तीर्थनगरी ऋषिकेश में मिलने लगा हिमाचल का पारंपरिक सिड्डू, श्रीराम सिड्डू कैफे में देसी घी संग परोसा जा रहा पहाड़ी स्वाद ऋषिकेश के वीरपुर खुर्द रोड स्थित श्रीराम सिड्डू कैफे में अब लोग हिमाचल की पारंपरिक डिश सिड्डू का लुत्फ उठा सकते हैं, जहां नमकीन और मीठे दोनों विकल्प उपलब्ध हैं। उत्तराखंड की पावन तीर्थनगरी ऋषिकेश पहुंचने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए पहाड़ी खानपान का एक नया ठिकाना तैयार हो चुका है। हिमाचल प्रदेश का पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन सिड्डू अब ऋषिकेश की गलियों में भी अपनी सुगंध बिखेर रहा है। जो लोग पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का शौक रखते हैं, उन्हें अब इस प्रामाणिक स्वाद का आनंद लेने के लिए हिमाचल प्रदेश की यात्रा करने की बाध्यता नहीं रह गई है। पारंपरिक विधि और खास भरावन से तैयार होता है व्यंजन स्वाद और सेहत के लिहाज से खास माने जाने वाले इस व्यंजन को बनाने की प्रक्रिया भी बेहद अनूठी है। ऋषिकेश स्थित श्रीराम सिड्डू कैफे की संचालक उपासना ने बताया कि उन्होंने ही नगर में सबसे पहले हिमाचल के इस प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजन को तैयार करना शुरू किया था। सिड्डू को बनाने के लिए आटे की एक मोटी परत तैयार की जाती है। इस परत के भीतर सूखे मेवे और पारंपरिक हिमाचली मसालों की खास फिलिंग भरी जाती है, जिससे इसका स्वाद पारंपरिक स्वरूप में निखर कर आता है। नमकीन और मीठे दोनों विकल्पों में उपलब्ध कैफे में ग्राहकों के लिए दो अलग-अलग प्रकार के सिड्डू उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नमकीन स्वाद पसंद करने वालों के लिए साल्टी सिड्डू का विकल्प है, जिसकी कीमत 110 रुपये रखी गई है। इस नमकीन सिड्डू की भरावन में मूंगफली, अखरोट, अन्य सूखे मेवे और हिमाचली मसाले शामिल किए जाते हैं। दूसरी ओर, मीठे के शौकीनों के लिए स्वीट सिड्डू तैयार किया जाता है, जिसका दाम 120 रुपये है। इस मीठे संस्करण के अंदर गुड़ के साथ पौष्टिक मेवों की मीठी भरावन तैयार कर भरी जाती है। देसी घी और दो विशेष चटनियों के साथ परोसने का अंदाज सिड्डू को परोसने का तरीका भी काफी विशिष्ट रखा गया है। जब सिड्डू पूरी तरह पक कर तैयार हो जाता है, तब इसे बारह टुकड़ों में काटा जाता है। इसके बाद इन सभी टुकड़ों को शुद्ध देसी घी में अच्छी तरह डुबोकर खाने के लिए दिया जाता है। नमकीन सिड्डू के साथ दो विशेष चटनियां पेश की जाती हैं, जिनमें पहली मूंगफली की चटनी है और दूसरी टमाटर-मिर्च की तीखी चटनी शामिल है। इन दोनों चटनियों के संयोजन से सिड्डू का जायका और अधिक बढ़ जाता है। कैफे का स्थान और संचालन का समय हिमाचल के इस प्रसिद्ध पारंपरिक स्वाद को चखने के इच्छुक लोग श्रीराम सिड्डू कैफे का रुख कर सकते हैं। यह खानपान केंद्र वीरपुर खुर्द रोड पर सीमा डेंटल कॉलेज के नजदीक स्थित है। भोजन प्रेमियों के लिए यह कैफे सुबह 9:30 बजे से लेकर रात 12 बजे तक खुला रहता है, जहां किसी भी समय ताजा सिड्डू का आनंद लिया जा सकता है। खानपान के शौकीनों को भा रही घर जैसी ताजगी यहां आने वाले ग्राहकों में इस डिश को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। नियमित ग्राहक अंकुर ने बताया कि उन्हें यहां मिलने वाला सिड्डू बेहद स्वादिष्ट लगता है और इसका स्वाद पूरी तरह घरेलू भोजन जैसा अहसास कराता है। उन्होंने साझा किया कि ऋषिकेश में उन्होंने पहली बार इसी कैफे में सिड्डू खाया है। मेन्यू में शामिल दोनों स्वादों में से उन्हें नमकीन सिड्डू सबसे अधिक लुभाता है। सिड्डू के अंदर भरी जाने वाली खास भरावन की वजह से वे बार-बार इस कैफे में खींचे चले आते हैं। इसका आप पर असर ऋषिकेश में पारंपरिक हिमाचली व्यंजन सिड्डू मिलने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बिना हिमाचल जाए प्रामाणिक पहाड़ी स्वाद का विकल्प मिल गया है। • ऋषिकेश में: नगर में आने वाले तीर्थयात्री और स्थानीय नागरिक अब वीरपुर खुर्द रोड पर सुबह 9:30 बजे से रात 12 बजे तक ताजे सिड्डू का स्वाद ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें 110 रुपये से 120 रुपये खर्च करने होंगे। • उत्तराखंड में: राज्य में खानपान पर्यटन को नया विस्तार मिला है जहां पड़ोसी पहाड़ी राज्य की पारंपरिक रेसिपी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही है। इससे पहाड़ी खानपान की विविधता को बढ़ावा मिलेगा। • भोजन प्रेमियों के लिए: पौष्टिक नाश्ते और पारंपरिक भोजन की तलाश करने वालों को मेवों और देसी घी से युक्त ताजा विकल्प मिल गया है। वे नमकीन या मीठे स्वाद में से अपनी पसंद का चुनाव कर सकते हैं। • स्थानीय व्यापार में: नए फूड कॉन्सेप्ट शुरू करने वाले उद्यमियों के लिए पारंपरिक क्षेत्रीय व्यंजनों की मांग का दायरा बढ़ा है। स्थानीय स्तर पर अनोखे खानपान के प्रति ग्राहकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। ऐसा क्यों हुआ ऋषिकेश में हिमाचल के पारंपरिक व्यंजन सिड्डू की शुरुआत स्थानीय स्तर पर प्रामाणिक पहाड़ी स्वाद की कमी को पूरा करने के लिए की गई है। • पहला कारण: श्रीराम सिड्डू कैफे की संचालक उपासना ने ऋषिकेश में पहली बार पारंपरिक हिमाचली सिड्डू बनाकर पेश करने की पहल की ताकि लोगों को बाहर न जाना पड़े। इससे पहले नगर में यह पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध नहीं था। • स्वाद और पोषण की मांग: सिड्डू सूखे मेवों, मसालों और देसी घी से तैयार होने वाला एक अत्यंत पौष्टिक भोजन है। सेहतमंद और पारंपरिक खानपान को पसंद करने वाले पर्यटकों के बीच ऐसे विकल्पों की मांग लगातार बनी रहती है। • विशेष प्रस्तुति: आटे की मोटी परत में ड्राई फ्रूट्स भरकर बारह टुकड़ों में काटना और देसी घी व दो चटनियों के साथ परोसना ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है। घर जैसा स्वाद मिलने से नियमित ग्राहक इसे बार-बार पसंद कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. ऋषिकेश में सिड्डू किस कैफे में मिल रहा है? यह व्यंजन वीरपुर खुर्द रोड पर सीमा डेंटल कॉलेज के पास स्थित श्रीराम सिड्डू कैफे में मिल रहा है। 2. श्रीराम सिड्डू कैफे में नमकीन सिड्डू की कीमत क्या है? नमकीन साल्टी सिड्डू की कीमत 110 रुपये प्रति प्लेट है। 3. स्वीट सिड्डू में किस चीज की भरावन होती है और इसका दाम कितना है? स्वीट सिड्डू में गुड़ और मेवों की भरावन होती है और इसकी कीमत 120 रुपये है। 4. सिड्डू को परोसते समय किन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है? इसे बारह टुकड़ों में काटकर शुद्ध देसी घी में डुबोया जाता है और साथ में मूंगफली व टमाटर-मिर्च की चटनी दी जाती है। 5. श्रीराम सिड्डू कैफे के खुलने का समय क्या है? यह कैफे प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से रात 12 बजे तक ग्राहकों के लिए खुला रहता है। https://trendkia.com/uttarakhand/tirthanagari-rishikesh-men-milane-laga-himachal-ka-parnparika-siddu-shriram-siddu-cafe-men-desi-ghi-snga-parosa-ja-raha-pahari-sva-56383 TrendKia — Har trend, sabse pehle.