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  "title": "उत्तराखंड राज्योत्सव में गृह मंत्री अमित शाह ने दी 1475 करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात",
  "summary": "केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देहरादून के परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कई विभूतियों और बाल वीरता पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित भी किया।",
  "content": "देहरादूनः केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड राज्योत्सव के मुख्य समारोह में शिरकत करते हुए राज्य के बुनियादी ढांचे और जनहित से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी और बनकर तैयार हो चुके कार्यों का उद्घाटन किया। देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान कुल ₹1475.31 करोड़ की 62 विकास योजनाओं की शुरुआत की गई, जो पहाड़ी राज्य की तरक्की को नई रफ्तार देंगी।\n\n \n\nसड़क से लेकर स्वास्थ्य तक फैली हैं परियोजनाएं\n इस पूरे पैकेज के तहत ₹1073.11 करोड़ की लागत वाली 44 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया गया, जबकि ₹402.20 करोड़ की लागत से पूरी हो चुकी 18 योजनाओं का लोकार्पण किया गया। इन सभी पहलों का दायरा बेहद व्यापक है, जिसमें सड़क नेटवर्क, बिजली आपूर्ति, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, पर्यटन को बढ़ावा देना तथा शहरी विकास से जुड़ी अन्य आधारभूत जरूरतें शामिल हैं।\n\n \n\nवर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना\n कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की दिशा में उत्तराखंड पहला अहम पड़ाव साबित होगा। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्योत्सव का यह दिन राज्य के गौरव, ऐतिहासिक सफलताओं और दृढ़ संकल्प को दोहराने का खास मौका है। उन्होंने याद किया कि दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस राज्य की नींव रखी थी और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में यह पर्वतीय राज्य प्रगति के नए सोपान तय कर रहा है।\n\n \n\nअर्थव्यवस्था में जोरदार उछाल और निवेश\n राज्य के आर्थिक आंकड़ों का जिक्र करते हुए अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2022 की तुलना में प्रदेश की जीएसडीपी में 50 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में 40 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान कुल ₹3.56 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर करार हुआ था, जिसमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स की ग्राउंडिंग का काम धरातल पर उतारा जा चुका है।\n\n \n\nकानून और सामाजिक कल्याण के कड़े कदम\n राज्य सरकार के नीतिगत फैसलों की सराहना करते हुए उन्होंने समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण कदमों का जिक्र किया। उन्होंने यह भी साझा किया कि प्रदेश में अब तक 35 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और राज्य भर में तीन लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी योजना से जोड़ा गया है।\n\n \n\nबड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की प्रगति\n केंद्रीय मंत्री ने बुनियादी ढांचे के विकास का हवाला देते हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, चारधाम ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के साथ-साथ केदारनाथ और हेमकुण्ड साहिब रोपवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से पर्वतीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर हुई है और विकास कार्यों को एक अभूतपूर्व गति मिली है।\n\n \n\nमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संबोधन\n इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री का स्वागत किया और कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्य सरकार उत्तराखंड को समृद्ध बनाने के लिए दिन-रात जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि पर्यटन, उद्योग, स्वरोजगार और कनेक्टिविटी के विस्तार से राज्य की आर्थिकी मजबूत हो रही है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखंड के पहला स्थान हासिल करने का जिक्र करते हुए उन्होंने उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित 'राष्ट्रपति पुलिस कलर' से सम्मानित किए जाने पर गृह मंत्री का आभार जताया।\n\n \n\nउत्तराखंड गौरव और बाल वीरता पुरस्कार वितरित\n समारोह के दौरान विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित करने का सिलसिला भी चला। गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने मिलकर 15 दिग्गज विभूतियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान पुरस्कार-2026 से नवाजा। इस कड़ी में प्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी और लोकप्रिय अभिनेता हेमंत पांडे को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा, असाधारण बहादुरी का परिचय देने वाले छह होनहार बच्चों को प्रथम मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार दिया गया, जिसके तहत प्रत्येक बच्चे को ₹51 हजार की नकद राशि प्रदान की गई।\n\n \n\nपारंपरिक सम्मान और गणमान्य हस्तियों की मौजूदगी\n कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री को उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी, शॉल, गंगाजली और समुद्र मंथन का प्रतीक चिह्न भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस आयोजन में पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कई सांसद, राज्य सरकार के मंत्री, विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।\n\nइसका आप पर असर\nयह विकास पैकेज और सरकारी नीतियां सीधे तौर पर आम नागरिकों के जीवन स्तर और राज्य की बुनियादी सुविधाओं को प्रभावित करेंगी।\n\n• भारत में: देश भर में बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होती है। ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स से राष्ट्रीय स्तर पर विकास की गति को मजबूती मिलती है।\n• उत्तराखंड में: राज्य के निवासियों के लिए सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी 62 नई परियोजनाओं के शुरू होने से दैनिक जीवन सुगम होगा। इसके अलावा, सरकारी नौकरियों और लखपति दीदी जैसी योजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे।\n\nऐसा क्यों हुआ\nइन विकास परियोजनाओं और कार्यक्रमों के आयोजन के पीछे उत्तराखंड राज्य की स्थापना की वर्षगांठ और राज्य के समग्र बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की सुनियोजित रणनीति है। केंद्र और राज्य सरकारों का मुख्य उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाना और आर्थिक विकास को गति देना है।\n\n• उत्तराखंड राज्योत्सव का अवसर: हर साल राज्य स्थापना दिवस के मौके पर सरकार महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करती है ताकि क्षेत्रीय विकास कार्यों को जनता को समर्पित किया जा सके।\n• आर्थिक सुधार और निवेश प्रोत्साहन: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद से राज्य में औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने और जीएसडीपी बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।\n• कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा: राज्य में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सख्त नकल विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता जैसे नीतिगत निर्णय लागू किए गए हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. इस समारोह का आयोजन कहां किया गया था?\nयह समारोह देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया था।\n\n2. कितनी विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया?\nइस अवसर पर कुल 62 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।\n\n3. इन योजनाओं की कुल लागत कितनी है?\nइन सभी 62 विकास परियोजनाओं की कुल लागत ₹1475.31 करोड़ है।\n\n4. उत्तराखंड गौरव सम्मान-2026 से कितने लोगों को सम्मानित किया गया?\nसमारोह के दौरान 15 विभूतियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया।\n\n5. बाल वीरता पुरस्कार के विजेताओं को कितनी राशि दी गई?\nअदम्य साहस दिखाने वाले प्रत्येक बच्चे को प्रथम मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार के तहत ₹51 हजार की राशि प्रदान की गई।",
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