उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में गुनगुनी धूप का पहरा, ऊंचे पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और हल्की बारिश की तैयारी उत्तराखंड के सभी तेरह जिलों में अगले दो दिन धूप खिली रहेगी, जिसके बाद तेईस अक्टूबर से पांच ऊंचाई वाले पर्वतीय जनपदों में बर्फबारी और बूंदाबांदी का दौर शुरू होने का अनुमान है। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम का मिजाज फिलहाल बेहद खुशनुमा और सुहावना बना हुआ है। पूरे प्रदेश में चटख धूप खिली रहने से स्थानीय बाशिंदों और घूमने पहुंचे पर्यटकों को ठंड के बीच दिन में खासी राहत मिल रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इक्कीस अक्टूबर और बाईस अक्टूबर को राज्य के सभी तेरह जनपदों में आसमान पूरी तरह साफ और शुष्क बना रहेगा। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में धूप खिली रहेगी। इन अड़तालीस घंटों के दौरान मौसम विभाग ने किसी भी तरह की चेतावनी अथवा अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, दिन में जहां खिली धूप से गर्माहट मिल रही है, वहीं सूरज ढलते ही सुबह और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। पर्यटन स्थलों पर निखरा प्राकृतिक नजारा, पर्यटकों में उत्साह पहाड़ों की रानी मसूरी के साथ-साथ राजधानी देहरादून और नैनीताल में मौसम का मिजाज काफी आकर्षक बना हुआ है। आसमान एकदम साफ रहने की वजह से मसूरी और आसपास के इलाकों से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां बेहद स्पष्ट और चमकदार दिखाई दे रही हैं। विभिन्न व्यू-पॉइंट्स पर पहुंचकर सैलानी इन मनमोहक प्राकृतिक नजारों को अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं। देहरादून में दिन के समय अच्छी धूप रहने से अधिकतम तापमान सामान्य बना रहेगा। दूसरी तरफ सरोवर नगरी नैनीताल में सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ने लगी है, लेकिन दोपहर की गुनगुनी धूप में स्थानीय लोगों के साथ-साथ मुसाफिर भी मौसम का भरपूर आनंद उठा रहे हैं। तेईस अक्टूबर से पांच पहाड़ी जनपदों में बदलेगा मौसम का रुख मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, तेईस अक्टूबर से छब्बीस अक्टूबर के बीच उत्तराखंड के मौसम में हल्का फेरबदल दर्ज किया जा सकता है। इस अवधि में राज्य के पांच उच्च पर्वतीय जिलों में मौसम करवट लेगा। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पैंतीस सौ मीटर और उससे अधिक ऊंचाई पर स्थित चोटियों में हल्की बर्फबारी देखने को मिल सकती है। साथ ही गरज के साथ बिजली चमकने की आशंका भी बनी रहेगी। इन पांच पर्वतीय जिलों को छोड़कर उत्तराखंड के शेष आठ जनपदों में मौसम सामान्य और शुष्क ही बना रहेगा। ऊंचाई वाली घाटियों में पारे के लुढ़कने के आसार तेईस अक्टूबर से उत्तरकाशी, चमोली के जोशीमठ और रुद्रप्रयाग की केदारनाथ घाटी में बादलों की आवाजाही शुरू होने का अंदेशा है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर के सीमांत उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पैंतीस सौ मीटर से ऊपर बर्फबारी होने के कारण आसपास की निचली घाटियों में भी ठंडी हवाओं का असर तेज होगा, जिससे शीतलहर का प्रभाव बढ़ जाएगा। यदि कोई यात्री अथवा ट्रैकर आगामी दिनों में ऊंचाई वाले धार्मिक स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों या ट्रैकिंग मार्गों पर जाने का कार्यक्रम बना रहा है, तो उसे गर्म कपड़ों का समुचित प्रबंध रखना चाहिए। बारिश और बर्फबारी के इस नए दौर के चलते पहाड़ी घाटियों में तापमान तेजी से लुढ़क सकता है। इसका आप पर असर पहाड़ों में बदलते मौसम का असर स्थानीय नागरिकों, यात्रियों और ट्रैकिंग पर जाने वाले लोगों की दिनचर्या पर सीधा प्रभाव डालेगा। • भारत में: देश भर से उत्तराखंड की वादियों में घूमने जाने वाले सैलानियों को पर्वतीय स्थलों पर साफ मौसम और हिमालय के स्पष्ट दृश्य देखने को मिलेंगे। यदि आप तेईस अक्टूबर के बाद उत्तरकाशी, चमोली या केदारनाथ क्षेत्र का रुख कर रहे हैं, तो कड़ाके की ठंड से बचने के लिए भारी ऊनी कपड़े साथ रखना जरूरी है। • उत्तराखंड में: राज्य के आठ जनपदों में शुष्क मौसम रहने से खेती और सामान्य जनजीवन बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा। उच्च हिमालयी घाटी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को तेईस से छब्बीस अक्टूबर के बीच पारा गिरने और ठंडी हवाओं के लिए पहले से सतर्क रहना होगा। • ट्रैकिंग और पर्वतारोहण: पैंतीस सौ मीटर से अधिक ऊंचाई पर निकलने वाले दल बर्फबारी और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए स्थानीय मौसम परामर्श का पालन करें। उच्च मार्गों पर ठंड बढ़ने से आवागमन धीमा हो सकता है, इसलिए सुरक्षा उपकरणों की पहले ही जांच कर लें। • दैनिक स्वास्थ्य देखभाल: सुबह और देर रात के तापमान में आ रही गिरावट से मौसमी सर्दी-जुकाम की समस्या बढ़ सकती है। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम पर्याप्त गर्म कपड़ों में रखकर ठंड से सुरक्षित रखें। ऐसा क्यों हुआ उत्तराखंड के मौसम में यह उतार-चढ़ाव पर्वतीय क्षेत्रों में आने वाले स्थानीय पश्चिमी विक्षोभ और मौसमी बदलावों की स्वाभाविक प्रक्रिया के तहत देखा जा रहा है। • शुष्क वायुमंडलीय स्थिति: इक्कीस और बाईस अक्टूबर को राज्य के ऊपर किसी बड़े मौसमी तंत्र की अनुपस्थिति के कारण वायुमंडल पूरी तरह स्थिर और साफ बना हुआ है। इसके चलते निचले और मैदानी भागों में धूप खिल रही है और किसी तरह की वर्षा नहीं हो रही है। • उच्च हिमालयी बादलों का प्रवेश: तेईस अक्टूबर से राज्य के ऊपरी वायुमंडल में पश्चिमी विक्षोभ का हल्का असर पहुंचने की संभावना बन रही है। इसी के प्रभाव से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के आकाश में बादलों का जमघट शुरू होगा। • ऊंचाई के अनुसार मौसम का विभाजन: समुद्र तल से पैंतीस सौ मीटर से अधिक की ऊंचाई पर कम तापमान होने की वजह से नमी हल्की बर्फबारी में तब्दील हो जाती है, जबकि निचली घाटियों में केवल हल्की फुहारें या बूंदाबांदी ही दर्ज होती हैं। • शीत ऋतु की सामान्य शुरुआत: अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में हिमालयी क्षेत्रों में इस तरह की हल्की बर्फबारी और न्यूनतम तापमान में गिरावट सर्दियों के नियमित आगमन का स्वाभाविक क्रम मानी जाती है। सवाल-जवाब 1. इक्कीस और बाईस अक्टूबर को उत्तराखंड में कैसा मौसम रहेगा? इन दो दिनों में राज्य के सभी तेरह जिलों में चटख धूप खिली रहेगी और मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। 2. किन पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है? तेईस से छब्बीस अक्टूबर के दौरान उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 3. कितनी ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान है? मौसम विभाग के अनुसार पैंतीस सौ मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की बर्फबारी हो सकती है। 4. क्या राज्य के बाकी जिलों के लिए भी कोई चेतावनी जारी की गई है? नहीं, बाकी आठ जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और किसी जिले के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 5. देहरादून और नैनीताल में दिन का तापमान कैसा रहेगा? देहरादून में खिली धूप के चलते दिन का पारा सामान्य रहेगा, जबकि नैनीताल में दोपहर की गुनगुनी धूप के बावजूद सुबह-शाम ठिठुरन रहेगी। https://trendkia.com/uttarakhand/uttarakhand-ke-maidani-ilakon-men-gunaguni-dhupa-ka-pahara-unche-parvatiya-ilakon-men-barphabari-aura-halki-barisha-ki-taiyari-49947 TrendKia — Har trend, sabse pehle.