नैनीताल में छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को खराब सिबिल पर भी मिलेगा आसान सरकारी कर्ज पीएम स्वनिधि योजना के तहत नैनीताल के फड़ और ठेला कारोबारियों को 50 हजार रुपये तक का चरणबद्ध लोन, ब्याज सब्सिडी और 30 हजार रुपये तक का क्रेडिट कार्ड मिल रहा है. उत्तराखंड के नैनीताल में सड़क किनारे फड़ लगाने वाले, ठेला चलाने वाले और रोजमर्रा की छोटी दुकानें चलाने वाले व्यापारियों के लिए वित्तीय सहायता की एक नई राह खुली है. केंद्र सरकार द्वारा संचालित पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत इन सूक्ष्म कारोबारियों को अपने व्यापार का विस्तार करने के लिए चरणबद्ध वित्तीय सहायता दी जा रही है. इस कार्यक्रम की सबसे अहम बात यह है कि जिन पात्र कारोबारियों का सिबिल स्कोर पहले से खराब या कमजोर रहा है, वे भी इस व्यवस्था के जरिए ऋण प्राप्त करने के योग्य माने गए हैं. अक्सर औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से बाहर रह जाने वाले ऐसे छोटे दुकानदारों को इस पहल से सीधे संस्थागत कर्ज प्रणाली से जोड़ा जा रहा है. तीन चरणों में पचास हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता इस कल्याणकारी योजना के तहत छोटे स्तर पर काम करने वाले व्यवसायियों को शुरुआत में 15 हजार रुपये तक की कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है. इस शुरुआती 15 हजार रुपये के कर्ज को चुकाने के लिए लाभार्थियों को एक वर्ष का समय दिया जाता है. जो कारोबारी समय पर अपनी मासिक किस्तों की अदायगी पूरी कर लेते हैं और योजना की निर्धारित शर्तों का ठीक से पालन करते हैं, वे अगले चरण में बड़ी राशि का ऋण हासिल करने के हकदार बन जाते हैं. इसी सिलसिले में कारोबारियों को दूसरे दौर में 25 हजार रुपये और उसके बाद तीसरे चरण में 50 हजार रुपये तक का कर्ज स्वीकृत किया जाता है. इस पूरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य ऐसे दुकानदारों को जरूरी नकदी मुहैया कराना है, जिन्हें अपने दैनिक काम के लिए बहुत बड़ी पूंजी की दरकार नहीं होती, लेकिन गारंटी या पुराने रिकॉर्ड की कमी के चलते जिन्हें पारंपरिक बैंक शाखाओं से कर्ज जुटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. कमजोर क्रेडिट रिकॉर्ड वालों को भी राहत और ब्याज सब्सिडी आमतौर पर किसी भी बैंक से व्यक्तिगत या व्यावसायिक कर्ज लेने के लिए साफ-सुथरा क्रेडिट इतिहास अनिवार्य माना जाता है, लेकिन इस योजना में ऐसे वंचित तबके को विशेष रियायत दी गई है. नैनीताल नगरपालिका परिषद के सूडा अनुभाग की सिटी मिशन मैनेजर सीमा पांडे के अनुसार, पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत कमजोर सिबिल स्कोर वाले पात्र आवेदकों को भी आर्थिक लाभ देने की व्यवस्था की गई है. हालांकि, प्रत्येक ऋण आवेदन की वास्तविक मंजूरी बैंक की आवश्यक प्रक्रियाओं और पात्रता मानकों की जांच के बाद ही तय की जाती है. इसलिए इच्छुक वेंडरों को आवेदन जमा करने से पूर्व संबंधित कार्यालय से मौजूदा नियमों की विस्तृत जानकारी लेने की सलाह दी गई है. ऋण की सहज उपलब्धता के साथ-साथ इस योजना में ब्याज पर सरकारी सब्सिडी दिए जाने की भी व्यवस्था शामिल है. समय पर किस्त भरने वाले लाभार्थियों पर इसके कारण ब्याज का वास्तविक बोझ सामान्य बैंक दरों के मुकाबले काफी कम पड़ता है. इस रियायती ब्याज दर का सीधा मकसद इन मेहनतकश लोगों को स्थानीय साहूकारों, बिचौलियों और अन्य अनौपचारिक स्रोतों के अत्यधिक महंगे ब्याज के जाल में फंसने से बचाना है. गैर-पंजीकृत वेंडरों को औपचारिक दायरे में लाने की तैयारी शुरुआती दौर में इस योजना का मुख्य लाभ केवल उन्हीं रेहड़ी-पटरी वालों को दिया जा रहा था जो नगर निकाय के पास पहले से विधिवत चिन्हित और पंजीकृत थे. अब इसके दायरे को व्यापक बनाते हुए ऐसे गैर-पंजीकृत कारोबारियों को भी शामिल किया जा रहा है जो जमीन पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. नैनीताल नगरपालिका के सूडा विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, शहर में वर्तमान में 121 फड़ व्यवसायी पंजीकृत हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. नए गैर-पंजीकृत लोगों के जुड़ने से स्थानीय बाजार में काम कर रहे अधिकांश छोटे वेंडरों को मुख्यधारा की बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा. तीस हजार रुपये तक की क्रेडिट लिमिट और 2030 तक विस्तार नकद कर्ज की सुविधा के अलावा पात्र छोटे व्यवसायियों को आधुनिक बैंकिंग उत्पादों से जोड़ने के लिए क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी दी जा रही है. इस प्रावधान के तहत योग्य कारोबारियों को 30 हजार रुपये तक की क्रेडिट लिमिट उपलब्ध कराई जा रही है. नैनीताल शहर में अब तक लगभग 10 से 12 फड़ व्यवसायियों को इस प्रकार के क्रेडिट कार्ड बांटे जा चुके हैं, जिससे वे दैनिक माल की खरीद के लिए डिजिटल भुगतान कर सकें. सिटी मिशन मैनेजर सीमा पांडे ने स्पष्ट किया कि पुनर्गठित पीएम स्वनिधि योजना की अवधि को वर्ष 2030 तक के लिए बढ़ा दिया गया है. इसका राष्ट्रीय लक्ष्य देशभर के छोटे कामगारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना है. नैनीताल के जो भी फड़ व्यवसायी, ठेला चालक या छोटे दुकानदार इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, वे नैनीताल नगरपालिका के सूडा कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं, जहां उन्हें आवश्यक दस्तावेजों, पात्रता नियमों और आवेदन जमा करने की पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन दिया जाएगा. इसका आप पर असर यह योजना नैनीताल के छोटे कारोबारियों और देशभर के स्ट्रीट वेंडरों को बिना गारंटी सस्ता कर्ज देकर साहूकारों के कर्ज जाल से बचाती है. • भारत में: देशभर के स्ट्रीट वेंडर्स औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़कर 50 हजार रुपये तक का सस्ता संस्थागत लोन पा सकते हैं. 2030 तक बढ़ाई गई इस योजना में समय पर किस्तें चुकाने पर ब्याज सब्सिडी और 30 हजार रुपये तक का क्रेडिट कार्ड भी मिलता है. • नैनीताल में: शहर के 121 पंजीकृत फड़ कारोबारियों के साथ अब गैर-पंजीकृत ठेले वाले भी नगर पालिका के सूडा विभाग में जाकर आवेदन कर सकते हैं. खराब सिबिल वाले दुकानदार भी शुरुआती 15 हजार रुपये के लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए दस्तावेज जमा कर सकते हैं. • ब्याज पर बचत: साहूकारों के भारी-भरकम ब्याज के बजाय बैंक से रियायती दर पर पूंजी मिल रही है. इससे रोजमर्रा का माल खरीदने के लिए छोटे दुकानदारों की मासिक लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा. • क्रेडिट स्कोर सुधार: खराब सिबिल होने के बाद भी मिला यह कर्ज समय पर चुकाने से वेंडरों की वित्तीय साख मजबूत होगी. 1 साल की अवधि में 15 हजार रुपये चुकाकर वे आगे 25 हजार और 50 हजार रुपये के बड़े कर्ज के पात्र बन सकेंगे. ऐसा क्यों हुआ स्ट्रीट वेंडरों को पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली से बाहर रहने और अत्यधिक ब्याज वाले साहूकारों पर निर्भर होने के कारण केंद्र सरकार ने यह रियायती वित्तीय ढांचा तैयार किया है. • पारंपरिक बैंकिंग की अड़चनें: अधिकांश रेहड़ी-पटरी वालों के पास बैंक को देने के लिए कोई संपत्ति या पुख्ता क्रेडिट रिकॉर्ड नहीं होता है. इस वजह से सामान्य बैंक शाखाएं खराब सिबिल स्कोर वाले छोटे दुकानदारों के ऋण आवेदन तुरंत खारिज कर देती थीं. • साहूकारों का शोषण: दैनिक सामान खरीदने के लिए जरूरी पूंजी के अभाव में वेंडरों को अनौपचारिक स्रोतों से भारी ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था. इससे उनकी रोज की कमाई का बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में ही चला जाता था. • योजना की निरंतरता: कोविड काल के दौरान शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना की उपयोगिता को देखते हुए सरकार ने इसे पुनर्गठित कर 2030 तक बढ़ा दिया है. इसके तहत अब गैर-पंजीकृत वेंडरों और खराब सिबिल वाले पात्र लोगों को भी औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल किया जा रहा है. सवाल-जवाब 1. पीएम स्वनिधि योजना के तहत कुल कितना लोन मिल सकता है? इस योजना में चरणबद्ध तरीके से शुरुआत में 15 हजार रुपये, दूसरे चरण में 25 हजार रुपये और तीसरे चरण में 50 हजार रुपये तक का लोन मिलता है. 2. क्या खराब सिबिल स्कोर वाले दुकानदार भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं? हां, नैनीताल नगरपालिका के सूडा विभाग के अनुसार खराब सिबिल स्कोर वाले पात्र कारोबारी भी इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं. 3. शुरुआती 15 हजार रुपये का लोन चुकाने के लिए कितना समय मिलता है? शुरुआती 15 हजार रुपये के ऋण को चुकाने के लिए लाभार्थियों को 1 साल की समयावधि दी जाती है. 4. क्या योजना में क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी दी जा रही है? हां, पात्र छोटे कारोबारियों को 30 हजार रुपये तक की लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड दिया जा रहा है, जो नैनीताल में 10 से 12 वेंडरों को मिल चुका है. 5. नैनीताल में योजना का लाभ लेने के लिए कहां संपर्क करना होगा? इच्छुक व्यवसायी नैनीताल नगरपालिका के सूडा विभाग में जाकर पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं. 6. पुनर्गठित पीएम स्वनिधि योजना कब तक लागू रहेगी? योजना को पुनर्गठित कर वर्ष 2030 तक बढ़ा दिया गया है ताकि छोटे कारोबारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके. https://trendkia.com/uttarakhand/nainital-men-chhote-dukanadaron-aura-rehari-patari-valon-ko-kharaba-cibil-para-bhi-milega-asana-sarakari-karja-41778 TrendKia — Har trend, sabse pehle.