पारिवारिक दबाव से परेशान होकर दिल्ली पहुंची हरिद्वार की तीन युवतियां, पुलिस ने पहाड़गंज के होटल से किया बरामद हरिद्वार में शादी के दबाव के कारण घर छोड़कर दिल्ली पहुंची तीन लड़कियों को पुलिस ने पहाड़गंज स्थित एक होटल से सुरक्षित बरामद कर लिया है। इनमें दो नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से विवाह के दबाव के चलते घर छोड़कर निकलीं तीन लड़कियों को पुलिस ने दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से सुरक्षित बरामद कर लिया है। इन तीनों लड़कियों में से दो नाबालिग हैं, जिनकी उम्र क्रमशः 17 वर्ष और 13 वर्ष है, जबकि एक लड़की बालिग है। परिजनों द्वारा घर में शादी को लेकर बनाए जा रहे लगातार दबाव से परेशान होकर तीनों लड़कियों ने अचानक घर छोड़ने का फैसला किया था और वे किसी तरह दिल्ली पहुंच गई थीं। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने रहने के लिए पहाड़गंज क्षेत्र के एक होटल में कमरा लिया था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी निगरानी और स्थानीय पूछताछ की मदद से तीनों लड़कियों की सटीक लोकेशन का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित ढूंढ निकाला। शादी के दबाव से बचकर स्वावलंबन की तलाश पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में लड़कियों ने घर छोड़ने के पीछे की मुख्य वजह का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्य उन पर शादी करने के लिए दबाव बना रहे थे, जबकि वे अभी विवाह नहीं करना चाहती थीं। इसी वजह से तीनों ने मिलकर फैसला किया कि वे अपना घर छोड़कर दिल्ली चली जाएंगी। उनका उद्देश्य दिल्ली आकर कोई काम ढूंढना और अपनी मेहनत से पैसे कमाकर खुद के पैरों पर खड़ा होना था। इसी योजना के तहत तीनों लड़कियां हरिद्वार से निकलकर दिल्ली पहुंचीं और उन्होंने ठहरने के लिए पहाड़गंज के अराकाशन रोड स्थित एक होटल में अपना ठिकाना बनाया। गंगनहर थाने में एफआईआर और अंतरराज्यीय समन्वय यह पूरा मामला हरिद्वार जिले के गंगनहर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। जब तीनों लड़कियां अचानक अपने-अपने घरों से लापता हो गईं और परिजनों को उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। स्वजनों की तहरीर के आधार पर गंगनहर थाना पुलिस ने 8 सितंबर को लड़कियों की गुमशुदगी की प्राथमिकी (FIR) दर्ज की। मामले में दो नाबालिग लड़कियों के शामिल होने के कारण पुलिस प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया। हरिद्वार की गंगनहर पुलिस ने तुरंत दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों से संपर्क साधा और लापता लड़कियों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। अराकाशन रोड और पहाड़गंज में तलाशी अभियान हरिद्वार पुलिस से सूचना प्राप्त होने के बाद दिल्ली के नबी करीम थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। इस विशेष टीम ने पहाड़गंज और अराकाशन रोड के पूरे व्यावसायिक और रिहाइशी इलाके में एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस दल ने क्षेत्र के कई छोटे-बड़े होटलों और गेस्ट हाउसों की सघन जांच की। इसके साथ ही, होटल के कर्मचारियों, मैनेजरों और स्थानीय दुकानदारों को तीनों लड़कियों की तस्वीरें दिखाकर उनके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की गई। तकनीकी निगरानी से मिली सफलता और आगे की जांच स्थानीय स्तर पर पूछताछ के साथ-साथ पुलिस की टीम ने तकनीकी निगरानी का भी सहारा लिया। मोबाइल नेटवर्क और अन्य तकनीकी सुरागों का लगातार विश्लेषण करने के बाद पुलिस को आखिरकार लड़कियों की मौजूदगी का सटीक स्थान मिल गया। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम ने अराकाशन रोड स्थित संबंधित होटल में छापा मारकर तीनों लड़कियों को पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में बरामद कर लिया। जरूरी कानूनी औपचारिकताएं और चिकित्सीय प्रक्रियाएं पूरी करने के उपरांत तीनों को गंगनहर थाने से आई उत्तराखंड पुलिस टीम के सुपुर्द कर दिया गया। फिलहाल हरिद्वार पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि लड़कियां हरिद्वार से दिल्ली तक कैसे पहुंचीं और बिना किसी स्थानीय अभिभावक के उन्हें होटल में कमरा किस प्रक्रिया के तहत मिला। इसका आप पर असर यह मामला पारिवारिक सामाजिक दबावों और युवा वर्ग की सुरक्षा एवं अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को रेखांकित करता है। • भारत में: यह घटना उजागर करती है कि कम उम्र में विवाह के पारिवारिक दबाव के चलते युवा अक्सर खतरनाक कदम उठा लेते हैं। अभिभावकों को बच्चों की इच्छाओं और कानूनी प्रावधानों को समझकर संवाद का मार्ग अपनाना चाहिए। • उत्तराखंड में: राज्य में लापता बच्चों और नाबालिगों की त्वरित ट्रेसिंग के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा अंतरराज्यीय समन्वय प्रणाली को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। • होटल प्रबंधन के लिए: यह मामला होटल और लॉज संचालकों के लिए बिना वैध पहचान पत्र और अभिभावक के नाबालिगों को कमरा देने संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी है। • सुरक्षा जांच में: तकनीकी सर्विलांस और त्वरित पुलिस कार्रवाई से समय रहते बड़ी अनहोनी टल सकी, जो अंतर-राज्यीय पुलिस अभियानों की प्रभावशीलता को दर्शाती है। ऐसा क्यों हुआ हरिद्वार से तीन लड़कियों के घर छोड़ने और दिल्ली पहुंचने के पीछे मुख्य रूप से सामाजिक दबाव और आर्थिक आत्मनिर्भरता की चाहत जिम्मेदार रही। • विवाह के लिए दबाव: परिवार की ओर से शादी करने का लगातार दबाव बनाए जाने के कारण तीनों लड़कियां मानसिक रूप से परेशान थीं और इस निर्णय से बचना चाहती थीं। • रोजगार और आत्मनिर्भरता की योजना: लड़कियों ने खुद कमाने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के मकसद से देश की राजधानी दिल्ली जाने का मार्ग चुना। • गुमशुदगी की शिकायत: 8 सितंबर को परिजनों द्वारा गंगनहर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खोजबीन शुरू की। • अंतरराज्यीय पुलिस सहयोग: दिल्ली के नबी करीम थाने की पुलिस और हरिद्वार पुलिस ने संयुक्त रूप से तकनीकी निगरानी और होटल चेकिंग अभियान चलाकर ठिकाने का पता लगाया। सवाल-जवाब 1. हरिद्वार से कितनी लड़कियां दिल्ली पहुंची थीं? हरिद्वार के गंगनहर थाना क्षेत्र से कुल तीन लड़कियां घर छोड़कर दिल्ली पहुंची थीं, जिनमें दो नाबालिग और एक बालिग है। 2. लड़कियों की उम्र क्या बताई गई है? बरामद की गई लड़कियों में दो नाबालिगों की उम्र क्रमशः 17 साल और 13 साल है। 3. लड़कियों ने घर छोड़ने का क्या कारण बताया? शुरुआती पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि वे शादी नहीं करना चाहती थीं और परिवार के दबाव से परेशान होकर काम की तलाश में दिल्ली आई थीं। 4. पुलिस ने लड़कियों को दिल्ली में कहां से बरामद किया? दिल्ली पुलिस और हरिद्वार पुलिस की टीम ने लड़कियों को पहाड़गंज के अराकाशन रोड स्थित एक होटल से सुरक्षित बरामद किया। 5. मामले में एफआईआर कब दर्ज की गई थी? लड़कियों के लापता होने के बाद उनके परिजनों की शिकायत पर गंगनहर थाने में 8 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। https://trendkia.com/uttarakhand/parivarika-dabava-se-pareshana-hokara-delhi-pahunchi-haridwar-ki-tina-yuvatiyan-pulisa-ne-paharganj-ke-hotala-se-kiya-baramada-30211 TrendKia — Har trend, sabse pehle.