# ऋषिकेश के परिधान बाजार में छाया राजस्थानी साड़ियों का जादू, लहरिया और जयपुरी प्रिंट की बढ़ी मांग

> उत्तराखंड के ऋषिकेश में इन दिनों महिलाएं पारंपरिक बनारसी के मुकाबले राजस्थानी साड़ियों को ज्यादा तरजीह दे रही हैं। हल्के कपड़े, आकर्षक चटक रंगों और बजट के अनुकूल कीमतों के चलते लहरिया और जयपुरी प्रिंट का नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-10-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/rishikesh-ke-paridhana-bajara-men-chhaya-rajasthani-sariyon-ka-jadu-leheriya-aura-jaipuri-printa-ki-barhi-manga-47479 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऋषिकेश समाचार, राजस्थानी साड़ी, लहरिया साड़ी, जयपुरी प्रिंट, त्रिवेणी घाट, महिला परिधान, उत्तराखंड बाजार

उत्तराखंड के तीर्थ और पर्यटन नगरी ऋषिकेश के कपड़ा बाजारों में इन दिनों पारंपरिक परिधानों को लेकर खरीदारों की पसंद में एक बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। त्योहारों और विवाह आयोजनों के सीजन में स्थानीय बाजारों की अधिकांश दुकानों पर राजस्थानी साड़ियों की मांग तेजी से बढ़ी है। अपने खास पारंपरिक प्रिंट, चटकीले रंगों और हल्के वजन के फैब्रिक के कारण यह परिधान महिलाओं को सबसे ज्यादा आकर्षित कर रहा है। सामान्य दिनों से लेकर मांगलिक अवसरों तक के लिए बाजार में यह साड़ियां 600 रुपये से लेकर 6,000 रुपये तक के अलग-अलग बजट में आसानी से मिल रही हैं।

## लहरिया और जयपुरी प्रिंट महिलाओं की पहली पसंद
त्रिवेणी घाट के पास स्थित गढ़वाल गैलरी के संचालक अनिल के अनुसार, वर्तमान में खरीदारी के लिए आने वाली अधिकांश ग्राहक महिलाएं लहरिया और जयपुरी प्रिंट की साड़ियां सबसे ज्यादा पसंद कर रही हैं। इन साड़ियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह वजन में काफी हल्की होती हैं, जिससे इन्हें लंबे समय तक आसानी से पहना जा सकता है। इसके साथ ही इनका दृश्य सौंदर्य और पारंपरिक अंदाज महिलाओं को खूब भाता है। बाजार में 600 रुपये की शुरुआती कीमत से लेकर 6,000 रुपये की रेंज तक कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें सादा फैब्रिक, डिजाइनर बॉर्डर और आधुनिक फैंसी वर्क वाली वैरायटी शामिल हैं।

## चटक रंगों और पारंपरिक बंधेज का आकर्षण
बाजार के अन्य कपड़ा विक्रेता सुनील के मुताबिक, लहरिया और जयपुरी प्रिंट की तेज बिक्री के पीछे उनके खास रंग संयोजन और विशिष्ट पैटर्न मुख्य कारण हैं। इन साड़ियों में लाल, पीले, हरे, गुलाबी और नारंगी जैसे चटकीले रंगों का भरपूर उपयोग किया जाता है, जो किसी भी उत्सव या शादी समारोह के माहौल में काफी खिलकर सामने आते हैं। इन साड़ियों में लहरिया के अलावा पारंपरिक बंधेज और बारीक छपाई के काम देखने को मिलते हैं, जो इन्हें अन्य सामान्य साड़ियों से बिल्कुल अलग पहचान देते हैं। सुनील की दुकान पर यह साड़ियां 700 रुपये की शुरुआती कीमत से उपलब्ध हैं, जहां खरीदारों को प्रिंट और रंगों के कई विकल्प मिल रहे हैं।

## किफायती बजट और स्थानीय खरीदारों का अनुभव
ऋषिकेश की स्थानीय निवासी सोनिया ने हाल ही में बाजार से अपने लिए साड़ी की खरीदारी की। उनका कहना है कि जयपुरी और लहरिया साड़ियों के अनूठे प्रिंट और चटक रंग उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं, क्योंकि इनकी बनावट और छपाई आम साड़ियों से बिल्कुल अलग दिखती है। सोनिया ने गढ़वाल गैलरी से खरीदारी करते हुए बताया कि वहां बजट के अनुकूल कीमतों में अच्छा संग्रह मौजूद है। उन्होंने बाजार में 500 रुपये से लेकर 1,000 रुपये तक की किफायती रेंज में लहरिया, जयपुरी और अन्य राजस्थानी साड़ियों के कई डिजाइन देखे, जिनमें से उन्होंने अपने लिए एक खूबसूरत लहरिया साड़ी चुनी।

## इसका आप पर असर
ऋषिकेश के कपड़ा बाजार में राजस्थानी साड़ियों की बढ़ती लोकप्रियता से स्थानीय खरीदारों को किफायती दाम में फैशनेबल और आरामदायक परिधान के नए विकल्प मिल रहे हैं।

- **भारत में:** पारंपरिक हथकरघा और क्षेत्रीय परिधानों की मांग बढ़ने से अंतरराज्यीय कपड़ा व्यापार को गति मिलती है। विभिन्न राज्यों की संस्कृति और कला का प्रसार देश भर के स्थानीय बाजारों तक सुलभ होता है।
- **ऋषिकेश में:** स्थानीय महिलाओं और पर्यटकों को त्रिवेणी घाट के आसपास 500 से 1,000 रुपये के बजट में विविधतापूर्ण विकल्प मिल रहे हैं। कम खर्च में शादी और त्योहारों के लिए हल्की और सुंदर साड़ियां आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।
- **दुकानदारों के लिए:** कम कीमत और अधिक मांग के कारण व्यापारियों की बिक्री और कारोबार में तेजी आई है। नए ट्रेंड को अपनाकर स्थानीय व्यापारी अपने स्टॉक को तेजी से बेच पा रहे हैं।
- **खरीदारों की सुविधा:** भारी और महंगी साड़ियों की जगह हल्की लहरिया साड़ियां पहनने और रखरखाव में बेहद सुविधाजनक साबित हो रही हैं। इससे रोजाना और मांगलिक दोनों अवसरों के लिए महिलाओं का खर्च बच रहा है।

## ऐसा क्यों हुआ
ऋषिकेश के परिधान बाजार में राजस्थानी साड़ियों की मांग बढ़ने के पीछे महिलाओं की आराम और आकर्षक फैशन की प्राथमिकताओं का संयोजन मुख्य कारक है। पारंपरिक भारी साड़ियों की तुलना में हल्के और किफायती विकल्पों की तलाश ने इस बदलाव को जन्म दिया है।

- **हल्का और आरामदायक फैब्रिक:** लहरिया और जयपुरी प्रिंट की साड़ियां वजन में बेहद हल्की होती हैं, जिससे इन्हें लंबे समय तक पहनना आसान रहता है। मौसम और दैनिक सुविधा के लिहाज से महिलाएं भारी कपड़ों के बजाय इन्हें पहली प्राथमिकता दे रही हैं।
- **चटकीले और आकर्षक रंग:** लाल, पीले, गुलाबी, हरे और नारंगी जैसे चटक रंगों का इस्तेमाल इन साड़ियों को त्योहारों और शादी-ब्याह के अनुकूल बनाता है। यह रंग संयोजन हर आयु वर्ग की महिलाओं को सहज रूप से आकर्षित करता है।
- **किफायती बजट रेंज:** 500 से 1,000 रुपये की शुरुआती सीमा और अधिकतम 6,000 रुपये तक की उपलब्धता हर वर्ग के खरीदार को आकर्षित कर रही है। कम कीमत में बेहतरीन प्रिंट और फैंसी बॉर्डर मिलने से इनकी बिक्री में उछाल आया है।

## सवाल-जवाब

### 1. ऋषिकेश के बाजार में किन साड़ियों की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है?
ऋषिकेश के कपड़ा बाजारों में इन दिनों राजस्थानी साड़ियों, विशेषकर लहरिया और जयपुरी प्रिंट की मांग सबसे अधिक है।

### 2. ऋषिकेश में इन साड़ियों की कीमत कितनी है?
बाजार में यह साड़ियां 600 रुपये से लेकर 6,000 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध हैं, जबकि कुछ दुकानों पर 500 और 700 रुपये से भी शुरुआत है।

### 3. महिलाएं लहरिया और जयपुरी प्रिंट को क्यों पसंद कर रही हैं?
यह साड़ियां वजन में काफी हल्की, पहनने में आरामदायक और लाल, पीले, हरे जैसे चटक रंगों व सुंदर पारंपरिक डिजाइनों में आती हैं।

### 4. ऋषिकेश में यह साड़ियां मुख्य रूप से कहां मिल रही हैं?
यह साड़ियां ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट स्थित गढ़वाल गैलरी सहित बाजार की अधिकांश कपड़ा दुकानों में आसानी से मिल रही हैं।

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