सीबीआई मुख्यालय में परिजनों की बैठक के अगले ही दिन हरिद्वार में सुरेश राठौर से सवाल-जवाब अंकिता भंडारी हत्याकांड में केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई तेज करते हुए पूर्व विधायक सुरेश राठौर से पूछताछ की है। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की छानबीन कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी गतिविधियों में अचानक तेजी ला दी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित केंद्रीय एजेंसी के मुख्य कार्यालय में अंकिता के परिजनों के साथ उच्चाधिकारियों के विमर्श के चौबीस घंटे बीतते ही जांच का रुख मैदानी इलाकों की तरफ मुड़ गया। इसी सिलसिले में शनिवार को हरिद्वार में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को तलब कर उनसे घंटों तक गहन पूछताछ की गई। इस कदम से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि एजेंसी हत्याकांड के हर अनसुलझे पहलू की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। हरिद्वार में लंबी पूछताछ और पूर्व विधायक का पक्ष हरिद्वार में केंद्रीय अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होने के पश्चात बाहर निकले पूर्व विधायक ने सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि जांच दल ने उनसे जो भी ब्योरा मांगा, उसे उन्होंने बिना किसी झिझक के उपलब्ध कराया है। अपनी संक्षिप्त टिप्पणी में उन्होंने जोर देकर कहा, “मैंने जांच में पूरा सहयोग किया है, न उससे ज्यादा और न उससे कम।” हालांकि जब उनसे यह जानने का प्रयास किया गया कि कमरे के भीतर उनसे किन विशिष्ट बिंदुओं पर जवाब तलब किए गए थे, तो उन्होंने उन सवालों का विवरण साझा करने से साफ परहेज किया। उर्मिला सनावर के नाम पर नया मोड़ पूछताछ की प्रक्रिया के दौरान जांच दल ने जब उर्मिला सनावर से जुड़े संबंधों को लेकर सवाल उठाए, तो स्थिति पूरी तरह बदल गई। पूर्व विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इस नाम के किसी भी व्यक्ति से बिल्कुल परिचित नहीं हैं और न ही उनके पास इससे संबंधित कोई जानकारी है। इस दो टूक इनकार के बाद मामले में यह संशय गहरा गया है कि क्या इस जघन्य वारदात की कड़ियां कुछ ऐसे अनदेखे संपर्कों से भी जुड़ी हैं जिनका खुलासा होना अभी बाकी है। दिल्ली में परिजनों को दिया गया था आश्वासन इस क्षेत्रीय पूछताछ से ठीक एक दिन पहले, यानी 16 अक्टूबर को मृतका के माता-पिता को दिल्ली स्थित केंद्रीय मुख्यालय में आमंत्रित किया गया था। वहां एजेंसी के शीर्ष नेतृत्व ने शोकाकुल परिवार को आश्वस्त किया था कि जांच की प्रक्रिया पूरी निष्पक्षता और तेज गति से आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों ने परिजनों को यह भरोसा भी दिलाया कि जांच का दायरा विस्तृत किया जा रहा है और शीघ्र ही कुछ बड़े कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। अब सभी की निगाहें एजेंसी की अंतिम आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हैं। इसका आप पर असर इस घटनाक्रम का सीधा असर उत्तराखंड में न्याय व्यवस्था पर जनता के विश्वास और चर्चित आपराधिक मामलों की जांच प्रक्रिया पर पड़ता है। • उत्तराखंड में: राज्य के निवासियों के लिए यह कार्रवाई संकेत देती है कि बहुचर्चित मामलों में राजनीतिक प्रभाव के बावजूद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। इससे आम नागरिकों में न्यायिक व्यवस्था के प्रति भरोसा मजबूत होता है। • भारत में: देशभर के नागरिकों के लिए यह प्रकरण महिलाओं की सुरक्षा और गंभीर आपराधिक मामलों में केंद्रीय जांच की निष्पक्षता का पैमाना पेश करता है। संवेदनशील मुकदमों में सार्वजनिक और संस्थागत दबाव जवाबदेही तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। • पीड़ित परिवारों के लिए: जब शीर्ष अधिकारी सीधे परिजनों से मिलकर प्रगति साझा करते हैं, तो यह कानूनी प्रक्रिया में पीड़ितों की आवाज को अहमियत देने की मिसाल बनता है। इससे अन्य पीड़ित परिवारों को भी कानूनी संघर्ष जारी रखने का संबल मिलता है। • राजनीतिक जवाबदेही पर: जन प्रतिनिधियों से पूछताछ की प्रक्रिया यह स्पष्ट करती है कि कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं। यह राजनीतिक दलों के लिए भी एक संदेश है कि आपराधिक जांच में पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है। ऐसा क्यों हुआ केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह कदम पीड़िता के परिजनों के साथ हुई उच्चस्तरीय बातचीत और जांच के दौरान सामने आए नए पहलुओं की पुष्टि के लिए उठाया है। • परिजनों की दिल्ली बैठक: 16 अक्टूबर को मृतका के माता-पिता ने दिल्ली मुख्यालय में अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया था। इसके तुरंत बाद एजेंसी ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए मैदानी स्तर पर पूछताछ शुरू की। • संदिग्ध संपर्कों की पड़ताल: जांच के दायरे में उर्मिला सनावर जैसे नाम आने के बाद अधिकारियों को पूर्व विधायक से स्पष्टीकरण लेना आवश्यक लगा। इस बिंदु पर तथ्यों की पुष्टि करने के लिए आमने-सामने पूछताछ की गई। • तथ्यों का सत्यापन: एजेंसी उन सभी प्रासंगिक जानकारियों का मिलान करना चाहती है जो इस हत्याकांड के विभिन्न पहलुओं से जुड़ी हो सकती हैं। पूछताछ का उद्देश्य किसी भी संभावित कड़ी या छिपे पहलू को प्रकाश में लाना है। सवाल-जवाब 1. सीबीआई ने किस भाजपा नेता से पूछताछ की है? सीबीआई ने हरिद्वार में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर से पूछताछ की है। 2. पूर्व विधायक से पूछताछ कब और कहां हुई? यह पूछताछ शनिवार को हरिद्वार में केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों द्वारा की गई। 3. सुरेश राठौर ने पूछताछ के बाद मीडिया से क्या कहा? उन्होंने कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और जो भी प्रासंगिक जानकारी थी वह साझा कर दी है। 4. उर्मिला सनावर को लेकर सुरेश राठौर ने क्या बयान दिया? सुरेश राठौर ने कहा कि वह उर्मिला सनावर को बिल्कुल नहीं जानते और उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। 5. अंकिता के माता-पिता की दिल्ली में बैठक कब हुई थी? अंकिता के माता-पिता की 16 अक्टूबर को दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। 6. सीबीआई अधिकारियों ने परिजनों को क्या भरोसा दिलाया था? अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष और त्वरित जांच के साथ-साथ जांच का दायरा बढ़ाने का भरोसा दिलाया था। https://trendkia.com/uttarakhand/sibiai-mukhyalaya-men-parijanon-ki-baithaka-ke-agale-hi-dina-haridwar-men-suresh-rathore-se-savala-javaba-48796 TrendKia — Har trend, sabse pehle.