# नैनीताल में नन्दा देवी महोत्सव का आगाज, डीएसए मैदान में सजी 650 दुकानें और मौत का कुआं

> उत्तराखंड के नैनीताल में 16 सितंबर से नन्दा देवी महोत्सव की शुरुआत हो रही है. डीएसए मैदान में लगने वाले इस भव्य मेले में खरीदारी के लिए 650 दुकानें और मनोरंजन के लिए मौत का कुआं समेत कई झूले आकर्षण का केंद्र रहेंगे.

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-09-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/nainitala-men-nanda-devi-mahotsav-ka-agaja-dsa-maidana-men-saji-650-dukanen-aura-mauta-ka-kuan-32734 · **Language:** Hindi
**Tags:** नन्दा देवी महोत्सव, नैनीताल मेला, उत्तराखंड संस्कृति, डीएसए मैदान नैनीताल, कुमाऊं लोक संस्कृति

उत्तराखंड का खूबसूरत शहर नैनीताल इस सितंबर के महीने में आस्था, संस्कृति और मनोरंजन के रंग में पूरी तरह से सराबोर होने के लिए तैयार है. शहर में आज यानी 16 सितंबर से पारंपरिक नन्दा देवी महोत्सव का भव्य आगाज होने जा रहा है. इस बड़े आयोजन को लेकर सभी तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं. मल्लीताल स्थित डीएसए मैदान में सजने वाला यह विशाल मेला इस बार भारी संख्या में दुकानों, रोमांचक झूलों और अनूठे मनोरंजन के साधनों के साथ स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है. अगर आप इस सितंबर के दौरान नैनीताल की वादियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इस प्रसिद्ध नन्दा देवी मेले को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल कर सकते हैं.

## 650 से अधिक दुकानों का विशाल बाजार
नन्दा देवी महोत्सव के सिलसिले में डीएसए मैदान में इस बार लगभग 650 दुकानें स्थापित की गई हैं. इस भव्य बाजार में आगंतुकों को कपड़े, किचन का घरेलू सामान, बच्चों के खिलौने, सर्दियों के लिए रजाई और गद्दे, स्वादिष्ट खान-पान के स्टॉल और रोजमर्रा के उपयोग से जुड़ी कई अन्य वस्तुएं देखने को मिलेंगी. इन सभी दुकानों को बेहद व्यवस्थित तरीके से लगाने के लिए मैदान में विशेष कैनोपी और जर्मन हैंगर तैयार किए गए हैं ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो. मेले के आयोजक प्रशांत ने मीडिया से बातचीत में जानकारी दी कि इस बार दुकानों की संख्या में इजाफा किया गया है. कुल 650 दुकानें लगाई जा रही हैं, जिनमें से करीब 50 दुकानें विशेष तौर पर समूहों को आवंटित की जाएंगी. उनका मुख्य उद्देश्य मेले को अत्यधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाना है ताकि यहां पहुंचने वाले हर शख्स को खरीदारी के साथ-साथ बेहतरीन मनोरंजन का भी अनुभव प्राप्त हो सके.

## मौत का कुआं और रोमांचक झूले
खरीदारी के अलावा इस मेले में मनोरंजन का भी विशेष इंतजाम किया गया है जिसमें विभिन्न प्रकार के झूले शामिल हैं. इनमें रोमांच से भरपूर मौत का कुआं भी लोगों के लिए एक मुख्य आकर्षण का केंद्र साबित होने वाला है. छोटे बच्चों से लेकर युवाओं और पूरे परिवार के लिए अलग-अलग तरह के मनोरंजन के साधन इस मेले की रौनक को और अधिक बढ़ाएंगे. नगर पालिका परिषद नैनीताल के सभासद जितेन्द्र पांडे ने इस बारे में बताया कि इस बार मेले में झूलों को एक विशेष आकर्षण के रूप में तैयार किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि डीएसए मैदान के अंदर विभिन्न श्रेणियों के झूले लगाए गए हैं और इस बार आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए झूलों के टिकट की दरें भी काफी कम रखी गई हैं. उनके अनुसार, इन झूलों का लुत्फ उठाने के लिए टिकट की कीमत मात्र 25 से 50 रुपये के बीच तय की गई है. उन्होंने सभी शहरवासियों और पर्यटकों से नन्दा देवी महोत्सव में बड़ी संख्या में पहुंचने और इस भव्य मेले का आनंद उठाने की अपील की है.

## सांस्कृतिक परंपरा और पर्यटन का अनूठा संगम
यह नन्दा देवी महोत्सव केवल किसी साधारण मेले, खरीदारी या मनोरंजन के साधनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह कुमाऊं क्षेत्र की गहरी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा एक अत्यंत प्रमुख आयोजन है. इस पावन महोत्सव के दौरान मां नन्दा और सुनन्दा की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है और इसके साथ ही कई प्रकार की धार्मिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियां भी संपन्न होती हैं. जो पर्यटक देश-विदेश से नैनीताल घूमने आते हैं, उनके लिए यह आयोजन इसलिए भी खास महत्व रखता है क्योंकि इस मेले के माध्यम से उन्हें शहर के खूबसूरत पर्यटन स्थलों को देखने के साथ-साथ कुमाऊं की लोक परंपराओं और समृद्ध स्थानीय संस्कृति को बेहद करीब से जानने का अनमोल अवसर मिल जाता है.

## स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का विशेष प्रयास
इस बार के आयोजन में स्थानीय उत्पादों और स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. मेले की व्यवस्थाओं में अलग-अलग प्रकार की वस्तुओं के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाने वाले सामान को भी प्रमुखता से जगह देने का प्रयास किया गया है. इस पहल से मेले में शिरकत करने वाले पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को पारंपरिक एवं क्षेत्रीय उत्पादों की खरीदारी करने का बढ़िया अवसर मिलेगा. मेले के आयोजकों से जुड़े लोगों का साफ कहना है कि उनकी इस बार पूरी कोशिश है कि यह नन्दा देवी महोत्सव आने वाले सभी लोगों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हो.

बड़ी संख्या में लगाई गई दुकानें, रोमांचक झूले, खान-पान के विभिन्न स्टॉल, मनोरंजन के साधन और पारंपरिक धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कारण डीएसए मैदान में पूरे महोत्सव के दौरान एक खास चहल-पहल और रौनक बनी रहने की पूरी उम्मीद है. ऐसे में यदि आप सितंबर के महीने में नैनीताल आने की योजना बना रहे हैं, तो इस शानदार मेले में अपनी उपस्थिति जरूर दर्ज कराएं और कुमाऊं की संस्कृति के जीवंत रंगों को और अधिक पास से महसूस करें.

## इसका आप पर असर
नन्दा देवी महोत्सव से नैनीताल के स्थानीय कारोबारियों और व्यापारियों को अपनी बिक्री बढ़ाने का बड़ा अवसर मिलता है.

- **भारत में:** उत्तराखंड आने वाले देश भर के पर्यटक कुमाऊं की पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय उत्पादों से सीधे रूबरू हो पाते हैं.
- **नैनीताल में:** शहर के स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को मेले के जरिए रोजगार और व्यापार का बेहतरीन मंच मिलता है.

## ऐसा क्यों हुआ
नन्दा देवी महोत्सव का आयोजन हर साल कुमाऊं क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने तथा आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है.

- **धार्मिक परंपरा:** यह आयोजन मां नंदा और सुनंदा की पूजा-अर्चना के जरिए क्षेत्रीय आस्था को मजबूत करने की परंपरा का हिस्सा है.
- **पर्यटन को बढ़ावा:** मेले के माध्यम से नैनीताल में पर्यटन गतिविधियों को गति मिलती है और स्थानीय हस्तशिल्प व उत्पादों को एक बड़ा बाजार मिलता है.

## सवाल-जवाब

### 1. नैनीताल में नन्दा देवी महोत्सव की शुरुआत कब से हो रही है?
नैनीताल में नन्दा देवी महोत्सव की शुरुआत 16 सितंबर से हो रही है।

### 2. यह मेला नैनीताल में किस स्थान पर आयोजित किया जा रहा है?
यह मेला मल्लीताल स्थित डीएसए मैदान में आयोजित किया जा रहा है।

### 3. मेले में इस बार कुल कितनी दुकानें लगाई गई हैं?
मेले में इस बार लगभग 650 दुकानें लगाई गई हैं।

### 4. मेले में झूलों के टिकट की कीमत कितनी रखी गई है?
मेले में लगाए गए झूलों के टिकट की कीमत 25 से 50 रुपये के बीच रखी गई है।

### 5. इस महोत्सव में मुख्य रूप से किसकी पूजा-अर्चना की जाती है?
महोत्सव के दौरान मुख्य रूप से मां नन्दा और सुनन्दा की पूजा-अर्चना की जाती है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._