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  "type": "article",
  "title": "वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य, धामी सरकार ने विकास और जनकल्याण पर जताई प्रतिबद्धता",
  "summary": "उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में कहा कि राज्य का लक्ष्य 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर बनना है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में कई प्रावधान किए गए हैं।",
  "content": "उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण के भराड़ीसैंण में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को एक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करना है। इसी दूरदर्शी सोच के साथ सरकार प्रदेश में विकास कार्यों को तेज गति दे रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तैयार किया गया अनुपूरक बजट इसी मूल भावना को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिसमें राज्य की वर्तमान जरूरतों के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है।\n\n मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के गठन के बाद बीते लगभग 26 वर्षों में उत्तराखंड ने प्रगति की एक लंबी और महत्वपूर्ण यात्रा पूरी की है। यह सफलता राज्य आंदोलनकारियों के कड़े संघर्ष, प्रदेश के नागरिकों के कठिन परिश्रम और जनता की सक्रिय भागीदारी का मिलाजुला परिणाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के लिए निर्धारित विकसित भारत 2047 के विजन में उत्तराखंड अपनी तरफ से पूरी ताकत के साथ योगदान देने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है।\n\n \n\nराज्य की अर्थव्यवस्था में लगातार हो रही मजबूत वृद्धि\n प्रदेश की वित्तीय स्थिति और आर्थिक विकास को दर्शाने वाले आंकड़े बेहद उत्साहजनक रहे हैं। वर्ष 2022 में जहां राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद लगभग 2.55 लाख करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2026-27 में इसके बढ़कर लगभग 3.82 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाने का अनुमान लगाया गया है। इस निश्चित समयावधि के दौरान राज्य के नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय में भी भारी इजाफा देखा गया है, जो लगभग 1.95 लाख रुपये से बढ़कर 2.74 लाख रुपये हो गई है। इसके साथ ही प्रदेश में बहुआयामी गरीबी के स्तर में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।\n\n राज्य के भीतर कारोबारी माहौल सुधरने से स्टार्टअप्स की कुल संख्या 702 से बढ़कर 1,978 पर पहुंच गई है और एमएसएमई इकाइयों का आंकड़ा भी करीब 60 हजार से बढ़कर एक लाख तक पहुंच गया है। इसके अलावा सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी राज्य ने बेहतरीन क्षमता का विकास किया है। नीति आयोग द्वारा जारी एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 की रिपोर्ट में उत्तराखंड ने 79 अंकों का बेहतरीन स्कोर हासिल करते हुए देश भर में संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया है। वित्तीय अनुशासन और निवेशकों के अनुकूल नीतियों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर भी राज्य की नीतियों की काफी सराहना की गई है।\n\n \n\nअनुपूरक बजट में विभिन्न क्षेत्रों के लिए भारी भरकम प्रावधान\n सरकार द्वारा पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में कुल 7,844.18 करोड़ रुपये का प्रावधान तय किया गया है। इसमें से 4,164.32 करोड़ रुपये की राशि पूंजीगत मदों के लिए जबकि 3,679.86 करोड़ रुपये की राशि राजस्व मद के अंतर्गत रखी गई है। छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों को मानते हुए स्थानीय निकायों की राज्य के कर राजस्व में मिलने वाली हिस्सेदारी को 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव लाया गया है। इसके लिए बजट में 721 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों ही प्रकार के स्थानीय निकायों को विकास कार्यों को अंजाम देने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन मिल सकें।\n\n अन्नपूर्ति योजना के अंतर्गत किसानों से गेहूं और धान की सुगम खरीद सुनिश्चित करने हेतु 1,100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके अलावा बुनियादी ढांचे के विकास के वास्ते विशेष सहायता योजना के तहत 500 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट सुरक्षित रखा गया है। गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के वास्ते 122 करोड़ रुपये तथा आगामी दिव्य कुंभ के आयोजनों के लिए आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं और व्यवस्थाओं हेतु लगभग 290 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। ऐतिहासिक नंदा राजजात यात्रा और प्रसिद्ध हरिद्वार गंगा कॉरिडोर से जुड़े विकास कार्यों को भी इस बजट में विशेष महत्व दिया गया है।\n\n \n\nस्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता\n प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने के लिए अटल आयुष्मान योजना के वास्ते 100 करोड़ रुपये और सरकारी कर्मचारियों के लिए चलाई जा रही गोल्डन कार्ड योजना हेतु 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर में बन रहे मेडिकल कॉलेजों समेत चिकित्सा शिक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए लगभग 160 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है। इसके अलावा स्कूली और उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने हेतु 200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।\n\n युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भरपूर मदद देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना की शुरुआत की गई है। साथ ही खेल विश्वविद्यालय के निर्माण, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, उभरते खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए भी वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। महिला एवं बाल कल्याण, पोषण अभियान, भोजन माताओं के मानदेय में वृद्धि, किसान पेंशन जैसी तमाम सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी सरकार ने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है।\n\n \n\nपारदर्शिता और जनभागीदारी पर टिकी है सरकार की नीतियां\n सरकार की रणनीति केवल नई घोषणाएं करने तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन कर उनका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाना है। इसी सोच के तहत बजट बनाने की प्रक्रिया में जनभागीदारी को बहुत बढ़ावा दिया गया है। पिछले पांच वर्षों के दौरान बजट से पहले बड़े स्तर पर संवाद आयोजित किए गए, जिनमें किसानों, महिलाओं, युवाओं, उद्यमियों और विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से सीधे सुझाव मांगे गए। सरकार ने हमेशा राजस्व आधिक्य की स्थिति को कायम रखते हुए कड़ा वित्तीय अनुशासन, पूरी पारदर्शिता और जनता के धन के सदुपयोग पर सबसे ज्यादा जोर दिया है।\n\n प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन और सुरक्षित बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। जोशीमठ समेत अन्य भू-धंसाव से प्रभावित इलाकों में सुधार कार्यों, आपदा रोधी निर्माण तकनीकों, सड़कों के जाल और हेली सेवाओं से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही देहरादून में पहली बार सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया का नया परिसर स्थापित किया गया है, जिससे आईटी सेक्टर और स्टार्टअप्स की दुनिया में राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे।\n\nइसका आप पर असर\nउत्तराखंड के नागरिकों और स्थानीय कारोबारियों के लिए राज्य सरकार के इस अनुपूरक बजट और आर्थिक नीतियों के कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक प्रभाव रहेंगे।\n\n• भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड के नीति आयोग की रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त करने से देश भर में वित्तीय अनुशासन और सुशासन का एक बेहतर उदाहरण पेश होता है। इससे अन्य राज्यों को भी अपनी वित्तीय नीतियों को सुधारने की प्रेरणा मिलती है।\n\n• उत्तराखंड में: स्थानीय निकायों का कर राजस्व हिस्सा 10.5 प्रतिशत से बढ़कर 12.5 प्रतिशत होने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पानी और स्वच्छता जैसे बुनियादी विकास कार्यों के लिए अधिक धन मिलेगा।\n\n• किसानों के लिए: अन्नपूर्ति योजना के तहत 1,100 करोड़ रुपये के प्रावधान से किसानों को धान और गेहूं की सरकारी खरीद का भुगतान समय पर मिलने में आसानी होगी।\n\n• युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए: देहरादून में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना और स्टार्टअप्स की संख्या बढ़ने से स्थानीय युवाओं को अपने गृह राज्य में ही रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।\n\n• स्वास्थ्य सेवाओं पर असर: अटल आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये और मेडिकल कॉलेजों के वास्ते 160 करोड़ रुपये मिलने से आम जनता को रियायती और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं घर के पास ही मिल सकेंगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nराज्य सरकार द्वारा पेश किए गए इस अनुपूरक बजट और दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के पीछे कई आर्थिक और रणनीतिक कारण मौजूद हैं।\n\n• आर्थिक वृद्धि की जरूरत: वर्ष 2022 से लगातार बढ़ रहे जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय के आंकड़ों ने सरकार को बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण पर खर्च बढ़ाने का वित्तीय आत्मविश्वास दिया है।\n\n• नीति आयोग की सफलता: एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद सरकार अपनी वित्तीय प्रबंधन नीतियों को और अधिक सुदृढ़ करते हुए विकास की गति को बनाए रखना चाहती है।\n\n• आपदा प्रबंधन प्राथमिकताएं: जोशीमठ और अन्य भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों में लगातार आ रही भौगोलिक चुनौतियों के चलते सुरक्षित अवस्थापना और आपदा रोधी निर्माण पर खर्च करना अनिवार्य हो गया है।\n\n• स्थानीय निकायों की मांग: ग्रामीण और शहरी निकायों द्वारा अपने विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधनों की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसे छठे वित्त आयोग की संस्तुतियों के जरिए पूरा किया गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. उत्तराखंड सरकार का वर्ष 2047 तक क्या मुख्य लक्ष्य है?\nराज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को एक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है।\n\n2. वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में कुल कितने करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है?\nइस वित्तीय वर्ष के अनुपूरक बजट में कुल 7,844.18 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।\n\n3. राज्य का जीएसडीपी वर्ष 2026-27 में कितना होने का अनुमान है?\nवर्ष 2026-27 में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद बढ़कर लगभग 3.82 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।\n\n4. अटल आयुष्मान योजना के लिए बजट में कितनी राशि दी गई है?\nस्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए अटल आयुष्मान योजना में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।\n\n5. नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तराखंड ने कौन सा स्थान प्राप्त किया?\nउत्तराखंड ने 79 अंकों के साथ संयुक्त रूप से देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।\n\n6. स्थानीय निकायों की कर राजस्व में हिस्सेदारी कितने प्रतिशत करने का प्रस्ताव है?\nछठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुसार इसे 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।",
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  "publishedAt": "2026-10-27",
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