# राज्यसभा उपचुनाव के लिए भाजपा ने उतारे प्रत्याशी, पश्चिम बंगाल से कोयल मल्लिक और उत्तराखंड से दिनेश आर्य को टिकट

> भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस छोड़कर आईं कोयल मल्लिक और उत्तराखंड से दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाया गया है।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-10-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/rajyasabha-upachunava-ke-lie-bjp-ne-utare-pratyashi-west-bengal-se-koel-mallick-aura-uttarakhand-se-dinesh-arya-ko-tikata-42704 · **Language:** Hindi
**Tags:** राज्यसभा चुनाव, भाजपा, कोयल मल्लिक, दिनेश आर्य, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड

भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस छोड़कर आईं अभिनेत्री कोयल मल्लिक पर दांव लगाया है, जबकि उत्तराखंड की सीट से दिनेश आर्य को उच्च सदन भेजने का फैसला किया है। दोनों सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा के साथ ही संबंधित राज्यों में चुनावी हलचल तेज हो गई है।

## पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में नए चेहरों पर भरोसा
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने इन दोनों राज्यों के राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है। पश्चिम बंगाल में पार्टी ने कोयल मल्लिक को मैदान में उतारकर एक बड़ा सियासी संदेश देने की कोशिश की है। कोयल मल्लिक हाल ही में तृणमूल कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं। वहीं उत्तराखंड से संगठन से जुड़े दिनेश आर्य को टिकट देकर पार्टी ने स्थानीय स्तर पर कैडर को साधने की रणनीति अपनाई है।

## उपचुनाव का कार्यक्रम और सियासी समीकरण
पश्चिम बंगाल की राज्यसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए मतदान 16 अक्टूबर को निर्धारित किया गया है। इससे पहले राज्य में उम्मीदवारी को लेकर कई नामों पर विचार चल रहा था, जिनमें कुलदीप माइती का नाम भी चर्चा में था। हालांकि पार्टी आलाकमान ने तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए कोयल मल्लिक के नाम पर अंतिम मुहर लगाई। दोनों राज्यों में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदान कराया जाएगा।

## इसका आप पर असर
इस घोषणा से दोनों राज्यों की विधानसभाओं और राष्ट्रीय संसद में राजनीतिक प्रतिनिधित्व के समीकरण तय होंगे।

- **भारत में:** संसद के उच्च सदन में पार्टी की संख्या बल की रणनीति मजबूत होगी। इससे आने वाले सत्रों में विधायी कामकाज पर असर पड़ेगा।
- **पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में:** दोनों राज्यों के विधायकों को अब उच्च सदन के प्रतिनिधियों के चयन के लिए मतदान प्रक्रिया में शामिल होना होगा। स्थानीय मतदाताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपने-अपने राज्यों से नए प्रतिनिधि मिलेंगे।
- **चुनावी प्रक्रिया:** चुनाव आयोग द्वारा तय समय सीमा के अनुसार 16 अक्टूबर को मतदान संपन्न कराया जाएगा। इसके बाद नतीजे आने पर दोनों नए सांसद विधिवत शपथ ग्रहण करेंगे।
- **राजनीतिक संदेश:** टीएमसी से आईं कोयल मल्लिक को टिकट देकर पार्टी ने अन्य दलों से आने वाले नेताओं को अवसर देने का संकेत दिया है। वहीं संगठन के कार्यकर्ताओं को दिनेश आर्य के चयन से प्रतिनिधित्व मिला है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घोषणा दोनों राज्यों में खाली पड़ी राज्यसभा सीटों को भरने की संवैधानिक अनिवार्यता और आगामी 16 अक्टूबर के चुनाव कार्यक्रम के तहत की गई है।

- **सीटों की रिक्तता:** दोनों राज्यों में उच्च सदन की सीटों पर उपचुनाव की आवश्यकता उत्पन्न हुई थी। चुनाव आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के तहत राजनीतिक दलों को अपने उम्मीदवार घोषित करने थे।
- **उम्मीदवारों की तलाश:** पश्चिम बंगाल में कुलदीप माइती सहित कई नामों पर विचार चल रहा था। पार्टी नेतृत्व ने अंततः लोकप्रिय चेहरे और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए कोयल मल्लिक को प्राथमिकता दी।
- **क्षेत्रीय संतुलन:** उत्तराखंड से दिनेश आर्य को टिकट देकर पार्टी ने राज्य स्तरीय संगठनात्मक समीकरणों को संतुलित किया। इस फैसले से पहाड़ी राज्य के पार्टी कार्यकर्ताओं को सीधा संदेश दिया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. भाजपा ने पश्चिम बंगाल से किसे राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है?
भाजपा ने पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस छोड़कर आईं अभिनेत्री कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाया है।

### 2. उत्तराखंड से भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी कौन हैं?
उत्तराखंड की सीट के लिए पार्टी ने दिनेश आर्य को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

### 3. बंगाल राज्यसभा उपचुनाव के लिए मतदान किस तारीख को होगा?
बंगाल में राज्यसभा उपचुनाव के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना तय है।

### 4. बंगाल सीट के लिए कोयल मल्लिक के अलावा और किस नाम की चर्चा थी?
पार्टी में निर्णय से पहले कुलदीप माइती के नाम पर भी विचार किए जाने की चर्चा थी।

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