पलटन बाजार के करीब पांच दशकों से महक रही चाट गली, जब अनुष्का शर्मा ने भी लिया था स्ट्रीट फूड का स्वाद देहरादून के घंटाघर और पलटन बाजार के पास स्थित चाट गली 1970 के दशक से अपने पारंपरिक स्वाद के लिए जानी जाती है, जहां आम खरीदारों के अलावा फिल्म शूटिंग क्रू और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा भी पहुंच चुकी हैं। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मुख्य बाजार क्षेत्र में खरीदारी करने वाले स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए पलटन बाजार के समीप स्थित चाट गली खानपान का एक प्रमुख केंद्र बनी हुई है। शहर के प्रसिद्ध घंटाघर और व्यस्त बाजार के बिल्कुल नजदीक होने के कारण यहां हर रोज भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं। गोल गप्पे के तीखे पानी से लेकर पापड़ी चाट पर परोसी जाने वाली ठंडी दही, खट्टी-मीठी सोंठ और खास मसालों का तालमेल खाने के शौकीनों को अपनी ओर आकर्षित करता है। सामान्य दिनों के मुकाबले शनिवार और रविवार को इस संकरी गली में इतनी ज्यादा चहल-पहल रहती है कि लोगों के लिए पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। खाने के अनूठे जायके के साथ-साथ इस इलाके की जीवंत रौनक भी आगंतुकों और फूड ब्लॉगर्स को खासा प्रभावित करती है। 1970 के दशक से संजोया गया पारंपरिक जायका इस ऐतिहासिक चाट गली में मौजूद एक प्रमुख दुकान की संचालक सोनम गुप्ता के अनुसार, उनके प्रतिष्ठान की नींव उनके ससुर ने 1970 के दशक में रखी थी। पांच दशकों से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी परिवार की मुख्य प्राथमिकता वही पारंपरिक स्वाद बरकरार रखना है, जो शुरुआत के दिनों में ग्राहकों को मिला करता था। सोनम गुप्ता का कहना है कि उनकी दुकान का निरंतर प्रयास यही रहता है कि जो भी व्यक्ति एक बार यहां आकर स्ट्रीट फूड चखे, वह दोबारा उसी स्वाद की तलाश में वापस जरूर लौटे। पुरानी रेसिपी और मसालों के उसी संतुलन को बनाए रखने की वजह से यह दुकान आज भी शहर के खानपान इतिहास का एक अटूट हिस्सा बनी हुई है। बाजार की रौनक और वीकेंड पर उमड़ने वाली भीड़ पलटन बाजार और ऐतिहासिक घंटाघर के पास स्थित होने से इस चाट गली के कारोबारियों को लगातार ग्राहकों की आमद का लाभ मिलता है। दिनभर बाजार में कपड़े, बर्तन और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी के बाद लोग थकान मिटाने और कुछ चटपटा खाने के लिए इसी गली का रुख करते हैं। सोनम गुप्ता बताती हैं कि शाम ढलते ही यहां ग्राहकों की कतारें लंबी होने लगती हैं और खासकर वीकेंड पर तो भीड़ अपने चरम पर पहुंच जाती है। शहर के बाहर से आने वाले पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय युवा वर्ग भी यहां के स्ट्रीट फूड को अपनी पहली पसंद मानता है। फिल्म शूटिंग के दौरान बढ़ जाती है चहल-पहल देहरादून और आसपास की खूबसूरत वादियों में जब भी किसी बॉलीवुड या क्षेत्रीय फिल्म की शूटिंग होती है, तो उसका सीधा असर इस चाट गली की रौनक पर भी दिखाई देता है। प्रोडक्शन यूनिट से जुड़े कलाकार, तकनीशियन और क्रू मेंबर्स अक्सर शूटिंग से समय निकालकर यहां के मशहूर गोल गप्पे और चाट का स्वाद चखने पहुंच जाते हैं। क्रू के साथ-साथ फिल्म देखने और घूमने आए प्रशंसकों की मौजूदगी के चलते कई बार पूरी गली खचाखच भर जाती है और दुकानों पर जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता है। जब दुकान पर पहुंचीं अभिनेत्री अनुष्का शर्मा दुकानदार सोनम गुप्ता ने यह भी साझा किया कि बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा भी एक बार देहरादून प्रवास के दौरान उनकी दुकान पर आकर चाट का आनंद ले चुकी हैं। उनके आने की घटना को आज भी दुकान से जुड़े लोग गर्व के साथ याद करते हैं। यह चाट गली केवल खाने-पीने का एक कोना भर नहीं है, बल्कि यह देहरादून की पुरानी खानपान संस्कृति और जीवंत स्ट्रीट लाइफ का सच्चा प्रतिनिधित्व करती है। पचास वर्षों से अधिक समय से चली आ रही यह परंपरा आज भी आधुनिक दौर में अपने पुराने जायके और सादगी को जस का तस संजोए हुए है। इसका आप पर असर देहरादून की ऐतिहासिक चाट गली में खरीदारी और खानपान की पुरानी परंपरा आज भी नए और पुराने आगंतुकों के लिए समान रूप से उपलब्ध है। • देहरादून में: पलटन बाजार और घंटाघर आने वाले खरीदार शाम के समय या वीकेंड पर पारंपरिक गोल गप्पे और चाट का प्रामाणिक स्वाद ले सकते हैं। हालांकि वीकेंड की शाम अत्यधिक भीड़ होने के कारण लोगों को अतिरिक्त समय लेकर और पैदल यात्रा के लिए तैयार होकर यहां पहुंचना चाहिए। • फूड लवर्स और पर्यटकों के लिए: शहर का दौरा करने वाले बाहरी लोग 1970 के दशक से चली आ रही पुरानी रेसिपी और मसालों के स्वाद को सीधे अनुभव कर सकते हैं। यह स्थान उन यात्रियों के लिए बजट अनुकूल स्ट्रीट फूड का बेहतरीन विकल्प है जो शहर के स्थानीय खानपान को समझना चाहते हैं। • फिल्म और क्रू विज़िटर्स के लिए: शहर में आउटडोर शूटिंग के दौरान क्रू मेंबर्स के आने से यह इलाका स्थानीय चहल-पहल का केंद्र बन जाता है। आम दर्शक भी यहां के माहौल में शामिल होकर शहर के पुराने बाजार के अनुभवों से जुड़ सकते हैं। • स्थानीय छोटे व्यापारियों के लिए: बाजार के समीप खानपान का यह केंद्र आसपास के खुदरा दुकानदारों के लिए भी नियमित ग्राहक खींचने में मदद करता है। ऐतिहासिक दुकानों का निरंतर संचालन शहर के पारंपरिक स्ट्रीट वेंडर इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करता है। ऐसा क्यों हुआ देहरादून की चाट गली की यह लोकप्रियता पांच दशकों की स्वाद निरंतरता और इसकी भौगोलिक स्थिति के सटीक मेल के कारण संभव हुई है। • भौगोलिक स्थिति का लाभ: चाट गली का घंटाघर और पलटन बाजार के ठीक समीप होना इसकी दैनिक ग्राहकी का मुख्य कारण है। बाजार में कपड़े और रोजमर्रा की वस्तुओं की खरीदारी के लिए आने वाले हजारों लोग स्वाभाविक रूप से इस गली में खानपान के लिए मुड़ते हैं। • पारंपरिक स्वाद को बनाए रखने की नीति: वर्ष 1970 के दशक में शुरू हुई इन दुकानों ने अपनी मूल रेसिपी, सोंठ और मसालों के संतुलन में बदलाव नहीं किया। स्वाद में यह निरंतरता पुरानी पीढ़ी से लेकर आज के युवाओं तक ग्राहकों को दोबारा खींच लाती है। • फिल्म शूटिंग और सांस्कृतिक आकर्षण: देहरादून में बढ़ती फिल्म शूटिंग और सोशल मीडिया पर फूड ब्लॉगिंग ने इस संकरी गली को आम लोगों के अलावा मशहूर हस्तियों और प्रोडक्शन क्रू तक लोकप्रिय बना दिया है। सवाल-जवाब 1. देहरादून की मशहूर चाट गली कहां स्थित है? यह चाट गली देहरादून के प्रमुख व्यापारिक केंद्र पलटन बाजार और ऐतिहासिक घंटाघर के ठीक पास स्थित है। 2. चाट गली की मुख्य दुकान की शुरुआत कब हुई थी? दुकान की संचालिका सोनम गुप्ता के अनुसार, उनके ससुर ने इस दुकान की शुरुआत 1970 के दशक में की थी। 3. यहां की चाट में लोगों को क्या सबसे ज्यादा पसंद आता है? लोग गोल गप्पों के तीखे पानी के अलावा पापड़ी चाट में दही, खट्टी-मीठी सोंठ और पारंपरिक मसालों के स्वाद को बेहद पसंद करते हैं। 4. किस बॉलीवुड अभिनेत्री ने इस दुकान पर चाट खाई थी? बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने देहरादून यात्रा के दौरान इस दुकान पर पहुंचकर चाट का स्वाद लिया था। 5. चाट गली में सबसे अधिक भीड़ किस समय देखने को मिलती है? शाम के समय और विशेष रूप से वीकेंड पर यहां पैर रखने तक की जगह नहीं होती, साथ ही फिल्मों की शूटिंग के दौरान भी भीड़ काफी बढ़ जाती है। 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