# उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या ने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर, पुराने विवादों से रहा है नाता

> उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ देहरादून में धोखाधड़ी और धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। गिरधारी लाल साहू का विवादों से पुराना नाता रहा है और उनका नाम पहले भी हत्या, जमीन पर कब्जे और गंभीर आरोपों में आ चुका है।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/uttarakhand-ke-mntri-rekha-arya-ne-pati-girdhari-lal-sahu-ke-khilapha-darja-karai-fir-purane-vivadon-se-raha-hai-nata-48165 · **Language:** Hindi
**Tags:** रेखा आर्या, उत्तराखंड समाचार, गिरधारी लाल साहू, देहरादून एफआईआर, सोमेश्वर विधायक, उत्तराखंड राजनीति

उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में उस समय हलचल मच गई जब प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ गंभीर धाराओं में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। देहरादून में दर्ज इस एफआईआर के सामने आने के बाद से ही यह मामला राज्यभर में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। मंत्री पत्नी की ओर से उठाए गए इस कड़े कदम के बाद उनके पति का पुराना आपराधिक और विवादित इतिहास भी एक बार फिर से सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है जब गिरधारी लाल साहू का नाम किसी कानूनी पचड़े या विवाद से जुड़ा हो, बल्कि उनका अतीत कई बड़े मुकदमों और गंभीर आरोपों से भरा पड़ा है।

## मंत्री पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई नई एफआईआर के गंभीर आरोप
देहरादून में दर्ज कराई गई इस ताजा शिकायत में रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक पति पर धोखाधड़ी करने, आपराधिक साजिश रचने, जान से मारने की धमकी देने, मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने जैसे संगीन आरोप मढ़े गए हैं। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी तरह से पुलिस जांच के नतीजों पर टिकी हुई है। इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, क्योंकि एक कैबिनेट मंत्री द्वारा अपने ही पति के खिलाफ इस तरह का कदम उठाना बेहद दुर्लभ और गंभीर मामला माना जा रहा है।

## बरेली के बहुचर्चित जैन दंपती हत्याकांड से जुड़ा पुराना कनेक्शन
गिरधारी लाल साहू मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले हैं और उनका नाम अतीत के सबसे सनसनीखेज मामलों में से एक में उछल चुका है। ग्यारह जून 1990 को बरेली शहर में कारोबारी नरेश जैन और उनकी पत्नी पुष्पा जैन की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल जैन दंपती हत्याकांड के दौरान भी गिरधारी लाल साहू का नाम पुलिस के सामने आया था। इसके अलावा भू-संपत्ति से जुड़े कुछ अन्य मामलों में भी उनके खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई थी। कानूनी जानकारों के अनुसार इस हत्याकांड और जमीन से जुड़े मामलों से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया और मुकदमे अदालत में विचाराधीन बताए जाते हैं।

## उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक जमीन के विवादों में नाम
गिरधारी लाल साहू के विवादित मामलों का दायरा सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक फैला हुआ है। उन पर विभिन्न स्थानों पर लोगों की जमीनों पर जबरन कब्जा जमाने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के तेईस जनवरी 2017 के एक आदेश के विवरण के अनुसार वर्ष 2016 के दौरान गिरधारी लाल साहू के खिलाफ भूमि लेन-देन से जुड़े कुल पांच मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन मुकदमों में मुख्य रूप से धोखाधड़ी और धमकाने की धाराएं शामिल थीं। हालांकि इन पांच में से तीन एफआईआर को नवंबर 2016 के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते के आधार पर निरस्त कर दिया गया था।

## श्रीलंका यात्रा और किडनी निकलवाने का सनसनीखेज आरोप
अक्टूबर 2017 के महीने में गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एक उनके ही पूर्व कर्मचारी ने बेहद चौंकाने वाला और गंभीर आरोप लगाया था। उस कर्मचारी का आरोप था कि साहू उसे सैर-सपाटे के बहाने पड़ोसी देश श्रीलंका लेकर गए थे और वहां एक सोची-समझी साजिश के तहत उसकी मर्जी के बिना उसकी किडनी निकलवा ली गई थी। इस पीड़ित कर्मचारी की शिकायत में यह भी मुख्य रूप से कहा गया था कि इस खौफनाक घटना के बाद उसे नौकरी से भी बाहर निकाल दिया गया था। यह मामला उस दौर में मीडिया और जनता के बीच खासा चर्चित रहा था और इस पर काफी लंबी बहस चली थी।

## बिहार की महिलाओं पर की गई टिप्पणी से खड़ा हुआ था सियासी तूफान
कुछ महीने पहले ही गिरधारी लाल साहू एक अन्य बड़े विवाद के केंद्र में आ गए थे जब वह अपनी पत्नी रेखा आर्या के निर्वाचन क्षेत्र सोमेश्वर में आयोजित एक सार्वजनिक सभा को संबोधित कर रहे थे। उस सभा के दौरान उनके द्वारा दिए गए एक बयान पर भारी आपत्ति जताई गई थी जिसमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने बिहार की लड़कियों को खरीदकर लाने जैसी बेहद आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी की थी। इस विवाहित बयान के सार्वजनिक होने के बाद उत्तराखंड से लेकर बिहार तक की राजनीतिक फिजा में उबाल आ गया था और विभिन्न दलों के नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कड़ा विरोध प्रदर्शन किया था।

## निजी जीवन, शादियों और अन्य विवादित चर्चाओं का सिलसिला
अपने सार्वजनिक जीवन के अलावा गिरधारी लाल साहू का निजी जीवन भी हमेशा से विवादों और चर्चाओं के घेरे में रहा है। उपलब्ध जानकारियों के अनुसार रेखा आर्या से विवाह करने से पहले उनकी दो शादियां और हो चुकी थीं और रेखा आर्या उनकी तीसरी पत्नी के रूप में उनके साथ हैं। उनकी व्यक्तिगत जिंदगी को लेकर समय-समय पर विभिन्न प्रकार की बातें और अफवाहें हवा में तैरती रहती हैं। उन पर यह भी गंभीर आरोप लगते रहे हैं कि तीन पत्नियां होने के बावजूद उनका संपर्क अन्य महिलाओं और युवतियों से बना हुआ है। इसके अलावा कुछ समय पहले बरेली में उत्तराखंड सरकार का बोर्ड लगी हुई एक लग्जरी कार में घूमती एक महिला को लेकर भी खूब सुर्खियां बनी थीं, जो कार में बैठकर अपना काफी रौब झाड़ती हुई नजर आई थी।

## मछली पालन आवंटन और तालाबों के इस्तेमाल से जुड़ा मामला
गिरधारी लाल साहू का नाम उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में मछली पालन के कारोबार से जुड़े एक अन्य विवाद में भी उछल चुका है। उस दौरान यह आरोप लगाया गया था कि उनके निजी तालाबों में उन मछलियों के बीजों को डाला गया था जो मूल रूप से उत्तराखंड के स्थानीय मछली पालक किसानों के कल्याण और विकास के लिए उपलब्ध कराई जानी थीं। इस मामले में मछलियों के आधिकारिक आवंटन और उनके व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर कई प्रकार के तीखे सवाल उठाए गए थे। अब जबकि रेखा आर्या की तरफ से देहरादून में एक नई और गंभीर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है, तो यह पूरा पुराना और नया इतिहास एक बार फिर ताजा हो गया है। पुलिस अब इन सभी नए आरोपों की गहराई से पड़ताल कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी तरह से ठोस सबूतों और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

## इसका आप पर असर
यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसका सीधा असर राज्य की कानून व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर पड़ता है।

- **उत्तराखंड में:** आम नागरिकों के लिए यह घटना प्रशासनिक पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है। जनता इस बात पर नजर रखेगी कि एक कैबिनेट मंत्री के परिवार से जुड़े मामले में पुलिस और न्यायपालिका किस प्रकार निष्पक्ष कार्रवाई करती है।
- **देहरादून में:** स्थानीय स्तर पर इस हाई-प्रोफाइल एफआईआर के बाद पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह सभी आरोपों की पारदर्शी तरीके से जांच करे। शहर के निवासियों के बीच इस कानूनी विवाद के प्रशासनिक और राजनीतिक परिणामों को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह पूरा विवाद लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक तनाव, कानूनी मुकदमों और अतीत के विभिन्न आरोपों की पृष्ठभूमि में सामने आया है।

- **पारिवारिक कलह और शिकायत:** मंत्री रेखा आर्या द्वारा अपने पति के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी की औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से यह मामला सतह पर आया।
- **पुराना आपराधिक इतिहास:** गिरधारी लाल साहू का नाम पूर्व में हत्या के मामलों, भूमि विवादों और अन्य गंभीर आरोपों से जुड़ा रहा है, जिसके कारण पुलिस रिकॉर्ड में उनकी पृष्ठभूमि पहले से ही दर्ज थी।
- **सार्वजनिक बयानों का असर:** पूर्व में दिए गए विवादित बयानों और निजी जीवन को लेकर लगातार चर्चा में रहने के कारण इस परिवार पर सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव काफी बढ़ गया था।

## सवाल-जवाब

### 1. रेखा आर्या कौन हैं और उन्होंने किसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है?
रेखा आर्या उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री और सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, और उन्होंने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

### 2. यह एफआईआर कहां दर्ज की गई है?
यह एफआईआर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में दर्ज कराई गई है।

### 3. गिरधारी लाल साहू पर मुख्य रूप से क्या आरोप लगाए गए हैं?
उन पर धोखाधड़ी करने, साजिश रचने, धमकी देने, मारपीट करने और जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं।

### 4. गिरधारी लाल साहू मूल रूप से कहां के रहने वाले हैं?
गिरधारी लाल साहू मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले हैं।

### 5. क्या गिरधारी लाल साहू का नाम पहले भी किसी बड़े मामले में आया था?
हां, उनका नाम 1990 के बरेली के जैन दंपती हत्याकांड और कई जमीन से जुड़े विवादों में आ चुका है।

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