# रुद्रप्रयाग बाईपास परियोजना से चारधाम यात्रा होगी सुगम, अलकनंदा पर बना पुल और नई सुरंग

> उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में चारधाम सड़क परियोजना के तहत 156 करोड़ रुपये की लागत से बने 200 मीटर लंबे पुल और 900.30 मीटर लंबी सुरंग पर आवागमन शुरू हो गया है। इससे केदारनाथ और बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सीधे जुड़ेंगे और शहर के जाम से राहत मिलेगी।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-10-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/rudraprayag-bypass-project-opens-for-trial-connecting-badrinath-and-kedarnath-highways-51998 · **Language:** Hindi
**Tags:** रुद्रप्रयाग बाईपास, चारधाम यात्रा, पुष्कर सिंह धामी, उत्तराखंड न्यूज, बद्रीनाथ हाईवे, केदारनाथ हाईवे, अलकनंदा पुल

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। रुद्रप्रयाग बाईपास प्रोजेक्ट के अंतर्गत 156 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक पुल और सुरंग का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में अलकनंदा नदी के ऊपर बनाया गया 200 मीटर लंबा पुल और 900.30 मीटर लंबी सुरंग शामिल है। संपर्क मार्ग को मिलाकर इस पूरी परियोजना की कुल लंबाई लगभग 1.18 किलोमीटर है। इस नए मार्ग के शुरू होने से केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सीधे बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ जाएगा, जिससे धार्मिक यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

## सोमवार से शुरू हुआ ट्रायल और मुख्यमंत्री का निरीक्षण
पुल और सुरंग वाले इस नए बाईपास मार्ग पर सोमवार से ट्रायल के तौर पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। इसी दिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण जाने के दौरान इस परियोजना का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस पूरे प्रोजेक्ट का बहुत जल्द विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मार्ग बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा। यात्रा के मुख्य सीजन के दौरान रुद्रप्रयाग से हर दिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, और मुख्य बाजार से गुजरने वाला बदरीनाथ हाईवे काफी संकरा होने के कारण अक्सर भारी ट्रैफिक जाम का कारण बनता था।

## जाम से मिलेगी मुक्ति और बचेगा कीमती समय
तीर्थयात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग बाजार में लगने वाले लंबे और थका देने वाले जाम से अब यात्रियों को पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी। ऊखीमठ विकास खंड, जखोली विकास खंड और अगस्त्यमुनि विकास खंड की ओर से आने वाले लोग अब रुद्रप्रयाग शहर के भीतर ट्रैफिक में नहीं फंसेंगे। वाहन चालक शहर से करीब दो किलोमीटर पहले ही सुरंग के रास्ते कलक्ट्रेट की तरफ मुड़ जाएंगे। इस बाईपास के उपयोग से यात्रियों का लगभग एक घंटे का समय बचेगा। पुल और सुरंग के इस निर्माण से दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा, जिससे वाहनों की आवाजाही अनुशासित होगी और शहर की सड़कों पर अनावश्यक दबाव घटेगा।

## वर्ष 2008-09 से शुरू हुई थी योजना की सुगबुगाहट
इस मेगा प्रोजेक्ट का इतिहास लगभग दो दशक पुराना है। बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन ने जिला मुख्यालय में इस सुरंग के निर्माण के लिए सबसे पहले साल 2008-09 में एक प्रस्ताव तैयार करके भारत सरकार को भेजा था। इसके बाद साल 2016 में भारत सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को अपनी औपचारिक मंजूरी दी थी। इसके बाद सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों की देखरेख में तीन चरणों में विस्तृत सर्वेक्षण किया गया। सर्वे रिपोर्ट का मूल्यांकन करने के बाद भारत सरकार ने साल 2019 में सुरंग निर्माण को अंतिम स्वीकृति प्रदान की और इसे महत्वाकांक्षी ऑलवेदर रोड परियोजना के दूसरे चरण में शामिल किया।

## बजट में संशोधन और निर्माण की समयसीमा
शुरुआती चरण में अलकनंदा नदी पर पुल और सुरंग बनाने के लिए 200 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी। हालांकि, बाद में अंतिम विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के आधार पर निर्माण लागत को संशोधित करके 156 करोड़ रुपये कर दिया गया। इस परियोजना का धरातल पर निर्माण कार्य दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था, जिसे अब पूरा कर लिया गया है। इस बाईपास के पूरी तरह चालू हो जाने से चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को संकरे बाजारों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और वे बिना किसी रुकावट के अपने गंतव्य की ओर बढ़ सकेंगे।

## इसका आप पर असर
रुद्रप्रयाग बाईपास के शुरू होने से चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी जाम से सीधी राहत मिलेगी।

- **उत्तराखंड में:** चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ और केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजार के संकरे रास्तों पर घंटों नहीं फंसना पड़ेगा। इससे यात्रियों के सफर के समय में लगभग एक घंटे की भारी बचत होगी।
- **रुद्रप्रयाग में:** स्थानीय निवासियों और ऊखीमठ, जखोली तथा अगस्त्यमुनि विकास खंड के लोगों को शहर के भीतर के ट्रैफिक दबाव से छुटकारा मिलेगा। वे शहर पहुंचने से दो किलोमीटर पहले ही सुरंग के जरिए कलक्ट्रेट की ओर सीधे निकल सकेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
यह परियोजना पिछले कई वर्षों से बढ़ती ट्रैफिक समस्याओं और संकरे रास्तों के समाधान के रूप में विकसित की गई है।

- **बढ़ता यातायात दबाव:** यात्रा सीजन के दौरान रुद्रप्रयाग बाजार से प्रतिदिन हजारों वाहनों के गुजरने के कारण गंभीर जाम की समस्या उत्पन्न होती थी।
- **सरकारी योजना:** सीमा सड़क संगठन द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को वर्ष 2016 में सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने मंजूरी दी थी और इसे ऑलवेदर रोड प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में जोड़ा गया था।
- **परियोजना की लागत:** शुरुआती सैद्धांतिक मंजूरी 200 करोड़ रुपये की थी, जिसे अंतिम विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के आधार पर संशोधित करके 156 करोड़ रुपये किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. रुद्रप्रयाग बाईपास प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
इस परियोजना की निर्माण लागत 156 करोड़ रुपये है।

### 2. इस बाईपास परियोजना में कौन-कौन से मुख्य निर्माण शामिल हैं?
इसमें अलकनंदा नदी पर बना 200 मीटर लंबा पुल और 900.30 मीटर लंबी सुरंग शामिल है।

### 3. यह परियोजना किन दो राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ती है?
यह परियोजना केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधे जोड़ती है।

### 4. इस मार्ग पर ट्रायल के आधार पर वाहनों की आवाजाही कब शुरू हुई?
इस मार्ग पर सोमवार से ट्रायल के आधार पर आवागमन शुरू किया गया है।

### 5. इस बाईपास के निर्माण से कितना समय बचेगा?
शहर के मुख्य बाजार के जाम से बचने के कारण यात्रियों का लगभग एक घंटा बचेगा।

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