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  "type": "article",
  "title": "उत्तराखंड के मियांवाला में पुराने सूखे जोहड़ की जगह तैयार हुआ जल सृष्टि पार्क, मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन",
  "summary": "देहरादून के मियांवाला में वर्षों पुराने सूखे जोहड़ का कायाकल्प कर 8.64 करोड़ रुपये की लागत से जल सृष्टि पार्क का निर्माण किया गया है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया।",
  "content": "उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मियांवाला इलाके में पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक नया सार्वजनिक स्थल तैयार किया गया है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की देखरेख में निर्मित जल सृष्टि पार्क अब आम जनता और पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। लगभग 8.64 करोड़ रुपये के बजट से संवारे गए इस खूबसूरत पार्क का औपचारिक लोकार्पण शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया। यह नया परिसर न केवल स्थानीय आबादी के लिए सैर-सपाटे और विश्राम का साधन बनेगा, बल्कि जल संरक्षण की दिशा में भी एक प्रेरक उदाहरण पेश करेगा।\n\nदलदल और सूखे तालाब से आधुनिक हरित परिसर तक का सफर\nजिस स्थान पर आज यह रमणीक पार्क खड़ा है, वहां कभी एक पारंपरिक जोहड़ हुआ करता था। समय के साथ यह जोहड़ सूखकर दलदल में बदल गया था और इसके इर्द-गिर्द आवासीय निर्माण बढ़ जाने से यह उपेक्षित पड़ा हुआ था। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने इस अनुपयोगी जगह को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया और इसे आधुनिक स्वरूप प्रदान किया। इलाके के पुराने बाशिंदों के अनुसार, दशकों पहले यहां बड़ा जल निकाय और घने पेड़ हुआ करते थे, जो आंधी-तूफानों में नष्ट हो गए थे। अब इसे एक व्यवस्थित और स्वच्छ वाटर बॉडी के रूप में ढालकर पर्यावरण की नई मिसाल कायम की गई है।\n\nमनोरंजन के साथ जल संरक्षण और शिक्षा का संगम\nजल सृष्टि पार्क को केवल एक सामान्य सैरगाह के रूप में नहीं, बल्कि पर्यावरण अध्ययन केंद्र के रूप में भी संचालित किया जाएगा। परिसर के भीतर वर्षा जल संचयन यानी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और जल पुनर्चक्रण के व्यावहारिक मॉडल्स को प्रदर्शित किया गया है। इन तकनीकों के जरिए यहां आने वाले पर्यटकों और स्कूली विद्यार्थियों को पानी की प्रत्येक बूंद के संरक्षण का महत्व समझाया जाएगा। आने वाले दिनों में शैक्षणिक भ्रमण के जरिए छात्र-छात्राओं को जल संकट से निपटने और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग की व्यावहारिक सीख दी जाएगी, जिससे देहरादून में पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा मिल सके।\n\nसभी उम्र के नागरिकों के लिए खास व्यवस्थाएं\nपार्क के आंतरिक ढांचे को सभी आयु वर्ग की जरूरतों के अनुकूल रूप दिया गया है। नन्हे बच्चों के मनोरंजन के लिए आधुनिक और पूरी तरह सुरक्षित प्ले-एरिया बनाया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के आराम और शांतिपूर्ण बैठने के लिए विशेष रूप से शांत कोनों का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों के लिए लंबा वॉकिंग ट्रैक, जॉगिंग ट्रैक तथा ध्यान लगाने के लिए योगा डेक की व्यवस्था की गई है। आगंतुकों के खान-पान के लिए कैफे और शुद्ध पेयजल की चौबीसों घंटे सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जलाशय में पर्यटकों के लिए पेडल बोटिंग का भी प्रबंध किया गया है, जबकि युवाओं की पसंद को ध्यान में रखकर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट्स बनाए गए हैं।\n\nदो हजार से अधिक पेड़-पौधों से बढ़ा ग्रीन कवर\nप्राकृतिक हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूरे परिसर को घने ग्रीन कवर के तहत विकसित किया गया है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के अनुसार, पूरे जिले में पारंपरिक जल स्रोतों और पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार का अभियान चलाया जा रहा है, और मियांवाला का यह पार्क उसी कड़ी का हिस्सा है। पार्क के भीतर 2 हजार से अधिक विविध प्रजातियों के पेड़ और पौधे रोपे गए हैं। यहां आने वाले लोगों की जानकारी के लिए एक एजुकेशनल फ्लावर गार्डन भी बनाया गया है, जहां विभिन्न किस्मों की घास और वनस्पतियों के औषधीय व वानस्पतिक विवरण पोस्टरों के माध्यम से समझाए गए हैं।\n\nजनप्रतिनिधियों के प्रयासों की स्थानीय स्तर पर सराहना\nइस विकास कार्य के पूरा होने पर क्षेत्रवासियों ने राहत और खुशी जताई है। बचपन से इस तालाब के पास रहे स्थानीय निवासी मोहन सिंह रावत ने इलाके के कायाकल्प पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पहले जहां गंदगी और कीचड़ भरा रहता था, वहां अब बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहतरीन सुविधाएं मौजूद हैं। स्थानीय निवासियों ने इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए क्षेत्रीय विधायक उमेश कुमार काऊ, स्थानीय पार्षद तथा मेयर सौरभ थपलियाल के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यह पार्क अब देहरादून का प्रमुख दर्शनीय स्थल बनकर उभरेगा।\n\nइसका आप पर असर\nदेहरादून के मियांवाला में जल सृष्टि पार्क के खुलने से स्थानीय नागरिकों को एक नया मनोरंजन स्थल और स्वच्छ हरा-भरा वातावरण मिल गया है।\n\n• भारत में: देश भर के शहरी निकायों के लिए पारंपरिक जलाशयों और जोहड़ों का पुनरुद्धार कर पर्यटन व पर्यावरण केंद्र बनाने का यह एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करता है। ऐसे प्रयासों से गिरते भूजल स्तर को सुधारने और वर्षा जल संचयन के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलती है।\n• देहरादून में: मियांवाला और आसपास के दूनवासियों को टहलने, योग करने और बच्चों के खेलकूद के लिए एक सुरक्षित व सुसज्जित सार्वजनिक स्थान मिल गया है। स्थानीय परिवार अब शहर के भीतर ही पेडल बोटिंग और प्राकृतिक बगीचों का आनंद ले सकेंगे, जिससे उनके सप्ताहांत के भ्रमण को एक नया विकल्प मिलेगा।\n• छात्रों के लिए: स्कूली बच्चों और युवाओं को पार्क में प्रदर्शित वर्षा जल संचयन और रीसाइक्लिंग मॉडल के माध्यम से जल संरक्षण की प्रत्यक्ष सीख मिलेगी। शैक्षणिक भ्रमणों के जरिए वे पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली और विभिन्न वनस्पतियों के बारे में व्यावहारिक ज्ञान हासिल कर सकेंगे।\n• वरिष्ठ नागरिकों के लिए: बुजुर्गों के लिए शांत कोनों और समर्पित बैठने की व्यवस्था से उन्हें सुबह-शाम सुकून से समय बिताने का मौका मिलेगा। योग डेक और वॉकिंग ट्रैक उनकी सेहत और सामाजिक मेलजोल को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।\n\nऐसा क्यों हुआ\nमियांवाला का यह सार्वजनिक पार्क एक प्राचीन जलस्रोत के सूखने और दलदल में तब्दील हो जाने के बाद उसे बचाने के दीर्घकालिक प्रयासों के तहत अस्तित्व में आया है।\n\n• पारंपरिक तालाब का क्षरण: दशकों पुराने तूफान में आसपास के बड़े पेड़ों के गिरने और आसपास आवासीय निर्माण बढ़ने से प्राकृतिक जल स्रोत अवरुद्ध हो गया था। समय बीतने के साथ पानी का प्रवाह रुकने से यह जोहड़ सूखकर एक बदहाल दलदल में बदल गया था।\n• प्राधिकरण की पुनरुद्धार योजना: मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा जिले भर में उपेक्षित जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने और हरित आवरण बढ़ाने की नीति बनाई गई थी। प्राधिकरण ने 8.64 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर इस बंजर तालाब को जल संरक्षण पार्क में बदलने का निर्णय लिया।\n• नागरिक और जनप्रतिनिधियों की मांग: स्थानीय नागरिकों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में पार्क और स्वस्थ वातावरण की आवश्यकता महसूस करते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता दी। इसके परिणामस्वरूप गंदे दलदल की जगह आधुनिक जनसुविधाओं, पेडल बोटिंग और दो हजार से ज्यादा पौधों से सुसज्जित पार्क का निर्माण संभव हुआ।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जल सृष्टि पार्क कहां स्थित है और इसका उद्घाटन किसने किया?\nयह पार्क उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मियांवाला क्षेत्र में स्थित है, जिसका लोकार्पण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया।\n\n2. इस पार्क के निर्माण में कुल कितनी लागत आई है?\nजल सृष्टि पार्क को मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा 8.64 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है।\n\n3. इस पार्क में आगंतुकों और बच्चों के लिए क्या-क्या प्रमुख सुविधाएं हैं?\nपार्क में बच्चों के लिए आधुनिक प्ले-एरिया, पेडल बोटिंग, जॉगिंग ट्रैक, योगा डेक, सेल्फी प्वाइंट्स, कैफे और साफ पेयजल की सुविधाएं मौजूद हैं।\n\n4. पार्क में जल संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा से जुड़े क्या प्रबंध किए गए हैं?\nपरिसर में वर्षा जल संचयन और रीसाइक्लिंग मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं, साथ ही 2 हजार से अधिक पेड़-पौधे और जानकारियों से युक्त एजुकेशनल फ्लावर गार्डन बनाया गया है।",
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  "category": "उत्तराखंड",
  "publishedAt": "2026-09-19",
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