नैनीताल में मतदाता सूची के नोटिस पर घबराएं नहीं, एडीएम विवेक राय ने बताया नियम और प्रक्रिया उत्तराखंड के नैनीताल में SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस मिलने से बनी संशय की स्थिति पर एडीएम विवेक राय ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि 15 सितंबर के बाद भी पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सकता है। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान निर्वाचक नामावली को लेकर पैदा हुई आशंकाओं पर प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति साफ की है। मतदाता सूची में नाम, उपनाम अथवा दस्तावेजों से संबंधी त्रुटियों के कारण नोटिस मिलने से स्थानीय नागरिकों में चिंता का माहौल देखा जा रहा था। इस विषय में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नागरिक को परेशान होने या पैनिक करने की आवश्यकता नहीं है। अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने सार्वजनिक बयान जारी कर नागरिकों को आश्वस्त किया है कि सभी दावों और आपत्तियों का नियमानुसार पारदर्शी ढंग से निस्तारण किया जा रहा है। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से मतदाता सूची में आवश्यक सुधार कार्य लगातार संचालित हो रहे हैं। नोटिस मिलने पर क्या करें मतदाता और कैसे होगी जांच विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के अंतर्गत यदि किसी मतदाता के नाम, उपनाम या संलग्न दस्तावेजों को लेकर कोई संशय या आपत्ति दर्ज की गई है, तो उसे नियमानुसार अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी विवेक राय के अनुसार, जिन लोगों को प्रशासन अथवा निर्वाचन कार्यालय से नोटिस प्राप्त हुए हैं, उन्हें घबराने के बजाय तय तिथि पर आवश्यक प्रमाण पत्रों के साथ संबंधित अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा। नागरिकों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले वैध दस्तावेजों और प्रमाणों की गहनता से पड़ताल की जाएगी। जांच के उपरांत यदि मतदाता की पात्रता सही पाई जाती है, तो निर्वाचक नामावली में तत्काल आवश्यक संशोधन कर नाम दर्ज कर लिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी प्रक्रिया का प्राथमिक उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाना है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो और किसी पात्र नागरिक का नाम सूची से बाहर न छूटे। अंतिम निर्णय केवल वैध कागजातों और पात्रता की आधिकारिक जांच के पश्चात ही लिया जाएगा। 15 सितंबर की समय-सीमा का भ्रम और नामांकन से पहले तक पंजीकरण का नियम नैनीताल जिले में मतदाताओं के बीच एक बड़ा भ्रम यह फैल रहा था कि 15 सितंबर की तारीख बीत जाने के बाद यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का अधिकार खो देंगे। इस भ्रांति पर विराम लगाते हुए एडीएम विवेक राय ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि 15 सितंबर की तिथि समाप्त होने के बाद भी पात्र व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में जोड़ने का कानूनी अधिकार समाप्त नहीं होता है। निर्वाचन नियमों का हवाला देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि कोई भी पात्र नागरिक आगामी चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया आरंभ होने से ठीक एक सप्ताह पूर्व तक अपना नाम निर्वाचक नामावली में शामिल करवा सकता है। इसलिए केवल 15 सितंबर की अंतिम तिथि को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता या आपाधापी करने की जरूरत नहीं है। पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए अपने दस्तावेज प्रस्तुत करके अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं। दावे और आपत्तियां सामान्य प्रक्रिया, अफवाहों से बचने की अपील प्रशासन ने इस बात पर विशेष बल दिया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान दावे और आपत्तियां सामने आना एक बेहद सामान्य और नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। हर पुनरीक्षण अभियान में मतदाता सूचियों को अद्यतन करने के लिए इस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसलिए किसी भी नोटिस अथवा आपत्ति को लेकर पैनिक की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन, दावे और आपत्ति पर निर्धारित नियमों के अनुसार निष्पक्ष सुनवाई की जा रही है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया अथवा स्थानीय स्तर पर SIR प्रक्रिया को लेकर फैल रही भांति-भांति की चर्चाओं और अनपुष्ट अफवाहों पर ध्यान न देने की सख्त अपील की गई है। एडीएम विवेक राय ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। यदि किसी व्यक्ति को मतदाता सूची में दर्ज अपनी प्रविष्टियों या दस्तावेजों को लेकर कोई संशय है, तो वह अफवाहों से दूर रहकर सीधे संबंधित अधिकारियों अथवा बीएलओ से संपर्क स्थापित करे। प्रशासन का अंतिम लक्ष्य निर्वाचक नामावली को पूरी तरह सटीक, अद्यतन और प्रामाणिक बनाना है। जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, उन्हें सलाह दी गई है कि वे अपने सभी आवश्यक पहचान और निवास संबंधी दस्तावेज व्यवस्थित रखें तथा निर्धारित सुनवाई की तारीख पर नियत स्थल पर उपस्थित होकर अपना पक्ष दर्ज कराएं। इसका आप पर असर उत्तराखंड और नैनीताल में: SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नाम, उपनाम या दस्तावेजों की गड़बड़ी को लेकर नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है; तय तिथि पर दस्तावेज जमा कर सुधार कराया जा सकता है। भारत में: यदि 15 सितंबर तक प्रक्रिया पूरी न भी हो, तो भी पात्र मतदाता नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से एक सप्ताह पहले तक अपना नाम सूची में दर्ज करवा सकते हैं। सवाल-जवाब 1. नैनीताल में SIR प्रक्रिया के तहत लोगों को नोटिस क्यों दिए जा रहे हैं? निर्वाचक नामावली में नाम, उपनाम या दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की भिन्नता या आपत्ति सामने आने पर सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। 2. नोटिस मिलने पर मतदाता को क्या करना होगा? नोटिस में दी गई निर्धारित तिथि पर नागरिक को अपने आवश्यक पहचान और निवास संबंधी दस्तावेजों के साथ संबंधित अधिकारी के सामने उपस्थित होकर पक्ष रखना होगा। 3. क्या 15 सितंबर के बाद मतदाता सूची में नाम नहीं जोड़ा जा सकता? नहीं, 15 सितंबर के बाद भी पात्र व्यक्ति का नाम जोड़ने का अधिकार बना रहता है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से एक सप्ताह पहले तक नाम जोड़ा जा सकता है। 4. नोटिस मिलने पर फैसला किस आधार पर किया जाएगा? प्रशासन मतदाता द्वारा प्रस्तुत किए गए वैध दस्तावेजों और पात्रता की जांच करने के बाद ही अंतिम निर्णय लेगा। 5. बीएलओ की SIR प्रक्रिया में क्या भूमिका है? बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) के माध्यम से मतदाता सूची में दर्ज प्रविष्टियों में आवश्यक संशोधन और सुधार का कार्य किया जा रहा है। https://trendkia.com/uttarakhand/nainital-men-matadata-suchi-ke-notisa-para-ghabaraen-nahin-ediema-vivek-rai-ne-bataya-niyama-aura-prakriya-18832 TrendKia — Har trend, sabse pehle.