# उत्तराखंड के केदारताल हादसे में पांचवां शव बरामद, लापता बेटियों के पिता ने रेस्क्यू और टूर कंपनी पर उठाए गंभीर सवाल

> उत्तरकाशी के केदारताल ट्रैक पर हुए हादसे में पांचवां शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है, जबकि चार लोगों की तलाश जारी है। इस बीच, मृत दोनों बहनों के पिता ने टूर कंपनी और रेस्क्यू व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-11-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/uttarakhand-ke-kedartal-hadase-men-panchavan-shava-baramada-lapata-betiyon-ke-pita-ne-rescue-aura-tour-knpani-para-uthae-gnbhira-s-56946 · **Language:** Hindi
**Tags:** उत्तरकाशी, केदारताल, उत्तराखंड, एवलांच, ट्रेकिंग हादसा, रेस्क्यू ऑपरेशन

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रेकिंग दल की तलाश और बचाव का काम सातवें दिन भी लगातार जारी है। गुरुवार को चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान रेस्क्यू टीमों को एक और शव बरामद करने में सफलता मिली, जिसके बाद इस भीषण हादसे में अब तक मिल चुके शवों की कुल संख्या पांच तक पहुंच गई है। हालांकि, अभी भी तीन अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से सामने आई आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, चार नवंबर को हेलीकॉप्टर की मदद से तीन शवों को मातली हेलीपैड पर लाया गया था। इसके ठीक बाद एक और शव को दोपहर के समय केदारताल से एयरलिफ्ट कर मातली पहुंचाया गया। इन सभी शवों को आगे की कानूनी और चिकित्सीय प्रक्रियाओं के लिए जिला अस्पताल उत्तरकाशी भेज दिया गया है, जहां उनकी पहचान और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

## शवों की पहचान और लापता लोगों की स्थिति
इस हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की रहने वाली दो सगी बहनें भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान लखनऊ निवासी 28 वर्षीय वर्तिका वर्मा और 29 वर्षीय दीपिका वर्मा के रूप में हुई है। जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों ने दोनों के शवों की शिनाख्त की, जबकि अन्य बरामद शवों की पहचान करने की प्रक्रिया अभी भी जारी है। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे ट्रेकिंग अभियान पर कुल आठ लोग निकले थे, जिसमें सात ट्रेकर्स और एक स्थानीय गाइड शामिल थे। केदारताल ट्रैक पर अचानक हुए भारी हिमपात और खतरनाक एवलांच के चलते ये सभी लोग लापता हो गए थे। अब तक कुल चार ट्रेकर्स के शव मिल चुके हैं, जबकि बाकी बचे चार लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है और उनकी तलाश लगातार जारी है।

## प्रशासनिक निगरानी और परिवारों का दर्द
जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पांच नवंबर को भी लापता लोगों की खोजबीन के लिए रेस्क्यू अभियान पूरे दमखम के साथ जारी रहेगा। स्थानीय जिलाधिकारी खुद इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की एक-एक गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। इस बीच, हादसे का शिकार हुईं दोनों बहनों वर्तिका और दीपिका के पिता ने टूर ऑपरेटर कंपनी पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अगर कंपनी ने समय रहते उनकी बेटियों को एयरलिफ्ट कर लिया होता, तो आज वे जिंदा होतीं।

## परिवार की पृष्ठभूमि और दर्दनाक आपबीती
पिता का आरोप है कि टूर कंपनी ने सबसे पहले अपने खुद के कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि दोनों बहनें अपनी जान बचाने के लिए लगातार मदद की गुहार लगाती रहीं। यह दर्दनाक सच्चाई एयरलिफ्ट करके बचाए गए कंपनी के ही कुछ कर्मचारियों ने दीपिका के भाई अतुल को बताई थी। मूल रूप से बाराबंकी के सराय पांडेय के रहने वाले श्रीनारायण वर्मा वर्तमान में लखनऊ के गुड़ंबा स्थित गायत्रीपुरम में अपनी पत्नी ऊषा, दोनों बेटियों दीपिका और वर्तिका तथा बेटे अतुल के साथ जीवन गुजार रहे थे। श्रीनारायण वर्मा करीब एक साल पहले ही कृषि विभाग में कामदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि उनकी बड़ी बेटी दीपिका मुंबई की एक नामी कंपनी में नौकरी करती थी और इन दिनों वर्क फ्रॉम होम सुविधा के कारण लखनऊ वाले घर से ही अपना काम संभाल रही थी, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह ट्रेक उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।

## इसका आप पर असर
केरलताल ट्रेकिंग हादसे और उत्तरकाशी के पर्वतीय इलाकों में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का सीधा असर उन लोगों और परिवारों पर पड़ता है जो साहसिक पर्यटन या उच्च हिमालयी यात्राओं से जुड़े हैं।

- **उत्तराखंड में:** स्थानीय प्रशासन ने पर्वतीय मार्गों पर सुरक्षा मानकों और मौसम की निगरानी को बेहद सख्त कर दिया है। इससे आने वाले दिनों में केदारताल या अन्य ट्रैक्स पर जाने वाले पर्यटकों के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
- **भारत में:** देश भर के ट्रेकिंग क्लबों और एडवेंचर टूर कंपनियों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और आपातकालीन एयरलिफ्ट व्यवस्था की समीक्षा तेज कर दी गई है। इससे भविष्य में किसी भी आपदा के समय पर्यटकों को समय पर राहत पहुंचाने के लिए नियम और अधिक जवाबदेह बनेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
उत्तरकाशी के केदारताल ट्रैक पर हुआ यह हादसा अचानक बदले मौसम और भारी प्राकृतिक आपदा के कारण हुआ, जिसके चलते बचाव कार्यों में भी भारी बाधाओं का सामना करना पड़ा।

- **खराब मौसम और एवलांच:** केदारताल ट्रैक पर अचानक भारी हिमपात और एवलांच आने के कारण ट्रेकर्स का दल फंस गया और वे सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंच सके।
- **प्रतिकूल भौगोलिक स्थिति:** अत्यधिक ऊंचाई और दुर्गम पर्वतीय इलाके होने के कारण राहत और बचाव टीमों को मौके पर पहुंचने और खोज अभियान चलाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
- **एयरलिफ्ट में देरी के आरोप:** पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि संकट के समय टूर कंपनी ने अपनी प्राथमिकता तय करते हुए पहले अपने कर्मचारियों को निकाला, जिससे दोनों बहनों को समय पर सहायता नहीं मिल पाई।

## सवाल-जवाब

### 1. केदारताल ट्रैक पर हादसा कैसे हुआ?
केदारताल ट्रैक पर अचानक भारी हिमपात और एवलांच आने के कारण सात ट्रेकर्स और एक गाइड समेत कुल आठ लोग लापता हो गए थे।

### 2. अब तक कितने शव बरामद किए जा चुके हैं?
सातवें दिन चलाए गए रेस्क्यू अभियान के बाद हादसे में बरामद कुल शवों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।

### 3. मृतक बहनों की पहचान कहां की हुई थी?
इस हादसे में जान गंवाने वाली दोनों सगी बहनें वर्तिका वर्मा और दीपिका वर्मा उत्तर प्रदेश के लखनऊ की रहने वाली थीं।

### 4. परिजनों ने टूर कंपनी पर क्या आरोप लगाया है?
दीपिका और वर्तिका के पिता ने आरोप लगाया है कि टूर कंपनी ने समय पर उनकी बेटियों को एयरलिफ्ट नहीं किया और पहले अपने कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला।

### 5. लापता लोगों की तलाश के लिए अगला अभियान कब चलाया जाएगा?
प्रशासन के अनुसार, शेष चार लापता लोगों की तलाश के लिए पांच नवंबर को भी सर्च एवं रेस्क्यू अभियान जारी रहेगा।

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