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  "type": "article",
  "title": "उत्तराखंड में वीकेंड पर नैनीताल और कैंची धाम जाने वाले मुसाफिरों के लिए बदला ट्रैफिक सिस्टम, 10 और 11 अक्टूबर का पूरा डायवर्जन प्लान",
  "summary": "सप्ताहांत में उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर प्रशासन ने कैंची धाम और नैनीताल रूट पर भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई है, जबकि पर्यटकों की निजी गाड़ियां तय पार्किंग में रोककर शटल से भेजी जाएंगी।",
  "content": "पहाड़ों की रानी नैनीताल की वादियों में घूमने और बाबा नीम करौली महाराज के पावन दरबार कैंची धाम में शीश नवाने की योजना बना रहे यात्रियों को इस सप्ताहांत सफर शुरू करने से पूर्व नए यात्रा नियमों को भलीभांति समझ लेना चाहिए। शनिवार और रविवार को सैलानियों के साथ ही श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा होने के अनुमान को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने समूचे नैनीताल, भवाली और भीमताल क्षेत्र के यातायात संचालन में बड़े बदलाव लागू किए हैं। अगर कोई भी चालक बिना डायवर्जन और पार्किंग नियमों को जाने मार्ग पर निकलता है, तो उसे बीच रास्ते में भीषण जाम अथवा असमंजस का सामना करना पड़ेगा।\n\nपिछले हफ्ते के अंत में नैनीताल शहर और आसपास के तमाम दर्शनीय स्थलों पर पर्यटकों की अप्रत्याशित आमद की वजह से चहुंओर लंबा जाम लग गया था। संकरी पहाड़ी सड़कों पर गाड़ियों की कतारें लग जाने से बाहरी राज्यों से आए मुसाफिरों को तो कष्ट हुआ ही, साथ ही रोजमर्रा के कामों के लिए निकलने वाले क्षेत्रीय नागरिकों की दिनचर्या भी बुरी तरह प्रभावित हुई। उसी अव्यवस्था से सबक लेते हुए इस बार प्रशासनिक अमले ने समय रहते एक व्यापक और पुख्ता योजना तैयार की है। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैंची धाम आश्रम जाने वाले भक्तों और नैनीताल भ्रमण पर निकले यात्रियों को सुगम रास्ता मिले तथा मैदानी और पर्वतीय इलाकों के बीच आवागमन पूरी तरह निर्बाध चलता रहे।\n\nभारी गाड़ियों के प्रवेश पर कड़े प्रतिबंध\nप्रशासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 और 11 अक्टूबर को तड़के सुबह 3 बजे से लेकर देर रात 11 बजे की अवधि तक तमाम भारी व्यावसायिक और मालवाहक वाहनों के परिचालन पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। ऐसे सभी बड़े वाहनों को जनपद की सीमाओं पर ही रोक लिया जाएगा ताकि वे पर्वतीय मार्गों पर प्रवेश न कर सकें। इसके अतिरिक्त केमू बसों, निजी बसों और सामान्य चारपहिया वाहनों के लिए सुबह 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक खास टाइम-टेबल और रूट निर्धारित किए गए हैं। मैदान से ऊंचाई वाले इलाकों और पहाड़ों से तराई की दिशा में दौड़ने वाली गाड़ियों को वैकल्पिक रास्तों की तरफ मोड़ा जाएगा, जिससे भवाली, भीमताल एवं कैंची धाम के मुख्य गलियारों पर गाड़ियों का घनत्व नियंत्रित स्तर पर बना रहे।\n\nकुमाऊं के अन्य जिलों को जाने वाले वाहनों का नया रूट\nहल्द्वानी, काठगोदाम और मैदानी शहरों से चलकर अल्मोड़ा, जागेश्वर धाम, बागेश्वर तथा सीमांत पिथौरागढ़ की ओर प्रस्थान करने वाली गाड़ियों को मुख्य राजमार्ग से हटाकर भीमताल स्थित खुटानी बैंड की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। यह समस्त ट्रैफिक खुटानी बैंड से आगे बढ़कर धारी और धानाचूली बैंड के रास्ते अपने गंतव्य की ओर अग्रसर होगा। ठीक इसी प्रकार अल्मोड़ा, जागेश्वर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ की दिशा से उतरकर मैदानी इलाकों की तरफ लौटने वाले वाहनों को लमगड़ा, धानाचूली, धारी, खुटानी बैंड और भीमताल के रास्ते नीचे भेजा जाएगा।\n\nरानीखेत क्षेत्र से मैदानी हिस्सों की ओर जाने वाले चालकों को क्वारब, ओड़ाखान, रामगढ़, खुटानी बैंड और भीमताल होकर अपनी यात्रा पूरी करनी होगी। वहीं काठगोदाम से रानीखेत की तरफ चढ़ने वाले वाहनों को खुटानी से मोड़कर मुक्तेश्वर तथा रामगढ़ के सुंदर रास्तों से भेजा जाएगा। पुलिस विभाग ने सभी वाहन चालकों से धैर्य बनाए रखने, नियमों का कड़ाई से अनुपालन करने और किसी भी सूरत में प्रतिबंधित मार्गों पर जबरन घुसने का प्रयास न करने का आग्रह किया है।\n\nनिजी गाड़ियों की पार्किंग और शटल सेवा का खाका\nकैंची धाम मंदिर परिसर के निकट जुटने वाले जनसैलाब को व्यवस्थित करने के लिए निजी वाहनों के वास्ते अलग पार्किंग स्थल तय किए गए हैं। बाहरी जनपदों व अन्य प्रदेशों से भीमताल मार्ग होकर कैंची धाम की तरफ बढ़ने वाले पर्यटकों के निजी वाहनों को भीमताल स्थित विकास भवन पार्किंग स्थल पर ही खड़ा कराया जाएगा। वहां वाहन पार्क करने के पश्चात श्रद्धालुओं को स्थानीय शटल वाहनों में बैठाकर भवाली और फिर कैंची धाम मंदिर तक पहुंचाया जाएगा।\n\nदूसरी ओर, गेठिया और नैनीताल वाले रास्ते से कैंची धाम के दर्शनार्थ आने वाले पर्यटकों की निजी गाड़ियों को भवाली सैनिटोरियम की पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। वहां से भी श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर तक पहुंचाने के लिए शटल गाड़ियों का प्रबंध रहेगा। इस त्रिस्तरीय योजना का मकसद मंदिर के संकरे पहुंच मार्ग पर निजी कारों का जमावड़ा पूरी तरह रोकना है ताकि पैदल चलने वाले भक्तों को भी असुविधा न हो।\n\nटैक्सी और दोपहिया वाहनों पर भी निगरानी\nसप्ताहांत के दौरान व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए कैंची धाम क्षेत्र और नैनीताल के संवेदनशील मार्गों पर टैक्सियों तथा दोपहिया वाहनों की आवाजाही को भी सीमित व प्रतिबंधित किया गया है। इसलिए वीकेंड ट्रिप पर निकलने से पहले हर यात्री को अपने आवागमन के साधनों और समय का सही आकलन कर लेना चाहिए। विशेष रूप से कैंची धाम जाने वाले दर्शनार्थियों को यह ध्यान रखना होगा कि वे अपनी गाड़ियां केवल अधिकृत पार्किंग में खड़ी करें और आगे का सफर शटल सेवा से ही तय करें।\n\nप्रशासन ने सभी यात्रियों, पर्यटकों, होटल संचालकों और स्थानीय वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे असुविधा और चालान से बचने के लिए डायवर्जन प्लान का अक्षरशः पालन करें। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए मुसाफिर अपने सफर के लिए अतिरिक्त समय का प्रबंध करके ही घर से निकलें तथा मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मियों के दिशा-निर्देशों का सम्मान करें।\n\nइसका आप पर असर\nसप्ताहांत में कैंची धाम और नैनीताल की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह नया ट्रैफिक प्लान सीधे तौर पर लागू होगा।\n\n• उत्तराखंड में: नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जाने वाले मुसाफिरों को खुटानी बैंड और धानाचूली के लंबे वैकल्पिक मार्गों से गुजरना होगा। अपनी यात्रा के लिए कम से कम दो से तीन घंटे का अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें।\n• कैंची धाम जाने वाले दर्शनार्थियों के लिए: निजी गाड़ियों को मंदिर तक ले जाने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें भीमताल विकास भवन या भवाली सैनिटोरियम में ही पार्क करना होगा। वहां से मंदिर पहुंचने के लिए प्रशासन द्वारा संचालित लोकल शटल सेवा का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा।\n• भारी वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों के लिए: 10 और 11 अक्टूबर को सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक जिले में भारी गाड़ियों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। माल ढुलाई से जुड़े कारोबारी अपनी डिलीवरी और ट्रकों का संचालन इन तारीखों के बाद ही तय करें।\n• टैक्सी और दोपहिया चालकों के लिए: नैनीताल और कैंची धाम के भीड़भाड़ वाले मुख्य मार्गों पर टैक्सी और बाइक के आवागमन पर भी कड़े प्रतिबंध लागू रहेंगे। किसी भी परेशानी या चालान से बचने के लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।\n\nऐसा क्यों हुआ\nनैनीताल और कैंची धाम क्षेत्र में पिछले वीकेंड पर लगे भीषण जाम तथा आगामी सप्ताहांत में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए यह नया ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।\n\n• पिछले वीकेंड का भीषण जाम: पिछले हफ्ते पर्यटकों और भक्तों की भारी आमद के कारण नैनीताल और भवाली के संकरे रास्तों पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था। इससे पर्यटकों के साथ स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।\n• संकरी पहाड़ी सड़कों पर गाड़ियों का दबाव: कैंची धाम मंदिर के पास सड़क बेहद संकरी होने के कारण अनियंत्रित निजी गाड़ियों की पार्किंग से पूरा मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। इस दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने निजी कारों को दूर पार्क कराकर शटल चलाने का फैसला किया।\n• मैदानी और पर्वतीय संपर्क बनाए रखना: अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे अन्य पहाड़ी जिलों का संपर्क बाधित न हो, इसलिए लंबी दूरी के ट्रैफिक को खुटानी बैंड की तरफ मोड़कर बाईपास कराया गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कैंची धाम और नैनीताल में नया ट्रैफिक डायवर्जन किन तारीखों पर लागू रहेगा?\nयह नया यातायात डायवर्जन प्लान 10 और 11 अक्टूबर के सप्ताहांत पर लागू रहेगा।\n\n2. भारी वाहनों पर किस समय से किस समय तक प्रतिबंध रहेगा?\nभारी वाहनों का प्रवेश 10 और 11 अक्टूबर को सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।\n\n3. भीमताल होकर कैंची धाम जाने वाले पर्यटकों की गाड़ियां कहां पार्क होंगी?\nभीमताल के रास्ते जाने वाले पर्यटकों के वाहनों को भीमताल स्थित विकास भवन पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।\n\n4. गेठिया और नैनीताल से कैंची धाम जाने वाली गाड़ियों की पार्किंग व्यवस्था क्या है?\nगेठिया और नैनीताल मार्ग से आने वाली गाड़ियों को भवाली सैनिटोरियम पार्किंग में पार्क कराया जाएगा।\n\n5. पार्किंग स्थल से कैंची धाम मंदिर तक श्रद्धालु कैसे पहुंचेंगे?\nश्रद्धालुओं को विकास भवन और भवाली सैनिटोरियम पार्किंग से शटल सेवा के जरिए मंदिर तक पहुंचाया जाएगा।\n\n6. अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जाने वाले वाहनों को कहां से डायवर्ट किया जाएगा?\nमैदानी इलाकों से अल्मोड़ा, जागेश्वर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जाने वाले वाहनों को भीमताल के खुटानी बैंड से धारी और धानाचूली की तरफ डायवर्ट किया जाएगा।",
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  "category": "उत्तराखंड",
  "publishedAt": "2026-10-10",
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