उत्तराखंड के 10 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट, पानीवाला बैंड पर दीवार टूटने से मसूरी मार्ग पर भारी वाहन प्रतिबंधित उत्तराखंड में मानसून की तेज गतिविधि के कारण पर्वतीय और मैदानी इलाकों में भूस्खलन और जलभराव का संकट गहरा गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 22 से 27 अगस्त तक राज्य के 13 जनपदों में गर्जन और तीव्र बौछारों की चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में मानसून के प्रचंड रूप के चलते जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन और मैदानी भूभागों में जलभराव के कारण जन-सामान्य को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के दस प्रमुख जिलों जिनमें देहरादून, टिहरी, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और पौड़ी गढ़वाल शामिल हैं, में गर्जन और चमक के साथ अत्यंत मूसलाधार बारिश होने का गंभीर जोखिम बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, मौसम वैज्ञानिकों ने राज्य के सभी 13 जिलों के लिए विशेष सावधानी बरतने का परामर्श जारी किया है, क्योंकि अगले कुछ दिनों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने, गर्जन के साथ तेज हवाएं चलने और वर्षा के अत्यधिक तीव्र दौर दर्ज होने की संभावना व्यक्त की गई है। देहरादून-मसूरी मार्ग पर यातायात प्रतिबंध और सुरक्षा अलर्ट राजधानी देहरादून और उसके नजदीकी पर्वतीय स्थलों में लगातार हो रही वर्षा के कारण स्थिति संवेदनशील हो गई है। मौसम विभाग ने देहरादून जनपद के लिए पीला अलर्ट जारी करते हुए अनेक हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अंदेशा जताया है। लगातार हो रहे जलभराव और भू-कटाव के कारण देहरादून को मसूरी से जोड़ने वाले मुख्य राजमार्ग पर पानीवाला बैंड के समीप सुरक्षा दीवार का एक विशाल हिस्सा अचानक ढह गया। दीवार गिरने के उपरांत सड़क की चौड़ाई कम हो गई है और मार्ग दुर्घटना की दृष्टि से अत्यंत खतरनाक बन गया है। यात्रियों, पर्यटकों तथा स्थानीय निवासियों की जीवन रक्षा को प्राथमिकता देते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाया है। प्रशासन ने इस संवेदनशील मार्ग पर समस्त श्रेणी के भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगा दी है, ताकि किसी भी संभावित बड़े हादसे को रोका जा सके। चमोली में प्राथमिक विद्यालय पर प्राकृतिक आपदा का साया सीमांत जिले चमोली में बारिश का प्रकोप निरंतर बढ़ता जा रहा है। विकासखंड पोखरी के अंतर्गत स्थित नवीन प्राथमिक विद्यालय थाला बैंड़ के भवन पर अचानक बड़ा संकट मंडराने लगा है। विद्यालय के पीछे की पहाड़ी पर भीषण भू-धंसाव होने के कारण पूरा भवन जमींदोज होने की कगार पर पहुंच गया है। इसी बीच, वर्षा के दबाव में विद्यालय की छत पर एक विशालकाय वृक्ष टूटकर गिर गया। पेड़ गिरने के जोरदार झटके से स्कूल की छत को भारी नुकसान पहुंचा है और कक्षा-कक्षों की पक्की दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं। जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त विद्यालय परिसर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। दूसरी ओर, जिले के मैदानी और निचले क्षेत्रों में लगातार पानी जमा होने से आम जनजीवन ठप सा पड़ गया है। अलकनंदा नदी और उसकी सहायक नदियां उफान पर बह रही हैं, जिससे तटीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बागेश्वर में सड़कें बंद और पिंडर घाटी में आवश्यक वस्तुओं का संकट पर्वतीय जिला बागेश्वर मूसलाधार बारिश की वजह से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक बन गया है। पहाड़ियों के ऊपरी हिस्सों से लगातार दरक रहे मलबे और भारी-भरकम पत्थरों के सड़कों पर आने से जनपद के 9 मुख्य मोटर मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो चुके हैं। मार्ग बंद होने का सबसे विकराल प्रभाव कपकोट तहसील के अंतर्गत आने वाली पिंडर घाटी में देखने को मिल रहा है। इस घाटी के दर्जनों दूरदराज के गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय बागेश्वर से पूरी तरह टूट गया है। रास्ते बंद होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, ताजी सब्जियों और खाद्यान्न की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को दैनिक जीवन संचालन में अत्यंत विकट परिस्थितियों से जूझना पड़ रहा है। तीर्थयात्रा मार्गों पर पत्थरों की बौछार और फिसलन भरा सफर गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल जनपदों में भी भारी वर्षा का व्यापक असर दिखाई दे रहा है। मौसम केंद्र ने 22 अगस्त को रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों के विभिन्न हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। प्रसिद्ध केदारनाथ धाम जाने वाले मार्ग तथा यमुनोत्री एवं गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित संवेदनशील पहाड़ियों से अचानक बोल्डर गिरने की आशंका बनी हुई है। वहीं, टिहरी गढ़वाल के ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली सड़कों पर अत्यधिक नमी और मिट्टी के कारण कीचड़ फैल गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही अत्यंत जोखिम भरी हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम जनता को सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। मैदानी जिलों में जलभराव और गंगा का बढ़ता जलस्तर कुमाऊं और गढ़वाल के तराई एवं मैदानी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है। नैनीताल और उधमसिंह नगर जनपदों में लगातार हो रही बरसात के चलते शहरी बस्तियों, निचले आवासीय इलाकों और कृषि योग्य भूमि में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। तीर्थ नगरी ऋषिकेश और हरिद्वार में देर शाम से ही रुक-रुक कर हल्की से मध्यम वर्षा का क्रम जारी है। लगातार बारिश के परिणामस्वरूप पवित्र गंगा नदी के जलस्तर में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 24 अगस्त से 26 अगस्त के दौरान मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और गर्जन के साथ बिजली कड़कने तथा तीव्र बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है। पहाड़ों में बढ़ी ठिठुरन और मौसम विभाग का बचाव परामर्श मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य स्तर के आसपास बना रहा, लेकिन पर्वतीय जिलों में लगातार हो रही बारिश और बादलों के जमाव के कारण तापमान में सामान्य से उल्लेखनीय गिरावट आई है। पर्वतीय क्षेत्रों में पारा नीचे गिरने से वातावरण में नमी और ठिठुरन काफी बढ़ गई है। मौसमी परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासनों ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया है। सभी लोगों को उफनती नदियों के तटों, पहाड़ी बरसाती नालों (गदेरों) और भूस्खलन के प्रति संवेदनशील ढलानों के समीप न जाने की सख्त ताकीद की गई है। अगले 5 दिनों का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान (22 से 27 अगस्त) मौसम विभाग ने 22 अगस्त से 27 अगस्त तक पूरे उत्तराखंड राज्य में बारिश का सिलसिला बने रहने की संभावना व्यक्त की है • 22 अगस्त: देहरादून, टिहरी, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली और पौड़ी गढ़वाल जिलों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। राज्य के सभी 13 जनपदों में आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र दौर का अलर्ट जारी किया गया है। • 23 अगस्त: देहरादून, टिहरी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जनपदों में भारी वर्षा की प्रबल संभावना जताई गई है। पर्वतीय इलाकों में बिजली कड़कने और गर्जन की आशंका बनी रहेगी। • 24 अगस्त: देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है, जबकि हरिद्वार और उधमसिंह नगर के मैदानी क्षेत्रों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने के आसार हैं। • 25 अगस्त: देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जनपदों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। • 26 और 27 अगस्त: उत्तराखंड के अधिकांश जनपदों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है, जिससे राज्य भर में वर्षा का दौर बना रहेगा। इसका आप पर असर इस मौसम अपडेट का पाठकों पर प्रभाव: • भारत में: चारधाम यात्रा (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) या उत्तराखंड की यात्रा का प्लान बना रहे देश भर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यात्रा टालने या मौसम अपडेट देखकर ही निकलने की सलाह दी जाती है। • उत्तराखंड में: स्थानीय निवासियों और परीक्षार्थियों को देहरादून-मसूरी मार्ग पर भारी वाहनों के बैन तथा बागेश्वर में 9 सड़कों के बंद होने के कारण यात्रा के वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना चाहिए और नदियों व गदेरों से दूर रहना चाहिए। सवाल-जवाब 1. उत्तराखंड में किन 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है? मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और पौड़ी गढ़वाल जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। 2. देहरादून-मसूरी मार्ग पर भारी वाहनों पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया है? दून-मसूरी राजमार्ग पर स्थित पानीवाला बैंड के पास सड़क की सुरक्षा दीवार का एक बड़ा हिस्सा ढह जाने के कारण जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगा दी है। 3. बागेश्वर में बारिश से आम जनजीवन किस प्रकार प्रभावित हुआ है? मलबे और पत्थरों के गिरने से बागेश्वर में 9 मुख्य मोटर सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं, जिससे कपकोट की पिंडर घाटी के दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है और दूध-सब्जी जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ठप है। 4. चमोली के पोखरी में प्राथमिक विद्यालय पर क्या खतरा पैदा हुआ है? पोखरी के नवीन प्राथमिक विद्यालय थाला बैंड़ के ठीक पीछे भू-धंसाव हुआ है और छत पर विशाल पेड़ गिरने से स्कूल भवन की दीवारों में दरारें आ गई हैं तथा भवन जमींदोज होने की आशंका है। 5. उत्तराखंड में 22 से 27 अगस्त के बीच मौसम कैसा रहने वाला है? मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 22 से 27 अगस्त तक पूरे राज्य में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहेगी, जबकि कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश, गर्जन और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। 6. मैदानी इलाकों जैसे हरिद्वार और ऋषिकेश में बारिश का क्या असर देखा जा रहा है? हरिद्वार और ऋषिकेश में देर शाम से वर्षा जारी रहने से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जबकि नैनीताल और उधमसिंह नगर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। https://trendkia.com/uttarakhand/uttarakhand-ke-10-jilon-men-bhari-varsha-ka-alarta-panivala-bainda-para-divara-tutane-se-mussoorie-marga-para-bhari-vahana-pratibn-19791 TrendKia — Har trend, sabse pehle.