई का दायरा केवल एक-दो वाहनों तक सीमित नहीं रहा। पूरी टीम ने विभिन्न चौराहों और मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस व्यापक जांच के दौरान कुल 105 वाहनों के चालान काटे गए और गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर 25 वाहनों को जब्त किया गया। इस कार्रवाई में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वाला एक ई-रिक्शा और बिना किसी पंजीकरण के सड़कों पर दौड़ रहे दो ई-रिक्शा भी पकड़े गए, जिन्हें अधिकारियों ने तत्काल सीज कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों से अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।\n\nइसका आप पर असर\nसार्वजनिक वाहनों में मनमाना किराया वसूलने वाले चालकों पर प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से यात्रियों और तीर्थयात्रियों को सीधी राहत मिलेगी।\n\n• उत्तराखंड में: राज्य के तीर्थस्थलों में आने वाले श्रद्धालुओं को अब वाहन चालकों की अवैध वसूली से सुरक्षा मिलेगी। स्थानीय प्रशासन द्वारा तय की गई आधिकारिक किराया सूची का पालन सुनिश्चित कराने के लिए औचक निरीक्षण तेज किए जा रहे हैं।\n• हरिद्वार में: रेलवे स्टेशन और रानीपुर मोड़ जैसे प्रमुख मार्गों पर यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों को अब निर्धारित 50 रुपये ही देने होंगे। यदि कोई चालक 300 रुपये जैसी मनमानी रकम मांगता है, तो यात्री सीधे परिवहन विभाग या पुलिस से शिकायत कर उस पर तत्काल कार्रवाई करवा सकते हैं।\n• वाहन चालकों पर: बिना पंजीकरण या ओवरलोडिंग के साथ चलने वाले ऑटो और ई-रिक्शा चालकों पर भारी चालान और वाहन जब्ती का सीधा खतरा बढ़ गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने पर 105 चालान और 25 वाहनों की जब्ती जैसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।\n• पर्यटकों के लिए: शहर में बाहर से आने वाले यात्री अब सफर शुरू करने से पहले तय सरकारी दरों की जानकारी मांग सकते हैं। निर्धारित नियमों के लागू होने से धार्मिक यात्रा अधिक सुगम और किफायती बनेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nहरिद्वार में बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों से ऑटो, विक्रम और बैटरी रिक्शा चालकों द्वारा मनमाने किराए की खुली लूट की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। इसी अवैध वसूली की पुष्टि करने और जमीनी हकीकत पकड़ने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने यह औचक कदम उठाया।\n\n• मनमाने किराए की भरमार: रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन के 3 किलोमीटर के सफर का सरकारी किराया 50 रुपये तय है, लेकिन चालक 300 रुपये तक मांग रहे थे। अधिकारियों ने पाया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की अनभिज्ञता का फायदा उठाकर कई गुना किराया वसूला जा रहा था।\n• प्रशासनिक आदेश और औचक जांच: जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के पास लगातार अवैध वसूली की शिकायतें पहुंच रही थीं, जिसके बाद उन्होंने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। एआरटीओ निखिल शर्मा और नेहा झा ने सादे कपड़ों में औचक निरीक्षण की रणनीति बनाई ताकि चालक सतर्क न हो सकें।\n• बिना पंजीकरण और ओवरलोडिंग का संचालन: जांच में यह भी सामने आया कि कई वाहन बिना वैध पंजीकरण और अत्यधिक ओवरलोडिंग के साथ सड़कों पर दौड़ रहे थे। इसी वजह से विभाग ने 105 चालान काटने के साथ-साथ 25 वाहनों को सीधे सीज करने का कड़ा फैसला लिया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हरिद्वार में विक्रम चालक ने 3 किलोमीटर की दूरी के लिए कितना किराया मांगा था?\nरानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन तक करीब 3 किलोमीटर की दूरी के लिए विक्रम चालक ने 300 रुपये का मनमाना किराया मांगा था।\n\n2. रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन के बीच निर्धारित सरकारी किराया कितना है?\nपरिवहन विभाग के नियमों के अनुसार इस मार्ग पर 3 किलोमीटर की दूरी का आधिकारिक किराया केवल 50 रुपये निर्धारित है।\n\n3. अवैध वसूली पकड़ने के लिए एआरटीओ निखिल शर्मा ने क्या तरीका अपनाया?\nएआरटीओ निखिल शर्मा बिना किसी सरकारी अमले के साधारण यात्री बनकर विक्रम में सवार हुए और खुद अधिक किराए की मांग का अनुभव किया।\n\n4. जांच अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने कुल कितने वाहनों पर कार्रवाई की?\nजांच के दौरान टीम ने कुल 105 वाहनों के चालान किए और 25 वाहनों को विभिन्न नियमों के उल्लंघन में जब्त किया।\n\n5. कार्रवाई के दौरान ई-रिक्शा में क्या कमियां पाई गईं?\nजांच में एक ई-रिक्शा क्षमता से अधिक ओवरलोडिंग करता मिला, जबकि दो अन्य ई-रिक्शा सड़कों पर बिना पंजीकरण के चलते पकड़े गए।",
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  "category": "उत्तराखंड",
  "publishedAt": "2026-09-23",
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