# उत्तराखंड में 48 घंटे खराब रहेगा मौसम, बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी

> उत्तराखंड में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते 11 और 12 अक्टूबर को बारिश और 3500 मीटर से ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना है, जबकि ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जायजा लिया।

**Type:** article · **Category:** उत्तराखंड · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/uttarakhand/uttarakhand-men-48-ghnte-kharaba-rahega-mausama-barisha-aura-barphabari-ki-chetavani-jari-45519 · **Language:** Hindi
**Tags:** उत्तराखंड मौसम, बर्फबारी अलर्ट, पुष्कर सिंह धामी, चारधाम यात्रा, ओलावृष्टि नुकसान, पश्चिमी विक्षोभ

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट ले रहा है। राज्य में 11 और 12 अक्टूबर को मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और पर्वतीय शिखरों पर बर्फबारी की स्थिति बन रही है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि आगामी 48 घंटों के भीतर 3500 मीटर से ऊपर के इलाकों में बर्फबारी के पूरे आसार बने हुए हैं। ऐसे में ऊंचे स्थानों पर जाने की योजना बना रहे लोगों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही कदम उठाने की जरूरत है।

## कई जिलों में बारिश और आंधी की आशंका
मौसम के बदले मिजाज के बीच देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में बारिश का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर के अनुसार राज्य से मानसून विदा हो चुका है, लेकिन उसके बाद होने वाले असर अब पश्चिमी विक्षोभ के रूप में सामने आ रहे हैं। इस सिस्टम की सक्रियता पर्वतीय एवं ऊपरी क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलेगी। इसके अलावा आगामी 24 घंटे के दौरान देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में छिटपुट जगहों पर हल्की वर्षा दर्ज हो सकती है।

## चारधाम यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में बादलों की तेज गर्जना, आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है। तेज आंधी और बदलते मौसमी चक्र को देखते हुए चारधाम यात्रा पर निकले तीर्थयात्रियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। ऊंचाई पर अचानक तापमान गिरने और बर्फबारी शुरू होने से रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है, इसलिए यात्रियों को हर तरह की सतर्कता बरतनी होगी।

## ओलावृष्टि से फसलों को भारी क्षति, खेतों में पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी
राज्य के मैदानी क्षेत्रों में 10 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे तेज ओलावृष्टि दर्ज की गई। गदरपुर, दिनेशपुर और बाजपुर में अचानक गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी किसानों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया। इस प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे प्रभावित काश्तकारों के बीच पहुंचे। हल्द्वानी से देहरादून लौटते वक्त मुख्यमंत्री ने मौसम की खराबी के बावजूद अपने हेलीकॉप्टर का रुख ऊधम सिंह नगर जिले की ओर मोड़ दिया।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के साथ ही सीधे खेतों में उतरकर नुकसान की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अन्नदाताओं से बात कर उनकी परेशानियां जानीं और प्रशासनिक अधिकारियों को बिना किसी देरी के नुकसान का विधिवत सर्वे कराकर तुरंत राहत पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए।

## इसका आप पर असर
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों, चारधाम तीर्थयात्रियों और किसानों पर इस बदलते मौसम का सीधा असर पड़ेगा।

- **चारधाम यात्रियों के लिए:** 11 और 12 अक्टूबर के दौरान 3500 मीटर से ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी है। तीर्थयात्रियों को गर्म कपड़े साथ रखने और मौसम अपडेट देखकर ही ऊंचे इलाकों की ओर बढ़ने की जरूरत है।
- **ऊधम सिंह नगर के किसानों के लिए:** 10 अक्टूबर को गदरपुर, दिनेशपुर और बाजपुर में हुई ओलावृष्टि से फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। स्थानीय किसानों को प्रशासन द्वारा कराए जा रहे सर्वे में शामिल होकर अपने नुकसान का ब्योरा दर्ज कराना चाहिए ताकि तुरंत राहत मिल सके।
- **उत्तराखंड के स्थानीय निवासियों के लिए:** देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ सहित कई जिलों में 24 से 48 घंटों में बारिश और तेज आंधी के आसार हैं। तेज आंधी और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों पर खड़े होने से बचें।
- **ऊंचाई वाले क्षेत्रों के पर्यटकों के लिए:** अगले 48 घंटों में 3500 मीटर से ऊपर के इलाकों में भारी ठंड और बर्फबारी देखने को मिल सकती है। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि इस दौरान अति-ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने से बचें।

## ऐसा क्यों हुआ
उत्तराखंड में मौसम में यह व्यापक बदलाव मानसून की वापसी के बाद सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण देखने को मिल रहा है।

- **पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता:** मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर के अनुसार राज्य से मानसून औपचारिक रूप से विदा हो चुका है, लेकिन वायुमंडलीय बदलावों के बाद सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ तेज हवाओं और बारिश का कारण बन रहा है। इस मौसमी प्रणाली का सबसे अधिक प्रभाव 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दर्ज किया जा रहा है।
- **ऊंचाई पर तापमान में गिरावट:** हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के प्रवेश से पर्वतीय चोटियों पर बादलों का दबाव बढ़ा है। इसी वजह से अगले 48 घंटों के भीतर बर्फबारी और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की स्थिति बनी है।
- **मैदानी हिस्सों में स्थानीय संवहन:** 10 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे गदरपुर, दिनेशपुर और बाजपुर में बने स्थानीय मौसमी दबाव के चलते भीषण ओलावृष्टि हुई, जिसने खेतों में खड़ी फसलों को तबाह कर दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. उत्तराखंड में किन तारीखों को मौसम खराब रहने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 11 और 12 अक्टूबर को मौसम बदला रहेगा और बारिश व बर्फबारी देखने को मिल सकती है।

### 2. किन इलाकों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तराखंड में 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अगले 48 घंटे के भीतर बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

### 3. किन जिलों में बारिश और तेज आंधी चलने के आसार हैं?
देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट है।

### 4. 10 अक्टूबर को ओलावृष्टि से किन जगहों पर फसलों को नुकसान हुआ?
गदरपुर, दिनेशपुर और बाजपुर में 10 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे हुई भीषण ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।

### 5. किसानों के नुकसान पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्या कदम उठाया?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित खेतों का हवाई और स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को तुरंत सर्वे कर राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।

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