# उत्तराखंड के पर्वतीय हिस्सों में गरज-चमक संग बूंदाबांदी, मैदानी जिलों में सुबह के वक्त धुंध और कोहरे का असर

> राज्य के पांच पहाड़ी जिलों में आज छिटपुट हल्की बारिश और बादलों की गर्जना का अनुमान है, जबकि मैदानी इलाकों में सुबह कोहरे के कारण ठंडक बढ़ रही है। 2 से 4 अक्टूबर तक मौसम पूरी तरह साफ रहने के बाद 5 अक्टूबर से पहाड़ों में फिर मौसमी बदलाव दिखेगा।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/uttarakhand-ke-parvatiya-hisson-men-garaja-chamaka-snga-bundabandi-maidani-jilon-men-subaha-ke-vakta-dhundha-aura-kohare-ka-asara-40855 · **Language:** Hindi
**Tags:** उत्तराखंड मौसम, आईएमडी पूर्वानुमान, पहाड़ी बारिश, सुबह का कोहरा, चारधाम यात्रा ठंड, खरीफ फसल नुकसान

पहाड़ी राज्य में मौसमी चक्र तेजी से बदल रहा है, जिसके चलते पर्वतीय चोटियों से लेकर तराई के मैदानों तक सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ने लगी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, 1 अक्टूबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ सीमित इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश होने और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। राज्य के बाकी हिस्सों में पूरे दिन मौसम शुष्क बना रहेगा। प्रशासन या मौसम वैज्ञानिकों की ओर से किसी तरह का गंभीर अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन बादलों और हवाओं की इस आवाजाही से तापमान में नरमी का दौर लगातार बना हुआ है।

तराई और मैदानी जनपदों में सुबह के वक्त उथले से मध्यम दर्जे का कोहरा और धुंध छाने के संकेत मिले हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो कई छिटपुट इलाकों में हल्की फुहारें, बादलों की गड़गड़ाहट और तेज झोंकेदार हवाएं दर्ज की गईं। मॉनसून का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ने के बावजूद इस नमी और हवा के संगम ने वातावरण में गुलाबी ठंड के असर को और गहरा कर दिया है।

## उत्तरकाशी में तेज आंधी और बारिश ने बागवानों व किसानों की बढ़ाई फिक्र
सीमांत जनपद उत्तरकाशी में 30 सितंबर की शाम अचानक आसमान में काले बादलों का जमावड़ा शुरू हुआ और देखते ही देखते तेज झोंकेदार हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। इस अकस्मात बारिश और सर्द हवाओं के बहने से घाटी के ग्रामीण और शहरी इलाकों में कंपकंपी बढ़ गई है। बिना मौसम हुई इस तेज बरसात का सीधा असर काश्तकारों और बागवानों के रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ रहा है। वर्तमान समय में खेतों के भीतर खरीफ की फसलें पूरी तरह पक चुकी हैं और किसान कटाई की तैयारियों में जुटे हैं। तेज आंधी और पानी के थपेड़ों से तैयार फसलों के जमीन पर बिछने और सड़ने की आशंका खड़ी हो गई है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।

## चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के यात्रा मार्गों पर हल्की बौछारों का अनुमान
चारधाम यात्रा के प्रमुख मार्गों में शामिल रुद्रप्रयाग और चमोली के पर्वतीय क्षेत्रों के साथ पिथौरागढ़ और बागेश्वर की ऊंची पहाड़ियों पर आज छिटपुट हल्की फुहारें गिरने और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उच्च हिमालयी जनपदों में इक्का-दुक्का स्थानों पर बौछारें पड़ने से दिन के अधिकतम तापमान में थोड़ी कमी दर्ज होगी, लेकिन किसी भी क्षेत्र में मूसलाधार या भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सामान्य और सुचारू रहने की उम्मीद है। हालांकि, सुबह और शाम के समय पहाड़ियों में ठंडक बढ़ जाने के कारण बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों को गर्म ऊनी कपड़े साथ रखने की हिदायत दी गई है।

## देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में सुबह धुंध, दोपहर में खिली धूप
राजधानी देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर समेत मैदानी क्षेत्रों में 1 अक्टूबर को दिनभर मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ बना रहेगा। दोपहर के समय अच्छी धूप खिली रहने से लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन सुबह के शुरुआती घंटों में छिछला और मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है। सुबह के कोहरे से वातावरण में नमी का स्तर बढ़ेगा और रात के न्यूनतम पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी। मैदानी जिलों में आने वाले कुछ दिनों तक सुबह की ठंडक और दिन की धूप के बीच मौसम पूरी तरह सामान्य बने रहने का अनुमान है।

## 2 से 4 अक्टूबर तक साफ रहेगा आसमान, 5 अक्टूबर से फिर सक्रिय होंगे बादल
मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 2, 3 और 4 अक्टूबर को पूरे राज्य के सभी 13 जिलों में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहने की संभावना है। इसके बाद 5 और 6 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय परिस्थितियों के चलते मौसमी मिजाज में दोबारा फेरबदल देखने को मिलेगा। इन दो दिनों में पर्वतीय जनपदों के कुछ इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश और बिजली चमकने का अनुमान है। वहीं दूसरी ओर, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में मौसम लगातार शुष्क बना रहेगा। विभाग ने आगामी दिनों के लिए किसी भी तरह की आपदा चेतावनी जारी नहीं की है।

## इसका आप पर असर
पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और मैदानी हिस्सों में सुबह के कोहरे से दैनिक जीवन, खेती और यात्रा पर सीधा असर पड़ रहा है।

- **उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में:** शाम और सुबह के समय तापमान में अचानक गिरावट आने से ठिठुरन बढ़ गई है। चारधाम यात्रा या पहाड़ी यात्रा पर निकलने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भारी ऊनी कपड़े साथ रखने होंगे ताकि स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
- **उत्तराखंड के किसानों के लिए:** पककर कटाई के लिए तैयार खड़ी खरीफ की फसलों को तेज हवाओं और अचानक बारिश से नुकसान का खतरा है। किसानों को कटी हुई फसल को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर तुरंत ढकने की व्यवस्था करनी चाहिए।
- **मैदानी इलाकों के वाहन चालकों के लिए:** हरिद्वार, देहरादून और ऊधम सिंह नगर में सुबह के समय मध्यम कोहरा दृश्यता कम कर सकता है। सुबह जल्दी निकलने वाले वाहन चालकों को फॉग लाइट का उपयोग करने और गति नियंत्रित रखने की जरूरत है।
- **राज्यभर के निवासियों के लिए:** 2 से 4 अक्टूबर तक मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहेगा, जिससे बाहरी काम बिना रुकावट किए जा सकेंगे। इसके बाद 5 और 6 अक्टूबर को पहाड़ों में फिर बूंदाबांदी हो सकती है, इसलिए अपने कार्यक्रमों की योजना इसी अनुसार बनाएं।

## ऐसा क्यों हुआ
मॉनसून की विदाई के दौर में स्थानीय मौसमी कारकों और पश्चिमी दबाव के कारण पर्वतीय ढलानों पर नमी संघनित होकर बूंदाबांदी में बदल रही है।

- **स्थानीय संवहन और नमी का असर:** मॉनसून के कमजोर पड़ने के बावजूद घाटियों में मौजूद नमी ऊंची चोटियों की ओर उठने से गरज-चमक वाले बादल बना रही है। इसी के चलते उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ की ऊंची चोटियों पर छिटपुट बारिश देखने को मिल रही है।
- **शरद ऋतु के आगमन से बना कोहरा:** दिन और रात के तापमान में आ रहे अंतर और हवा की धीमी गति के कारण मैदानी क्षेत्रों में सुबह के समय कोहरा बनना शुरू हो गया है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर के वातावरण में नमी की उपस्थिति इस छिछले कोहरे को जन्म दे रही है।
- **मध्यम विक्षोभ की आवक:** 5 अक्टूबर से पहाड़ों में फिर बदलाव की संभावना इसलिए जताई गई है क्योंकि उस समय हिमालयी क्षेत्र में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इससे पर्वतीय इलाकों में दोबारा छिटपुट बूंदाबांदी और बादलों की हलचल देखने को मिलेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. 1 अक्टूबर को उत्तराखंड के किन जिलों में बारिश का अनुमान है?
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

### 2. क्या मौसम विभाग ने किसी जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है?
नहीं, मौसम विभाग ने किसी भी जिले के लिए कोई गंभीर आपदा चेतावनी या भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है।

### 3. उत्तरकाशी में बेमौसम बारिश से किसान क्यों चिंतित हैं?
खेतों में खरीफ की फसलें पककर कटाई के लिए तैयार खड़ी हैं, और तेज हवाओं व बारिश से फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।

### 4. देहरादून और हरिद्वार में 1 अक्टूबर को कैसा मौसम रहेगा?
इन मैदानी जनपदों में दिनभर मौसम साफ और शुष्क रहेगा, दोपहर में धूप खिलेगी जबकि सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छा सकता है।

### 5. उत्तराखंड में 2 से 4 अक्टूबर के बीच मौसम कैसा रहेगा?
2, 3 और 4 अक्टूबर को पूरे राज्य के सभी जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ बना रहेगा।

### 6. राज्य में मौसम का अगला बदलाव कब देखने को मिलेगा?
5 और 6 अक्टूबर को पर्वतीय जिलों में एक बार फिर कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।

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