उत्तराखंड के किच्छा और सिरौलीकलां में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदान जारी, मतगणना पर लगी है न्यायिक रोक ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा और सिरौलीकलां में 63,831 मतदाताओं ने स्थानीय निकाय चुनाव में वोट डाले, हालांकि कानूनी विवाद के कारण मतगणना की प्रक्रिया रुकी रहेगी। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के अंतर्गत आने वाले किच्छा नगर पालिका परिषद और नवगठित सिरौलीकलां नगर पंचायत में स्थानीय निकाय चुनाव के तहत मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर मतदान केंद्रों पर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक प्रबंध पूरे किए गए थे, जिसके चलते सुबह से ही नागरिक कतारों में लगकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इन दोनों क्षेत्रों को मिलाकर कुल 63,831 पंजीकृत मतदाता मैदान में उतरे विभिन्न प्रत्याशियों के चुनावी भाग्य का निर्धारण कर रहे हैं। हालांकि इस चुनावी प्रक्रिया के बीच सबसे अहम पहलू यह है कि मतदान पूरा होने के बावजूद वोटों की गिनती तत्काल नहीं कराई जाएगी, क्योंकि उच्च न्यायालय ने मतगणना पर आगामी निर्देश आने तक रोक लगा रखी है। उच्च न्यायालय में कानूनी विवाद और मतगणना पर अंतरिम रोक स्थानीय निकायों से जुड़े सीमा और दर्जे के विवाद पर उच्च न्यायालय में पहले सुनवाई हुई थी। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया था कि दोनों स्थानीय निकायों में मतदान का आयोजन 22 सितंबर को निर्धारित कार्यक्रम के तहत कराया जाएगा। इसके साथ ही आयोग ने न्यायालय को यह भी जानकारी दी कि मतदान संपन्न हो जाने के बाद होने वाली मतों की गिनती को अग्रिम आदेशों तक स्थगित रखा गया है। आयोग द्वारा जारी की गई संशोधित अधिसूचना को रिकॉर्ड पर लेते हुए न्यायालय ने इस पूरे मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तिथि नियत की है। अधिसूचना को दी गई चुनौती और संवैधानिक प्रावधानों पर बहस इस पूरे मामले की जड़ किच्छा निवासी नईम उल शान और मोहम्मद रफीक द्वारा दाखिल की गई याचिका से जुड़ी है। इन याचिकाकर्ताओं ने किच्छा नगर पालिका से संबंधित 24 अप्रैल 2025 की अस्थायी अधिसूचना के खिलाफ न्यायालय का रुख किया था। इसके उपरांत राज्य सरकार ने मई 2025 में सिरौलीकलां क्षेत्र को एक पृथक नगर पालिका के रूप में अधिसूचित करने का कदम उठाया। याचिकाकर्ताओं ने इस सरकारी फैसले को चुनौती देते हुए यह आधार लिया कि जब सिरौलीकलां पहले से ही किच्छा नगर पालिका का अभिन्न अंग रहा है, तो फिर संविधान के अनुच्छेद 243 में दिए गए प्रविधानों के विपरीत जाकर उसे इस प्रकार अलग कैसे किया जा सकता है। अदालती आदेशों और अंतरिम स्थगन के उल्लंघन की दलील याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि सिरौलीकलां को एक स्वतंत्र नगर पालिका घोषित करना उच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। इसके साथ ही वर्ष 2024 में जारी किए गए अंतरिम स्थगनादेश की अवहेलना का मुद्दा भी उठाया गया, जिसके तहत विधिक रूप से सिरौलीकलां की स्थिति अब भी किच्छा नगर पालिका के हिस्से के तौर पर ही बनी हुई है। इसी वैधानिक पेच के चलते चुनावी प्रक्रिया में मतदान को तो अनुमति दी गई, लेकिन परिणाम की घोषणा से संबंधित मतगणना को न्यायिक समीक्षा के दायरे में रोक दिया गया है। मतदाताओं का संख्याबल और पहली बार अध्यक्ष चुनने का अवसर नगर निकाय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, किच्छा में कुल पंजीकृत मतदाताओं की तादाद 52,240 है। इस मतदाता सूची में 27,029 पुरुष मतदाता, 25,207 महिला मतदाता और 4 अन्य श्रेणी के मतदाता दर्ज हैं। दूसरी तरफ, सिरौलीकलां निकाय क्षेत्र में कुल 11,591 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 6,156 पुरुष और 5,435 महिला मतदाता शामिल हैं। इस निकाय का चुनावी परिदृश्य ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि 2018 तक सिरौलीकलां किच्छा नगर पालिका के प्रशासनिक नियंत्रण में था। अब एक स्वतंत्र नगर पंचायत के रूप में अस्तित्व में आने के बाद यहां के स्थानीय निवासी पहली बार अपने स्वतंत्र निकाय अध्यक्ष का सीधे चुनाव कर रहे हैं। इसका आप पर असर इस चुनाव से किच्छा और सिरौलीकलां के स्थानीय निवासियों के प्रशासनिक प्रतिनिधित्व और नागरिक सुविधाओं की दिशा तय होगी। • किच्छा और सिरौलीकलां में: नागरिक अपने नए नगर प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं। हालांकि मतगणना पर अदालत की रोक होने के कारण विजेताओं और नई नगर सरकारों का फैसला 5 अक्टूबर की सुनवाई के बाद ही साफ हो सकेगा। • सिरौलीकलां के निवासियों के लिए: यह क्षेत्र पहली बार अलग नगर पंचायत के तौर पर वोट डाल रहा है। इसका सीधा मतलब है कि स्थानीय लोग पहली बार अपने अलग चेयरमैन का चुनाव करके सीधे स्थानीय विकास नीतियां तय करेंगे। • मतदान प्रक्रिया: कुल 63,831 पंजीकृत मतदाता अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डाल सकते हैं। प्रशासन द्वारा सभी केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। • कानूनी स्थिति: चुनाव परिणाम उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेंगे। यदि अधिसूचना रद्द होती है या स्वीकार होती है, तो दोनों निकायों की सीमाओं और दर्जे पर प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ मतदान होने के बावजूद मतगणना पर रोक लगने की वजह राज्य सरकार की अधिसूचना और उसे अदालत में मिली कानूनी चुनौती है। • अधिसूचना पर कानूनी आपत्ति: किच्छा के निवासियों ने 24 अप्रैल 2025 की अस्थायी अधिसूचना और मई 2025 में सिरौलीकलां को अलग करने के निर्णय को अदालत में चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत ऐसा पृथक्करण अनुचित है। • अदालती आदेशों के उल्लंघन की दलील: याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि 2024 में मिले स्थगनादेश और पुराने फैसलों के अनुसार सिरौलीकलां कानूनी तौर पर किच्छा का ही हिस्सा बना हुआ था। इसी आधार पर नए नगर निकाय की अधिसूचना को गैर-कानूनी बताया गया। • न्यायालय का अंतरिम रुख: न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ ने निर्वाचन आयोग को मतदान कराने की अनुमति दी लेकिन मतगणना को अग्रिम आदेश तक रोक दिया। अब इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर का दिन तय किया गया है। सवाल-जवाब 1. किच्छा और सिरौलीकलां में मतदान किस तारीख को हो रहा है? राज्य निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार दोनों निकायों में मतदान 22 सितंबर को आयोजित किया गया है। 2. उच्च न्यायालय ने मतगणना पर रोक क्यों लगाई है? सिरौलीकलां को अलग निकाय बनाने के खिलाफ दायर याचिका और संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन की सुनवाई के चलते कोर्ट ने मतगणना अग्रिम आदेशों तक स्थगित की है। 3. इस मामले में अदालत की अगली सुनवाई कब होगी? उच्च न्यायालय ने इस पूरे विवाद की अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है। 4. किच्छा नगर पालिका में कितने मतदाता पंजीकृत हैं? किच्छा में कुल 52,240 मतदाता हैं, जिनमें 27,029 पुरुष, 25,207 महिला और 4 अन्य मतदाता शामिल हैं। 5. सिरौलीकलां में कुल कितने मतदाता हैं? सिरौलीकलां में कुल 11,591 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 6,156 पुरुष और 5,435 महिला मतदाता हैं। 6. सिरौलीकलां के लिए यह चुनाव ऐतिहासिक क्यों है? सिरौलीकलां 2018 में किच्छा नगर पालिका के अधीन था, और अब अलग नगर पंचायत बनने के बाद यहां के लोग पहली बार अपना अलग चेयरमैन चुन रहे हैं। https://trendkia.com/uttarakhand/uttarakhand-ke-kiccha-aura-siraulikalan-men-sthaniya-nikaya-chunava-ke-lie-matadana-jari-mataganana-para-lagi-hai-nyayika-roka-36148 TrendKia — Har trend, sabse pehle.