हाथ की सफाई से लाखों दिल जीते, अब आठ साल का साहिल आनंद महिंद्रा की एक मुलाकात के लिए तरस रहा नैनीताल की सड़कों पर जादू दिखाने वाले 8 साल के साहिल का वीडियो वायरल हुआ और आनंद महिंद्रा ने भी उसकी तारीफ की, लेकिन मदद के वादे के बाद अब तक किसी ने परिवार से संपर्क नहीं किया। उत्तराखंड के नैनीताल की सड़कों पर अपने हाथ की सफाई से राहगीरों को हैरान कर देने वाले 8 साल के साहिल की एक छोटी सी मुस्कान आज एक बड़ी उम्मीद में बदल चुकी है। कुछ दिन पहले इस मासूम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और देखते ही देखते लाखों लोगों के दिल में जगह बना गया। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से यह वीडियो साझा किया, बच्चे की प्रतिभा की जमकर सराहना की और उसकी पढ़ाई तथा बेहतर भविष्य में मदद करने की बात कही। लेकिन वीडियो वायरल होने और इस घोषणा के बाद भी अब तक न साहिल से, न उसके परिवार से किसी ने संपर्क किया है। आज पूरा परिवार बस एक संदेश या एक मुलाकात का इंतजार कर रहा है। आठ साल का साहिल बड़ी मासूमियत से कहता है कि वह आनंद महिंद्रा से मिलना तो चाहता है, पर उसे यह तक नहीं पता कि उन तक पहुंचे कैसे। वह बताता है कि चार साल की उम्र से ही उसने यह कला शुरू कर दी थी। हालांकि वह इसे जादू नहीं, बल्कि हाथ की सफाई कहता है। उसका सपना है कि बड़ा होकर वह एक अच्छा जादूगर बने, पढ़ाई करे और अपने परिवार की आर्थिक हालत सुधारे। मैं आनंद महिंद्रा सर से मिलकर उन्हें अपना जादू दिखाना चाहता हूं। अगर वह मेरी मदद करेंगे तो मैं पढ़ाई भी करूंगा और अपने सपने पूरे कर सकूंगा। तीन पीढ़ियों से चली आ रही है यह कला साहिल के पिता रुकसान अली बताते हैं कि उनका परिवार मूल रूप से राजस्थान के जयपुर का रहने वाला है और पिछली तीन पीढ़ियों से जादू का खेल दिखाकर लोगों का मनोरंजन करता आ रहा है। खुद रुकसान अली ने भी छह-सात साल की उम्र में अपने पिता के साथ यह हुनर सीखना शुरू किया था, और अब उनका बेटा साहिल भी इसी राह पर चल रहा है। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते वे साहिल को नियमित रूप से स्कूल नहीं भेज पाए। आज भी यह नन्हा बच्चा अपने पिता के साथ रहकर जादू दिखाने में हाथ बंटाता है, और इसी से घर का गुजारा चलता है। पहचान बदली, पर हालात नहीं रुकसान अली कहते हैं कि जिस दिन आनंद महिंद्रा ने उनके बेटे का वीडियो साझा किया, उन्हें लगा कि अब शायद बेटे की किस्मत पलट जाएगी। पूरे परिवार में एक नई उम्मीद जाग उठी थी। लेकिन इतने दिन बीतने के बाद भी किसी तरफ से कोई संपर्क नहीं हुआ। उनका कहना है कि अगर आनंद महिंद्रा से मिलने का मौका मिल जाए तो साहिल अपनी कला का प्रदर्शन करेगा और हो सकता है कि उसकी जिंदगी को एक नई दिशा मिल जाए। नैनीताल में जादू दिखाने की अनुमति नहीं साहिल का परिवार फिलहाल नैनीताल में ही ठहरा हुआ है। रुकसान अली बताते हैं कि वे यहां छोटे-छोटे जादू के कार्यक्रम कर परिवार का खर्च निकाल रहे थे, लेकिन नगरपालिका से अनुमति न मिलने के कारण अब सार्वजनिक जगहों पर खेल नहीं दिखा पा रहे। इससे उनकी आमदनी का सबसे बड़ा जरिया भी ठप पड़ गया है। अब साहिल और उसका परिवार सिर्फ एक उम्मीद के सहारे टिके हैं, यह उम्मीद कि सोशल मीडिया पर उसकी प्रतिभा को पहचानने वाले आनंद महिंद्रा तक उसकी आवाज एक बार फिर पहुंचे और जिस मासूम ने अपने हुनर से लाखों लोगों का दिल जीता, उसे अपनी कला निखारने और पढ़ने का वह मौका मिल सके, जिसका वह लंबे समय से इंतजार कर रहा है। इसका आप पर असर • भारत में: वायरल फेम और किसी बड़ी हस्ती की तारीफ हमेशा असल मदद में नहीं बदलती, इसलिए ऐसे टैलेंट तक पहुंचने का जिम्मा अक्सर आम लोगों और स्थानीय संस्थाओं पर आ जाता है। • नैनीताल में: नगरपालिका से अनुमति न मिलने के कारण साहिल का परिवार सार्वजनिक जगहों पर खेल नहीं दिखा पा रहा, जिससे उनकी रोजमर्रा की कमाई सीधे प्रभावित हुई है। सवाल-जवाब 1. साहिल कौन है और किस वजह से चर्चा में आया? साहिल नैनीताल की सड़कों पर हाथ की सफाई के खेल दिखाने वाला 8 साल का बच्चा है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वह चर्चा में आया। 2. आनंद महिंद्रा का इस कहानी से क्या संबंध है? महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से साहिल का वीडियो साझा कर उसकी तारीफ की और उसकी पढ़ाई व बेहतर भविष्य में मदद करने की बात कही थी। 3. क्या साहिल या उसके परिवार से किसी ने संपर्क किया? नहीं, वीडियो वायरल होने और मदद की घोषणा के बाद भी अब तक न साहिल और न उसके परिवार से किसी ने संपर्क किया है। 4. साहिल कब से यह कला दिखा रहा है? साहिल चार साल की उम्र से यह कला दिखा रहा है, हालांकि वह इसे जादू नहीं बल्कि हाथ की सफाई कहता है। 5. साहिल का परिवार मूल रूप से कहां का है? साहिल के पिता रुकसान अली के अनुसार उनका परिवार मूल रूप से राजस्थान के जयपुर का रहने वाला है और तीन पीढ़ियों से जादू दिखाता आ रहा है। 6. नैनीताल में परिवार को किस दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है? नगरपालिका से अनुमति न मिलने के कारण परिवार सार्वजनिक जगहों पर जादू नहीं दिखा पा रहा, जिससे उनकी आमदनी का बड़ा जरिया प्रभावित हुआ है। 7. साहिल का सपना क्या है? साहिल का सपना है कि वह बड़ा होकर एक अच्छा जादूगर बने, पढ़ाई करे और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाए। प्रेरणा और सबक • हुनर को कम उम्र से मांजना: साहिल ने सिर्फ चार साल की उम्र से अपनी कला शुरू की, जो दिखाता है कि किसी भी काम में महारत जल्दी और लगातार अभ्यास से आती है। • विरासत को आगे बढ़ाना: तीन पीढ़ियों से चली आ रही इस कला को सीखकर साहिल ने पारिवारिक हुनर को नई पहचान दी, यह बताता है कि अपनी जड़ों से जुड़े रहना भी ताकत बन सकता है। • मुश्किल में भी सपना न छोड़ना: कमजोर आर्थिक हालात के बावजूद साहिल का सपना पढ़ाई करने और बड़ा जादूगर बनने का है, यानी हालात सपनों की सीमा तय नहीं करते। • ईमानदारी से अपनी पहचान बताना: साहिल अपने काम को जादू नहीं, हाथ की सफाई कहता है, जो उसकी साफगोई और अपने हुनर के प्रति समझ को दर्शाता है। https://trendkia.com/uttarakhand/hatha-ki-saphai-se-lakhon-dila-jite-aba-atha-sala-ka-sahil-anand-mahindra-ki-eka-mulakata-ke-lie-tarasa-raha-2648 TrendKia — Har trend, sabse pehle.