# उत्तराखंड मौसम अपडेट: उत्तरकाशी से पिथौरागढ़ तक 5 दिन येलो अलर्ट, 50 KMPH हवाएं और बर्फबारी की चेतावनी

> मौसम विभाग ने उत्तराखंड के पांच पहाड़ी जिलों में 20 से 25 जून तक येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। देहरादून में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-06-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/uttarakhand-mausama-apadeta-uttarakashi-se-pithauragarha-taka-5-dina-yelo-alarta-1879 · **Language:** Hindi
**Tags:** उत्तराखंड मौसम, येलो अलर्ट, बारिश पूर्वानुमान, देहरादून तापमान, केदारनाथ मौसम, पहाड़ी जिले अलर्ट, मानसून उत्तराखंड, बर्फबारी चेतावनी

## पांच पहाड़ी जिलों में पांच दिन येलो अलर्ट
उत्तराखंड में 20 जून शनिवार से मौसम ने एक बार फिर पहाड़ों का रुख किया है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए 25 जून तक येलो अलर्ट जारी कर रखा है। इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को खासतौर पर सावधान रहने की जरूरत है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में इस पूरे दौरान मौसम शुष्क बने रहने का अनुमान है।

## तापमान: मैदान तपते रहे, केदारनाथ में कड़ाके की ठंड
बीते 24 घंटों में मैदानी इलाकों का अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहा, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में सामान्य तापमान दर्ज किया गया। खटीमा और रुड़की में 37.5 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड हुआ। दूसरी ओर केदारनाथ में न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पूरे राज्य में सबसे कम था। मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक बना रहा, जबकि पहाड़ी इलाकों में यह सामान्य से थोड़ा कम या सामान्य रहा। अगले 4 से 5 दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा।

## 20 जून: 4200 मीटर से ऊपर बर्फबारी भी संभव
20 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में जगह-जगह हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। जो इलाके 4200 मीटर या उससे अधिक की ऊंचाई पर हैं, वहां बर्फबारी की आशंका भी बनी हुई है। बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के चलते इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर आज सूखे और साफ रहेंगे।

## 21 जून: बारिश और आंधी का दौर जारी रहेगा
रविवार 21 जून को भी यही पांच जिले प्रभावित रहेंगे। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अन्य पहाड़ी जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है। इन पांच जिलों के लिए येलो अलर्ट बना रहेगा। बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी रहेगी। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में 21 जून को भी मौसम शुष्क रह सकता है।

## 22 से 25 जून तक पहाड़ों में राहत नहीं
22, 23, 24 और 25 जून को भी उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। राज्य के अन्य पहाड़ी जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में पूरे दौर में मौसम ज्यादातर साफ और शुष्क रहेगा। कुल मिलाकर अगले कई दिनों तक पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम सक्रिय बना रहेगा।

## देहरादून: 20 से 25 जून तक बादल, बारिश और धूल भरी आंधी की आशंका
राजधानी देहरादून में 20 से 25 जून के बीच आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस अवधि में बारिश, गरज-चमक, बिजली और कुछ स्थानों पर धूल भरी आंधी चलने की संभावना भी बनी रहेगी। 20, 21 और 22 जून को देहरादून में न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। 23, 24 और 25 जून को न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 38 डिग्री सेल्सियस तक जाने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है।

## इसका आप पर असर
- **उत्तराखंड में:** अगले पांच दिनों तक पहाड़ी जिलों में जाने वाले यात्रियों को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं और बिजली गिरने का खतरा पहाड़ी सड़कों पर यात्रा को जोखिम भरा बना सकता है।
- **देहरादून में:** 20 से 25 जून के बीच धूल भरी आंधी और बारिश की आशंका है, इसलिए वाहन चालकों और बाहर काम करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
- **Char Dham यात्रियों के लिए:** उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जैसे प्रमुख तीर्थ मार्गों पर मौसम खराब रहेगा, इसलिए यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर जांचें।

## सवाल-जवाब

### 1. उत्तराखंड के किन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 20 से 25 जून तक येलो अलर्ट जारी है।

### 2. इन जिलों में हवाओं की अधिकतम रफ्तार कितनी हो सकती है?
मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

### 3. राज्य में सबसे ज्यादा और सबसे कम तापमान कहां दर्ज हुआ?
सबसे अधिक तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस खटीमा और रुड़की में दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस केदारनाथ में रहा।

### 4. क्या पहाड़ों में बर्फबारी की संभावना है?
हां, 4200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।

### 5. देहरादून में 20 से 25 जून तक तापमान कैसा रहेगा?
20 से 22 जून तक न्यूनतम 26 डिग्री और अधिकतम 37 डिग्री सेल्सियस, तथा 23 से 25 जून तक न्यूनतम 27 डिग्री और अधिकतम 38 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

### 6. क्या हल्की बारिश भी पहाड़ों में भूस्खलन का कारण बन सकती है?
हां, अगर जमीन पहले से नमी से भरी हो तो हल्की या मध्यम बारिश भी भूस्खलन की वजह बन सकती है, इसलिए पहाड़ी सड़कों पर यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

### 7. ऑरेंज अलर्ट और रेड अलर्ट में क्या फर्क होता है?
ऑरेंज अलर्ट खतरे की चेतावनी है जिसमें लोगों को सतर्क रहने और तैयारी करने को कहा जाता है, जबकि रेड अलर्ट सबसे गंभीर चेतावनी है जिसका मतलब है कि मौसम जान-माल के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता है और तत्काल सावधानी जरूरी है।

### 8. पहाड़ों में बादल फटने की घटनाएं क्यों होती हैं?
जब बहुत कम क्षेत्र में बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होती है तो उसे बादल फटना कहते हैं। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में ऊंचे पहाड़ और नमी वाली हवाएं ऐसी परिस्थितियां बनाती हैं जिससे अचानक बाढ़ और भारी तबाही हो सकती है।

### 9. आकाशीय बिजली गिरने से पहले कौन से संकेत मिलते हैं?
तेज गरज, काले बादलों का तेजी से बनना, अचानक तेज हवाएं चलना और बार-बार चमक दिखाई देना आकाशीय बिजली के प्रमुख संकेत माने जाते हैं। ऐसे मौसम में तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए।

### 10. हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम कैसा रहेगा?
इन दोनों मैदानी जिलों में अगले कई दिनों तक मौसम ज्यादातर शुष्क और साफ बना रहने का अनुमान है।

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