उत्तराखंड में मानसून हुआ कमजोर, 4 अक्टूबर तक सभी 13 जिलों में खिली धूप के बीच सुबह कोहरे का साया उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में 4 अक्टूबर तक मौसम शुष्क बना रहेगा, हालांकि मैदानी क्षेत्रों में सुबह के वक्त धुंध और हल्के से मध्यम कोहरे का असर दिखेगा. उत्तराखंड में वर्षा ऋतु की विदाई के संकेतों के साथ ही मौसमी परिस्थितियों में बड़ा बदलाव दर्ज किया गया है. मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से साझा किए गए नवीनतम आकलन के अनुसार, राज्य भर के पर्वतीय तथा मैदानी हिस्सों को तेज वर्षा से संपूर्ण राहत मिलने वाली है. प्रदेश के सभी तेरह जनपदों में मौसमी गतिविधियां अब शांत हो गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप वायुमंडल में शुष्कता बढ़ रही है. बीते चौबीस घंटों के दौरान भी राज्य के केवल छिटपुट स्थानों पर बेहद कम तीव्रता की फुहारें अथवा बादलों की हल्की गर्जना देखी गई, जो यह साफ संकेत देती है कि मानसूनी हलचल अब पूरी तरह सुस्त पड़ चुकी है. सभी तेरह जिलों में साफ मौसम और आपदा चेतावनियों से राहत मौसम विज्ञान केंद्र ने 2 अक्टूबर के संदर्भ में आपदा, भारी वर्षा या भूस्खलन जैसी किसी भी प्रकार की प्रतिकूल चेतावनी अथवा अलर्ट जारी नहीं किया है. गढ़वाल मंडल के प्रमुख पर्वतीय तथा मैदानी जिलों देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली एवं रुद्रप्रयाग में दिनभर चटक धूप खिली रहेगी. यही सुखद स्थिति कुमाऊं मंडल के सभी जिलों नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत तथा उधम सिंह नगर में भी स्पष्ट तौर पर प्रभावी रहेगी. हालांकि दिन के समय चमकदार धूप से मौसम बेहद सुहावना और अनुकूल बना रहेगा, लेकिन तड़के और देर रात के तापमान में गिरावट के साथ गुलाबी ठंडक का अहसास और गहराने लगा है. मैदानी इलाकों में सुबह के समय कोहरा और दिन में खिलती धूप देहरादून और हरिद्वार जनपद सहित राज्य के खुले मैदानी भूभागों में मौसम आमतौर पर पूरी तरह साफ बना रहेगा. हरिद्वार, रुड़की और ऋषिकेश से सटे निचले मैदानी व नदी तटीय क्षेत्रों में सुबह के घंटों के दौरान छिछले से लेकर मध्यम स्तर का कोहरा छा सकता है. इस धुंध अथवा कोहरे के कारण सुबह के वक्त दृश्यता पर आंशिक असर पड़ने की संभावना जताई गई है. इसके बावजूद सूरज की किरणें तेज होते ही कोहरा छंट जाएगा और दिन का तापमान काफी सुखद स्तर पर दर्ज होगा. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 4 अक्टूबर तक इन मैदानी जिलों में वर्षा होने का कोई अंदेशा नहीं है. तराई और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मौसम का मिजाज तराई अंचल के प्रमुख जिले उधम सिंह नगर के नगरों जैसे रुद्रपुर, काशीपुर और खटीमा में 2 अक्टूबर को सुबह के समय हल्का कोहरा देखने को मिलेगा. इसके पश्चात दोपहर के समय आसमान पूरी तरह साफ और खुला रहेगा, जिससे जनजीवन सामान्य गति से चलता रहेगा. दूसरी ओर सरोवर नगरी नैनीताल, अल्मोड़ा और मुक्तेश्वर जैसे विख्यात पर्यटन केंद्रों पर आबोहवा बेहद खुशनुमा और ताजगी भरी रहने वाली है. इन पर्यटन स्थलों पर आने वाले सैलानियों और स्थानीय नागरिकों को लगातार होने वाली मानसूनी बारिश से पूर्ण मुक्ति मिल गई है, जिससे वे खिली हुई धूप का आनंद ले सकेंगे. चारधाम यात्रा मार्गों पर राहत और 5 अक्टूबर से बदलाव के संकेत उत्तरकाशी, चमोली तथा रुद्रप्रयाग जनपदों में स्थित प्रमुख तीर्थ स्थलों बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए वर्तमान मौसमी बदलाव बड़ी सहूलियत लेकर आया है. आगामी 4 अक्टूबर तक इन सभी पहाड़ी जिलों में वायुमंडल पूरी तरह शुष्क रहेगा और यात्रा मार्गों पर किसी भी प्रकार की मौसम चेतावनी लागू नहीं है. इसके बावजूद मौसम विभाग ने सचेत किया है कि 5 अक्टूबर से उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज दोबारा करवट लेगा, जिससे कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी और बिजली चमकने की परिस्थितियां बन सकती हैं. 5 से 7 अक्टूबर तक का साप्ताहिक मौसमी पूर्वानुमान आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग ने चरणबद्ध दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है. 2 से 4 अक्टूबर की अवधि में राज्य के संपूर्ण 13 जिलों में मौसम पूरी तरह सूखा और स्थिर बना रहेगा तथा किसी भी क्षेत्र के लिए कोई चेतावनी प्रभावी नहीं रहेगी. इसके उपरांत 5 अक्टूबर को हरिद्वार और उधम सिंह नगर में शुष्क स्थिति बरकरार रहेगी, परंतु पहाड़ी जिलों के कुछ हिस्सों में बहुत हल्की से हल्की वर्षा के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है. आगे बढ़ते हुए 6 अक्टूबर को देहरादून, टिहरी, नैनीताल, चम्पावत और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश तथा बिजली गिरने का अनुमान है, जबकि अन्य जिलों में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं. अंततः 7 अक्टूबर को पूरे राज्य के सभी जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अनुमान व्यक्त किया गया है. इसका आप पर असर उत्तराखंड में मानसून की विदाई और कोहरे की शुरुआत का सीधा असर जनजीवन, यातायात और तीर्थयात्रा पर पड़ेगा. • भारत में: चारधाम यात्रा की योजना बना रहे देश भर के श्रद्धालुओं को 4 अक्टूबर तक साफ और सुरक्षित मौसम का लाभ मिलेगा. यात्रा के दौरान भारी बारिश या भूस्खलन का कोई खतरा नहीं रहेगा, जिससे सुगम दर्शन किए जा सकेंगे. • उत्तराखंड में: राज्य के मैदानी इलाकों में सुबह के समय कोहरा छाने से सड़क यातायात की रफ्तार धीमी पड़ सकती है. हरिद्वार, रुड़की और उधम सिंह नगर के हाईवे पर तड़के वाहन चलाते समय ड्राइवरों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी. • पर्यटन क्षेत्र पर: नैनीताल, मुक्तेश्वर और अल्मोड़ा जैसे हिल स्टेशनों में खिली धूप के कारण आगामी सप्ताहांत में पर्यटकों की आमद बढ़ने की उम्मीद है. होटल कारोबारी और स्थानीय टूर ऑपरेटर इस साफ मौसम का पूरा फायदा उठा सकेंगे. • स्वास्थ्य और रहन-सहन: दिन में धूप और सुबह-शाम गुलाबी ठंडक बढ़ने से मौसमी बीमारियों का जोखिम उभर सकता है. बुजुर्गों और बच्चों को सुबह की सैर के समय हल्के गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है. ऐसा क्यों हुआ उत्तराखंड में मानसून प्रणाली के कमजोर पड़ने और शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने से यह मौसमी बदलाव देखा जा रहा है. • मानसून की विदाई: मानसूनी हवाओं की तीव्रता बेहद कमजोर पड़ चुकी है जिसके कारण बादलों की सक्रियता घट गई है. इसके चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर लगभग थम गया है. • तापमान और कोहरे का तंत्र: रात के समय आसमान साफ रहने से सतह की गर्मी तेजी से अंतरिक्ष में विकिरणित होती है, जिससे तड़के सतही तापमान गिर जाता है. जब यह ठंडी हवा तराई और मैदानी नमी से मिलती है, तो छिछला और मध्यम कोहरा बनता है. • आगामी पश्चिमी विक्षोभ या मौसमी हलचल: 5 अक्टूबर से पर्वतीय वायुमंडल में फिर से अस्थिरता बढ़ने के संकेत हैं. यह स्थिति 6 और 7 अक्टूबर को राज्यव्यापी हल्की से मध्यम वर्षा का नया दौर शुरू कर सकती है. सवाल-जवाब 1. 2 अक्टूबर को उत्तराखंड के किन जिलों में बारिश का अनुमान है? मौसम विभाग के अनुसार 2 अक्टूबर को राज्य के सभी 13 जिलों में मौसम शुष्क और साफ रहेगा तथा बारिश की कोई संभावना नहीं है. 2. किन क्षेत्रों में सुबह के समय कोहरा देखने को मिलेगा? हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश और उधम सिंह नगर के मैदानी व खुले इलाकों में सुबह छिछले से मध्यम स्तर का कोहरा छा सकता है. 3. चारधाम यात्रा मार्गों पर 4 अक्टूबर तक मौसम कैसा रहेगा? उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जनपदों में 4 अक्टूबर तक मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहेगा तथा कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है. 4. उत्तराखंड में बारिश का नया दौर कब से शुरू हो सकता है? 5 अक्टूबर से पर्वतीय जिलों में छिटपुट बारिश शुरू होगी, जबकि 6 और 7 अक्टूबर को कई जनपदों में हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है. https://trendkia.com/uttarakhand/uttarakhand-men-manasuna-hua-kamajora-4-aktubara-taka-sabhi-13-jilon-men-khili-dhupa-ke-bicha-subaha-kohare-ka-saya-41550 TrendKia — Har trend, sabse pehle.