उत्तराखंड के हल्द्वानी में राहुल गांधी पर एफआईआर, एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी में एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई एक दलित युवक की शिकायत पर शुद्धिकरण यज्ञ संबंधी बयानों को लेकर की गई है। उत्तराखंड की राजनीति में उस वक्त उबाल आ गया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा गया। हल्द्वानी कोतवाली में एक दलित युवक की शिकायत के आधार पर उनके ऊपर एफआईआर दर्ज की गई है। इस कानूनी कार्रवाई के सामने आते ही सूबे का सियासी पारा चढ़ गया है और दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेजी से शुरू हो गया है। पूरा मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक जनसभा के बाद हुए घटनाक्रम और उस पर आई प्रतिक्रियाओं से जुड़ा हुआ है। शिकायत और कानूनी धाराएं हल्द्वानी कोतवाली में दर्ज मुकदमे के अनुसार, अनुसूचित जाति वर्ग से ताल्लुक रखने वाले अमित कुमार नाम के युवक ने लिखित शिकायत दी थी। इस शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएसएस की धारा 196 और 299 के अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 यानी एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। शिकायतकर्ता का मुख्य आरोप है कि राहुल गांधी की ओर से दिए गए बयानों के कारण अनुसूचित वर्ग के लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है और इससे समाज में तनावपूर्ण स्थिति पैदा होने का खतरा बन गया है। क्या है पूरा शुद्धिकरण यज्ञ विवाद इस पूरे विवाद की जड़ें बीते 8 अगस्त को हल्द्वानी में हुई कांग्रेस पार्टी की एक रैली से जुड़ी हैं। जनसभा संपन्न होने के बाद रामलीला मैदान परिसर में कथित तौर पर भारी गंदगी फैलने और कुछ स्थानों पर मुस्लिम सांप्रदायिक नारे लगाए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इन्ही शिकायतों के विरोध में और स्थल की शुचिता को दोबारा स्थापित करने के लिए एक स्थानीय हिंदूवादी संगठन ने उसी दिन यानी 8 अगस्त को रामलीला मैदान के भीतर एक 'शुद्धिकरण यज्ञ' का आयोजन कर डाला था। इस धार्मिक अनुष्ठान और शुद्धिकरण यज्ञ के सार्वजनिक होने के बाद राहुल गांधी ने इस पर बहुत तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने इस अनुष्ठान को कथित तौर पर दलित विरोधी कृत्य करार दिया था, जिसके बाद संसद भवन के भीतर भी जमकर हंगामा देखने को मिला था। राहुल गांधी लगातार इस पूरे प्रकरण में आयोजकों और संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए थे। दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी ने भी इस पूरे घटनाक्रम को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दलित समुदाय से होने की पृष्ठभूमि से जोड़ दिया और भारतीय जनता पार्टी पर तीखे सियासी हमले शुरू कर दिए। कांग्रेस का लगातार यह आरोप रहा है कि यह यज्ञ और इसके बाद का विरोध पूरी तरह से एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत अंजाम दिया गया था ताकि दलित समाज को अपमानित किया जा सके। प्रशासन की कार्रवाई और राजनीतिक हलचल राहुल गांधी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही उत्तराखंड का राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है। स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों का इस मामले में कहना है कि मिली हुई शिकायत और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रावधानों के तहत विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस पूरी जांच प्रक्रिया के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई को तय किया जाएगा। इसका आप पर असर उत्तराखंड और देश की राजनीति में इस घटना के कारण विभिन्न दलों के बीच विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक गहमागहमी और अधिक तेज होने के पूरे आसार हैं। • भारत में: इस कानूनी कार्रवाई के बाद देश भर में दलित अधिकारों और राजनीतिक बयानों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर तीखी बहस फिर से छिड़ सकती है। विभिन्न राजनीतिक दल इस मुद्दे का उपयोग अपने अपने वैचारिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए करेंगे। • हल्द्वानी में: स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह के राजनीतिक टकराव या तनाव को समय रहते रोका जा सके। स्थानीय नागरिकों को जुलूस या प्रदर्शन के दौरान आवाजाही में अस्थायी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. राहुल गांधी के खिलाफ किस शहर में एफआईआर दर्ज की गई है? राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। 2. यह मामला किस अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है? यह मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और एससी/एसटी एक्ट 1989 की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। 3. शिकायतकर्ता कौन है? अनुसूचित जाति वर्ग से ताल्लुक रखने वाले अमित कुमार नाम के युवक ने यह शिकायत दर्ज कराई है। 4. यह पूरा विवाद किस घटना से शुरू हुआ था? यह विवाद 8 अगस्त को हल्द्वानी में कांग्रेस रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण यज्ञ और उस पर दिए गए बयानों से शुरू हुआ था। 5. पुलिस इस मामले में आगे क्या कर रही है? स्थानीय पुलिस प्राप्त शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर मामले की विधिवत विवेचना कर रही है। https://trendkia.com/uttarakhand/uttarakhand-ke-haldwani-men-rahul-gandhi-para-fir-sc-st-act-ke-tahata-mamala-darja-24770 TrendKia — Har trend, sabse pehle.